नेपाल बाढ़ त्रासदी पर रामकृपाल यादव: 'बेटी-रोटी का संबंध, भारत हर तरह से कर रहा सहयोग'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार में सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने 29 अगस्त को पटना में नेपाल बाढ़ त्रासदी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत अपने पड़ोसी देश को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने नेपाल को 'बेटी-रोटी का संबंध' वाला मित्र देश बताते हुए कहा कि राहत सामग्री की कई खेप पहले ही रवाना की जा चुकी हैं।
नेपाल त्रासदी पर भारत का रुख
रामकृपाल यादव ने कहा, 'बाढ़ की विभीषिका से नेपाल त्रस्त हो गया है, जान-माल की बहुत क्षति हुई है। शायद इतनी बड़ी क्षति कभी नहीं हुई होगी।' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नेपाल के प्रधानमंत्री से सीधी बातचीत की गई है और भारत की तरफ से हर तरह के सहयोग का आश्वासन दिया गया है। यादव ने जोर देकर कहा कि भारत पहले से ही नेपाल का स्वाभाविक सहयोगी रहा है और यह सहायता उसी परंपरा की अगली कड़ी है।
आरएसएस प्रमुख की अमेरिका यात्रा पर प्रतिक्रिया
न्यूयॉर्क में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर यादव ने इसे 'स्वागत योग्य' बताया। उनके अनुसार, यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक और सामाजिक विचारधारा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर है।
बंगाल में दुर्गा पूजा और सांप्रदायिक सद्भाव
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पंडालों के निकट मांस की बिक्री पर रोक लगाने की विश्व हिंदू परिषद (VHP) की माँग पर यादव ने कहा कि अगर सरकार ने सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए कानून के तहत कोई निर्णय लिया है, तो वह स्वागत योग्य है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना के साथ काम कर रही हैं और राज्य में अराजकता पर अंकुश लगाया गया है। गौरतलब है कि दुर्गा पूजा को उन्होंने पूरे देश, विशेषकर सनातन परंपरा के अनुयायियों के लिए, अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व बताया।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर सरकार की प्रतिबद्धता
महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर यादव ने स्पष्ट किया कि ये दोनों केंद्र सरकार की प्रतिबद्धताएँ हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की जनता से वादा किया है और उन्हें जनादेश भी मिला है। यादव के अनुसार, सरकार इन दोनों मुद्दों पर खुली बहस के लिए एक विशेष संसद सत्र बुलाना चाहती है और दोनों कानूनों को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन की समयसीमा को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
आगे क्या
नेपाल में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और भारतीय राहत दल वहाँ सक्रिय हैं। महिला आरक्षण और परिसीमन पर विशेष सत्र की संभावित तारीख की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सरकार के भीतर से संकेत मिल रहे हैं कि यह मुद्दा आगामी संसदीय कार्यक्रम में प्राथमिकता पर है।