नेपाल बाढ़: फंसे मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए CM मोहन यादव ने खोला कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन जारी
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण मध्य प्रदेश के कई नागरिक वहाँ फंसे हुए हैं और वापस नहीं लौट पा रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 27 अगस्त को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में अपने नागरिकों के साथ पूरी तरह खड़ी है और उनकी सहायता के लिए नई दिल्ली में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
नेपाल में बाढ़ की विभीषिका
नेपाल में हाल के दिनों में हुई भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। बड़ी संख्या में लोगों की मौत की खबरें हैं और कई इलाके जलमग्न हैं। इस आपदा में भारत के विभिन्न राज्यों से नेपाल गए पर्यटक भी प्रभावित हुए हैं, जिनमें मध्य प्रदेश के नागरिक भी शामिल हैं। फंसे हुए लोगों के परिजन गहरी चिंता में हैं।
सरकार की त्वरित पहल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नेपाल त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि सरकार जनता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फंसे हुए नागरिकों को हर संभव सहायता मुहैया कराई जाएगी। इसी क्रम में नई दिल्ली में कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया है, जो प्रभावितों और उनके परिजनों के लिए मुख्य संपर्क केंद्र का काम करेगा।
हेल्पलाइन और संपर्क विवरण
राज्य सरकार ने सहायता के लिए निम्नलिखित संपर्क माध्यम जारी किए हैं:
हेल्पलाइन नंबर: 011-26772005
व्हाट्सएप नंबर: 9818963273
इसके अलावा एक ईमेल आईडी भी जारी की गई है। नेपाल में फंसे मध्य प्रदेश के नागरिक या उनके परिजन इन माध्यमों से सहायता और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है और वापसी के रास्ते अवरुद्ध हैं। फंसे पर्यटकों के परिवारों के लिए यह कंट्रोल रूम एकमात्र आधिकारिक संपर्क सूत्र है। राज्य सरकार की यह पहल उन परिवारों को राहत देने की कोशिश है जो अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
क्या होगा आगे
नेपाल में स्थिति सामान्य होने और मार्ग खुलने के साथ ही फंसे नागरिकों की वापसी की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि कंट्रोल रूम तब तक सक्रिय रहेगा जब तक सभी प्रभावित नागरिक सुरक्षित वापस नहीं लौट आते।