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NEET पेपर लीक पर छात्रों का आक्रोश जायज़: दिलीप जायसवाल, PM मोदी के निर्देश पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट

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NEET पेपर लीक पर छात्रों का आक्रोश जायज़: दिलीप जायसवाल, PM मोदी के निर्देश पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट

सारांश

NEET पेपर लीक पर बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने छात्रों के आक्रोश को जायज़ ठहराया और कहा कि PM मोदी के निर्देश पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट के ज़रिये दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही खासमहल ज़मीनों को फ्रीहोल्ड बनाने की नई नीति का भी ऐलान किया गया।

मुख्य बातें

बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने 24 जुलाई को कहा कि NEET पेपर लीक पर छात्रों का आक्रोश पूरी तरह स्वाभाविक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट के ज़रिये त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
मंत्री श्रवण कुमार ने छात्र आंदोलन को राजनीतिक दलों से प्रेरित बताया; कहा — वास्तविक छात्र हिंसा में शामिल नहीं।
BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विपक्ष पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया और लोकसभा में बहस की माँग की।
पूरे बिहार में खासमहल ज़मीनों का डेटाबेस तैयार कर उन्हें फ्रीहोल्ड में बदलने की नई नीति बनाई जाएगी।

बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने 24 जुलाई को पटना में कहा कि NEET परीक्षा में पेपर लीक की घटना से छात्रों में जो आक्रोश है, वह पूरी तरह स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है और दोषियों के विरुद्ध फास्ट-ट्रैक कोर्ट के ज़रिये त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

जायसवाल ने कहा कि जो छात्र वर्षों की कठिन मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं, उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुन रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

मंत्री श्रवण कुमार ने भी प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो संदेश का स्वागत करते हुए कहा कि परीक्षा से जुड़े अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करना और संगठित गिरोह के तहत कार्रवाई करना सराहनीय कदम हैं। उन्होंने दोहराया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

खासमहल भूमि नीति पर पहल

इसी अवसर पर जायसवाल ने बताया कि खासमहल सिटिजन सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवों ने भाग लिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे बिहार में खासमहल ज़मीनों का विस्तृत डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इस डेटाबेस के आधार पर राज्य सरकार ऐसी ज़मीनों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नई नीति तैयार करेगी, जिससे लंबे समय से लंबित भूमि-संबंधी मामलों का समाधान हो सके।

छात्र आंदोलन पर सरकार का पक्ष

मंत्री श्रवण कुमार ने चल रहे छात्र आंदोलन को राजनीतिक दलों से प्रेरित बताया। उनके अनुसार यह वास्तविक छात्र आंदोलन नहीं है, बल्कि सत्ता से बाहर हुए दलों के निराश कार्यकर्ताओं की गतिविधि है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व समाज में अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं और कानून के अनुसार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि हिंसा की घटनाओं के लिए विपक्ष जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, 'पढ़ने आए हमारे छात्र हिंसा में शामिल नहीं हो सकते — दिल्ली और पटना समेत देश भर से सबूत सामने आए हैं।' सरावगी ने विपक्ष से पूछा कि वह लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा से क्यों बच रहा है।

सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल समाप्त करने पर प्रतिक्रिया

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल समाप्त करने पर जायसवाल ने कहा कि वांगचुक एक अच्छे व्यक्ति हैं, लेकिन उनके आंदोलन का कुछ देश-विरोधी और विदेशी ताकतों ने कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया। सरावगी ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भूख हड़ताल समाप्त करवाने में मदद की।

आगे क्या होगा

सरकार के अनुसार, NEET पेपर लीक मामले में दोषियों के विरुद्ध फास्ट-ट्रैक कोर्ट के ज़रिये शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी। खासमहल भूमि नीति के तहत डेटाबेस तैयार होने के बाद नई नीति लागू की जाएगी। यह देखना बाकी है कि केंद्र और राज्य सरकार के ये कदम छात्रों के आक्रोश को शांत करने में कितने कारगर साबित होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों एक साथ विरोधाभासी संदेश देते हैं। फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा स्वागतयोग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि परीक्षा तंत्र में सेंध कैसे लगी और जवाबदेही किस स्तर तक तय होगी। खासमहल भूमि नीति एक दीर्घकालिक मुद्दे का समाधान हो सकती है, बशर्ते डेटाबेस पारदर्शी तरीके से तैयार हो और नीति लागू होने की समयसीमा स्पष्ट हो।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NEET पेपर लीक मामले में सरकार क्या कार्रवाई करेगी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट के ज़रिये त्वरित सुनवाई और कड़ी सज़ा सुनिश्चित की जाएगी। बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल और श्रवण कुमार दोनों ने पुष्टि की है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
दिलीप जायसवाल ने छात्रों के आंदोलन पर क्या कहा?
जायसवाल ने कहा कि कठिन मेहनत के बाद पेपर लीक से प्रभावित छात्रों का गुस्सा पूरी तरह स्वाभाविक है और सरकार उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुन रही है।
बिहार में खासमहल ज़मीनों को फ्रीहोल्ड बनाने की क्या योजना है?
खासमहल सिटिजन सोसाइटी के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे बिहार में खासमहल ज़मीनों का विस्तृत डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार इन ज़मीनों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नई नीति लागू करेगी।
मंत्री श्रवण कुमार ने छात्र आंदोलन को राजनीतिक क्यों बताया?
श्रवण कुमार के अनुसार, यह वास्तविक छात्र आंदोलन नहीं है बल्कि सत्ता से बाहर हुए दलों के निराश कार्यकर्ताओं की गतिविधि है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व समाज में अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल समाप्त होने पर सरकार की क्या प्रतिक्रिया रही?
BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भूख हड़ताल समाप्त करवाने में मदद की। मंत्री जायसवाल ने कहा कि वांगचुक अच्छे व्यक्ति हैं, लेकिन उनके आंदोलन का कथित तौर पर कुछ देश-विरोधी और विदेशी ताकतों ने गलत इस्तेमाल किया।
राष्ट्र प्रेस
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