नीट यूजी 2025: नागपुर के अब्दुल्लाह को मिला नागपुर केंद्र, पिता मोहम्मद तालिब ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
नागपुर के छात्र अब्दुल्लाह को नीट यूजी 2025 परीक्षा से एक दिन पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने संशोधित परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया है। पहले उसे कथित तौर पर अबू धाबी (यूएई) का केंद्र दिया गया था, जबकि आवेदन में केवल नागपुर, वर्धा और भंडारा को प्राथमिकता दी गई थी। अब जारी एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र के रूप में नागपुर का 'पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय अजनी' दर्ज है।
मामला क्या था
छात्र अब्दुल्लाह ने नीट यूजी के आवेदन पत्र में परीक्षा केंद्र के लिए तीन जिलों — नागपुर, वर्धा और भंडारा — का चयन किया था और नागपुर को पहली प्राथमिकता दी थी। इसके बावजूद उन्हें अबू धाबी का केंद्र आवंटित कर दिया गया, जो परिवार के लिए न केवल अव्यावहारिक था, बल्कि आर्थिक और मानसिक दृष्टि से भी एक बड़ा झटका था।
मामला सार्वजनिक होने के बाद परिजनों ने एनटीए से शिकायत दर्ज कराई और आवंटन में हुई इस कथित त्रुटि पर सवाल उठाए। विवाद के तूल पकड़ने के बाद एनटीए ने छात्र का केंद्र संशोधित कर नागपुर में ही परीक्षा का इंतजाम किया।
एनटीए का पक्ष और परिवार का खंडन
एनटीए ने अपने बचाव में दावा किया कि केंद्र का चयन स्वयं अभ्यर्थी ने किया था और एजेंसी की ओर से कोई गलती नहीं हुई। हालांकि, छात्र के पिता मोहम्मद तालिब ने इस दावे को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदन पत्र में केवल तीन जिलों का उल्लेख था और अबू धाबी का विकल्प कभी नहीं चुना गया।
मोहम्मद तालिब ने कहा, 'हमने फॉर्म में तीन जिलों का चयन किया था। नागपुर हमारी पहली प्राथमिकता थी। फिर अबू धाबी का केंद्र कैसे आवंटित हो गया, यह हमें समझ नहीं आता। एनटीए के आरोपों पर फिलहाल मैं शांत हूं, लेकिन भविष्य में इस पर प्रतिक्रिया दूंगा।'
परिवार की राहत, लेकिन चिंता बरकरार
केंद्र बदलने के बाद मोहम्मद तालिब ने उन सभी लोगों का आभार जताया जिन्होंने इस मुद्दे को उठाने और समाधान तक पहुंचाने में सहयोग किया। उन्होंने कहा, 'जद्दोजहद और सभी लोगों के समर्थन की वजह से हमें कामयाबी मिली है। हम बहुत खुश हैं कि परीक्षा केंद्र नागपुर में मिल गया है।'
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के कारण उनके बेटे को गंभीर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा है और वह अब परीक्षा देने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, 'एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। फिर भी हम उसे समझाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वह परीक्षा में शामिल होता है तो यह अच्छी बात होगी।'
एनटीए की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब एनटीए पहले से ही परीक्षा प्रक्रिया को लेकर विभिन्न सवालों के घेरे में है। गौरतलब है कि नीट यूजी 21 जून को आयोजित होनी थी और परीक्षा से महज एक दिन पहले केंद्र आवंटन में इस तरह की गड़बड़ी ने एजेंसी की प्रक्रियागत विश्वसनीयता पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसी चूक छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और एनटीए को अपनी प्रणाली में पारदर्शिता लानी होगी।
आने वाले दिनों में मोहम्मद तालिब के एनटीए की कार्यप्रणाली पर औपचारिक प्रतिक्रिया देने की संभावना है, जो इस मामले को और व्यापक बना सकती है।