30 अगस्त 2026
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दुर्गापुर में नेहरू की प्रतिमा तोड़ी गई, कांग्रेस ने BJP पर लगाया आरोप — 24 घंटे में पुनर्स्थापना की मांग

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दुर्गापुर में नेहरू की प्रतिमा तोड़ी गई, कांग्रेस ने BJP पर लगाया आरोप — 24 घंटे में पुनर्स्थापना की मांग

सारांश

दुर्गापुर में नेहरू की प्रतिमा क्रेन से उखाड़कर जंगल में फेंके जाने का आरोप — कांग्रेस ने BJP को जिम्मेदार ठहराया, BJP ने TMC पर पलटवार किया। 24 घंटे का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी। बंगाल में तीन दलों के बीच प्रतिमा-राजनीति एक बार फिर भड़की।

मुख्य बातें

दुर्गापुर के हर्षवर्धन प्राथमिक विद्यालय के निकट जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा कथित तौर पर क्रेन से उखाड़कर जंगल में फेंकी गई।
WBPCC ने BJP पर आरोप लगाया और पुलिस को 24 घंटे में प्रतिमा पुनर्स्थापित करने का अल्टीमेटम दिया।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष देबेश चक्रवर्ती ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
BJP विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने आरोप खारिज कर TMC पर जिम्मेदारी डाली।
कांग्रेस का दावा — राखी बंधन समारोह के लिए जगह खाली करने को प्रतिमा हटाई गई, विधायक भी कार्यक्रम में थे।

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को कथित तौर पर क्रेन से उखाड़कर पास के जंगल में फेंक दिए जाने की घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (WBPCC) ने रविवार, 30 अगस्त को इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस को 24 घंटे के भीतर प्रतिमा पुनर्स्थापित करने का अल्टीमेटम दिया है।

घटनाक्रम: कैसे हटाई गई प्रतिमा

जानकारी के अनुसार, दुर्गापुर के हर्षवर्धन प्राथमिक विद्यालय के निकट स्थित एक ध्यान केंद्र के सामने नेहरू की एक विशाल प्रतिमा स्थापित थी। कांग्रेस का आरोप है कि शुक्रवार को उस स्थान पर राखी बंधन समारोह आयोजित करने के लिए जगह खाली करने के उद्देश्य से प्रतिमा को क्रेन से उठाकर स्कूल के बगल वाले जंगल में फेंक दिया गया। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि उस समारोह में दुर्गापुर पूर्व के विधायक भी उपस्थित थे।

कांग्रेस का आरोप और अल्टीमेटम

कांग्रेस जिला अध्यक्ष देबेश चक्रवर्ती ने कहा, 'जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को क्रेन से उखाड़कर इस तरह जंगल में फेंक दिया गया। दुर्गापुर पूर्व के विधायक भी उस समारोह में मौजूद थे। हम देश के पूर्व प्रधानमंत्री के इस अपमान को स्वीकार नहीं करेंगे। हम पुलिस को 24 घंटे का समय दे रहे हैं — नहीं तो हम आंदोलन शुरू करेंगे।'

जिला कांग्रेस नेतृत्व ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर इस तोड़फोड़ का आरोप लगाया है और पूछा कि 'देश के पहले प्रधानमंत्री का इस तरह अपमान क्यों किया जा रहा है।'

BJP विधायक का पलटवार

दुर्गापुर पूर्व के BJP विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने दावा किया, 'कांग्रेस में दो गुट हैं। एक गुट चुपके से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गया है और इसी तृणमूल ने जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को तोड़ा है। कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर BJP पर आरोप लगाने की कोशिश कर रही है।'

बनर्जी ने यह भी कहा कि एक बार आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (ADDA) की पहल पर हुई तोड़फोड़ के दौरान उनके हस्तक्षेप से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा बची थी। उन्होंने कहा, 'नेहरू की प्रतिमा तोड़ने के पीछे भी BJP नहीं है — हम भी दोषियों के लिए अनुकरणीय सजा चाहते हैं।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC), BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि राज्य में ऐतिहासिक नेताओं की प्रतिमाओं को लेकर विवाद पहले भी उठते रहे हैं, और यह घटना उसी श्रृंखला की एक कड़ी प्रतीत होती है। तीनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की पृष्ठभूमि में और अधिक राजनीतिक रंग ले रहा है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि 24 घंटे के भीतर प्रतिमा पुनर्स्थापित नहीं की गई तो वह बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेगी। पुलिस की भूमिका और प्रशासन की प्रतिक्रिया इस विवाद की अगली दिशा तय करेगी। फिलहाल, घटना की जाँच की स्थिति अधिकारियों की ओर से स्पष्ट नहीं की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

BJP और TMC — एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन कोई भी स्वतंत्र जाँच की माँग नहीं कर रहा। असली सवाल यह है कि प्रशासन और पुलिस इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे या नहीं — क्योंकि राज्य में सत्तारूढ़ TMC के दबाव में पुलिस की निष्पक्षता पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। जब तक जाँच पारदर्शी नहीं होती, यह विवाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मंच बना रहेगा।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गापुर में नेहरू की प्रतिमा के साथ क्या हुआ?
दुर्गापुर के हर्षवर्धन प्राथमिक विद्यालय के निकट एक ध्यान केंद्र के सामने स्थापित नेहरू की प्रतिमा को कथित तौर पर क्रेन से उखाड़कर पास के जंगल में फेंक दिया गया। कांग्रेस के अनुसार यह राखी बंधन समारोह के लिए जगह खाली करने के उद्देश्य से किया गया।
कांग्रेस ने किस पर आरोप लगाया है और क्या मांग की है?
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने BJP पर यह कृत्य करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि प्रतिमा उसके मूल स्थान पर पुनर्स्थापित की जाए, अन्यथा बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
BJP विधायक ने इस मामले में क्या कहा?
दुर्गापुर पूर्व के BJP विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया और दावा किया कि कांग्रेस का एक गुट TMC के साथ मिला हुआ है और इसी ने प्रतिमा तोड़ी है। उन्होंने कहा कि BJP इसके पीछे नहीं है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
यह घटना राजनीतिक रूप से क्यों अहम है?
यह घटना पश्चिम बंगाल में BJP, TMC और कांग्रेस के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आई है। ऐतिहासिक नेताओं की प्रतिमाओं को लेकर विवाद राज्य में पहले भी होते रहे हैं, और यह मामला आगामी स्थानीय चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है।
अब आगे क्या होने की उम्मीद है?
कांग्रेस के 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद पुलिस और जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया निर्णायक होगी। यदि प्रतिमा समय पर पुनर्स्थापित नहीं हुई तो कांग्रेस के बड़े विरोध प्रदर्शन की संभावना है। घटना की जाँच की स्थिति अभी तक अधिकारियों की ओर से स्पष्ट नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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