8 अगस्त 2026
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नीट यूजी 2026: नागपुर के अभ्यर्थी को अबू धाबी परीक्षा केंद्र आवंटित, एनटीए ने माना तकनीकी गलती

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नीट यूजी 2026: नागपुर के अभ्यर्थी को अबू धाबी परीक्षा केंद्र आवंटित, एनटीए ने माना तकनीकी गलती

सारांश

नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से एक दिन पहले नागपुर के अभ्यर्थी अब्दुल्ला को एनटीए ने अबू धाबी में परीक्षा केंद्र दे दिया — जबकि उसने सिर्फ भारतीय शहर चुने थे। एनटीए ने तकनीकी गलती मानी, पर छात्र सदमे में है। यह एनटीए की विश्वसनीयता पर एक और सवाल है।

मुख्य बातें

नागपुर के नीट यूजी 2026 अभ्यर्थी अब्दुल्ला को एनटीए ने अबू धाबी, UAE में परीक्षा केंद्र आवंटित किया, जबकि उसने नागपुर, वर्धा और भंडारा को प्राथमिकता दी थी।
यह गलती 20 जून 2026 को उजागर हुई — 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा से महज एक दिन पहले।
पिता मोहम्मद तालिब के अनुसार, अब्दुल्ला गहरे सदमे में है और दवा लेकर सो रहा है।
NTA अधिकारियों ने गलती स्वीकार की और इसे तकनीकी खराबी बताया; शाम 4 बजे दोबारा संपर्क का आश्वासन दिया।
परिवार की एकमात्र माँग: अब्दुल्ला को परीक्षा में बैठने का उचित अवसर मिले।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की एक गंभीर प्रशासनिक चूक उस वक्त सामने आई जब नागपुर, महाराष्ट्र के नीट यूजी 2026 अभ्यर्थी अब्दुल्ला के एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दर्ज हो गया — जबकि उसने आवेदन में नागपुर, वर्धा और भंडारा को अपनी पसंद के शहरों के रूप में चुना था। यह घटना 20 जून 2026 को उजागर हुई, यानी 21 जून को निर्धारित दोबारा परीक्षा से ठीक एक रात पहले।

क्या हुआ: घटनाक्रम

अब्दुल्ला के पिता मोहम्मद तालिब ने बताया कि उनके बेटे ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान केवल भारतीय शहरों — नागपुर, वर्धा और भंडारा — को परीक्षा केंद्र के रूप में चुना था। इससे पहले हुई नीट परीक्षा में भी अब्दुल्ला को नागपुर में ही केंद्र मिला था और वह परीक्षा बिना किसी बाधा के संपन्न हुई थी। तालिब के अनुसार, उन्होंने कभी भी भारत के बाहर किसी केंद्र के लिए अनुरोध नहीं किया था।

तालिब ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि ऐसा कैसे हुआ। अब सिर्फ एजेंसी ही इसका कारण बता सकती है। हमने परीक्षा के लिए अपनी पसंद के तीन केंद्र चुने थे, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे हमें अबू धाबी क्यों भेजना चाहते हैं।'

अभ्यर्थी की मानसिक स्थिति

परिवार ने बताया कि अबू धाबी में केंद्र आवंटन की जानकारी मिलते ही अब्दुल्ला गहरे सदमे में आ गया। तालिब ने कहा, 'अबू धाबी सेंटर के बारे में सुनकर मेरा बेटा सदमे में आ गया। दवा लेने के बाद वह अभी सो रहा है। जब भी हम उससे बात करने की कोशिश करते हैं, वह टूट जाता है और रोने लगता है।' यह ऐसे समय में आया है जब छात्र परीक्षा की तैयारी के अंतिम चरण में था।

एनटीए ने स्वीकारी गलती

तालिब के अनुसार, जब परिवार ने NTA अधिकारियों से संपर्क किया, तो उन्होंने इस गलती को स्वीकार किया और इसे तकनीकी खराबी बताया। अधिकारियों ने परिवार को आश्वस्त किया कि वे उसी शाम 4 बजे दोबारा संपर्क करेंगे और समस्या का समाधान करेंगे। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नीट परीक्षा प्रक्रिया में प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप सामने आए हों — 2024 में पेपर लीक विवाद के बाद एनटीए पहले से ही जाँच के दायरे में है।

परिवार की माँग

तमाम परेशानियों के बावजूद परिवार की एकमात्र माँग यह है कि अब्दुल्ला को परीक्षा में बैठने का उचित अवसर मिले। तालिब ने कहा, 'हम बस यही चाहते हैं कि हमारा बेटा परीक्षा में बैठ सके। नतीजा चाहे जो भी हो, वह बाद की बात है।'

आगे क्या होगा

यह मामला उस व्यापक चिंता को रेखांकित करता है जो नीट परीक्षा की पारदर्शिता और एनटीए की प्रशासनिक क्षमता को लेकर देशभर में बनी हुई है। अब नज़रें इस बात पर हैं कि NTA इस तकनीकी गलती को परीक्षा से पहले सुधारती है या नहीं, और क्या अब्दुल्ला को 21 जून 2026 की परीक्षा में शामिल होने का मौका मिल पाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऐसे में परीक्षा से एक रात पहले किसी अभ्यर्थी को विदेश में केंद्र मिलना यह दर्शाता है कि सुधार की प्रक्रिया अभी भी सतही है। सवाल यह है कि जब एनटीए खुद 'तकनीकी खराबी' मान रही है, तो ऐसी खराबियाँ पकड़ने के लिए परीक्षा से पहले कोई आंतरिक जाँच तंत्र क्यों नहीं है? जब तक एनटीए में जवाबदेही का ठोस ढाँचा नहीं बनता, ऐसे मामले दोहराते रहेंगे और छात्रों का भरोसा और टूटता रहेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागपुर के नीट अभ्यर्थी को अबू धाबी केंद्र कैसे मिला?
एनटीए द्वारा जारी एडमिट कार्ड में तकनीकी खराबी के कारण नागपुर के अभ्यर्थी अब्दुल्ला को अबू धाबी, UAE में परीक्षा केंद्र आवंटित हो गया, जबकि उसने आवेदन में केवल नागपुर, वर्धा और भंडारा को प्राथमिकता दी थी। एनटीए अधिकारियों ने इस गलती को स्वीकार किया है।
क्या एनटीए ने इस गलती को माना?
हाँ, अभ्यर्थी के पिता मोहम्मद तालिब के अनुसार, एनटीए अधिकारियों ने परिवार से संपर्क कर गलती स्वीकार की और इसे तकनीकी खराबी बताया। उन्होंने 20 जून की शाम 4 बजे तक समाधान का आश्वासन दिया।
क्या अब्दुल्ला 21 जून की नीट परीक्षा में बैठ पाएगा?
यह अभी स्पष्ट नहीं है। एनटीए ने समस्या सुलझाने का भरोसा दिलाया है, लेकिन परीक्षा से महज एक दिन पहले केंद्र बदलने की प्रक्रिया की पुष्टि नहीं हुई थी। परिवार की माँग है कि अब्दुल्ला को भारत में परीक्षा देने का उचित मौका दिया जाए।
नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा क्यों हो रही है?
नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून 2026 को निर्धारित की गई है। इससे पहले हुई परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों के लिए पुनः परीक्षा की आवश्यकता पड़ी। एनटीए इस पूरी प्रक्रिया का संचालन कर रही है।
इस घटना से एनटीए की विश्वसनीयता पर क्या असर पड़ता है?
2024 के पेपर लीक विवाद के बाद एनटीए पहले से ही आलोचनाओं के घेरे में है। इस नई प्रशासनिक चूक ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि परीक्षा से एक रात पहले इस तरह की गलती सामने आना एजेंसी की आंतरिक जाँच प्रक्रिया पर सवाल उठाती है।
राष्ट्र प्रेस
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