9 अक्टूबर 2026
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किश्तवाड़ आतंकी हमला: एनआईए ने जम्मू कोर्ट में 535 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, तीन पाकिस्तानी आतंकी नामज़द

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किश्तवाड़ आतंकी हमला: एनआईए ने जम्मू कोर्ट में 535 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, तीन पाकिस्तानी आतंकी नामज़द

सारांश

एनआईए ने किश्तवाड़ हमले में 535 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की — जिसमें पाकिस्तान से जुड़े षड्यंत्र, जेईएम के अजराइल ग्रुप की भूमिका और स्थानीय आरोपी मनीर अहमद द्वारा आतंकियों को दी गई शरण का विस्तृत ब्योरा है। पाँच महीने की जांच के बाद यह मामला अब अदालती कार्यवाही के अहम दौर में पहुँच गया है।

मुख्य बातें

एनआईए ने 9 अक्टूबर 2026 को विशेष एनआईए अदालत, जम्मू में 535 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की।
चार्जशीट में गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद (निवासी नैदगाम, किश्तवाड़) और तीन मारे गए पाकिस्तानी आतंकियों को नामज़द किया गया है।
आतंकी कमांडर सैफुल्लाह प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के कश्मीर टाइगर्स (अजराइल ग्रुप) से जुड़ा था।
हमला 22 फरवरी 2026 को किश्तवाड़ के चतरू क्षेत्र, वानी मोहल्ला में हुआ था; सुरक्षा बलों की कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए।
मनीर अहमद पर यूएपीए के तहत आतंकियों को शरण देने और भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।
एनआईए ने साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े होने का दावा किया है; आगे की जांच जारी है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 9 अक्टूबर 2026 को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में हुए आतंकी हमले के मामले में विशेष एनआईए अदालत, जम्मू में 535 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद के साथ-साथ तीन मारे गए पाकिस्तानी आतंकियों को भी नामज़द किया गया है। यह हमला 22 फरवरी 2026 को किश्तवाड़ जिले के चतरू क्षेत्र के वानी मोहल्ला, पासेर कोटे में हुआ था।

चार्जशीट में किन पर लगे आरोप

एनआईए ने चार्जशीट में गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद, पुत्र मोहम्मद यूसुफ कोली, निवासी नैदगाम, चतरू, इंदरवाल, जिला किश्तवाड़, को नामज़द किया है। तीन मारे गए पाकिस्तानी आतंकियों में प्रमुख नाम सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह कश्मीरी उर्फ अतीक नजीर उर्फ अतीक उर रहमान का है। एजेंसी के अनुसार, इन आतंकियों का नेतृत्व सैफुल्लाह कर रहा था।

मनीर अहमद पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) के तहत आतंकियों को शरण देने और छिपाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, चार्जशीट में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने से संबंधित धाराएं भी शामिल की गई हैं।

आतंकी संगठन से संबंध

एनआईए की जांच में सामने आया है कि तीनों आतंकी प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तहत काम करने वाले कश्मीर टाइगर्स (अजराइल ग्रुप) से जुड़े थे। यह समूह किश्तवाड़ जिले के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में सक्रिय रहा और एजेंसी के अनुसार, इसने कई ऐसे हमले किए जिनमें सुरक्षा बलों के जवान और स्थानीय नागरिक हताहत हुए।

गौरतलब है कि सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए थे, जिसके बाद एनआईए ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली।

पाकिस्तान से जुड़े षड्यंत्र का दावा

करीब पाँच महीने तक चली जांच के दौरान एनआईए ने दावा किया है कि इस साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। 535 पन्नों की इस विस्तृत चार्जशीट में साजिश की पूरी रूपरेखा, तीनों मारे गए आतंकियों की भूमिका और मनीर अहमद के कृत्यों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच अभी जारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियाँ सीमापारीय आतंकवाद के नेटवर्क को उखाड़ फेंकने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। किश्तवाड़ जिले में यह हालिया वर्षों में दर्ज किए गए उन मामलों में से एक है जहाँ स्थानीय समर्थन नेटवर्क की भूमिका जांच के केंद्र में रही है।

आगे क्या होगा

विशेष एनआईए अदालत, जम्मू में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अभियोजन पक्ष मुकदमे की तैयारी करेगा। एनआईए ने संकेत दिया है कि अतिरिक्त साक्ष्य और पूरक जांच रिपोर्ट आगे प्रस्तुत की जा सकती है। मनीर अहमद पर यूएपीए के तहत मामला चलाए जाने की प्रक्रिया अदालत के कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ घाटी की तुलना में मीडिया का ध्यान कम जाता है। जेईएम के अजराइल ग्रुप जैसे उपसमूहों का उभरना और स्थानीय समर्थन नेटवर्क की भूमिका यह संकेत देती है कि सुरक्षा एजेंसियों को केवल ऑपरेशनल सफलता नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को तोड़ने की चुनौती से जूझना होगा। पाँच महीने में 535 पन्नों की चार्जशीट दाखिल करना जांच की गति का परिचय देता है, लेकिन असली परीक्षा अदालत में अभियोजन की मज़बूती से तय होगी।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किश्तवाड़ आतंकी हमला कब और कहाँ हुआ था?
यह हमला 22 फरवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चतरू क्षेत्र के वानी मोहल्ला, पासेर कोटे में हुआ था। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए थे।
एनआईए की चार्जशीट में किन पर आरोप लगाए गए हैं?
चार्जशीट में गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद (निवासी नैदगाम, किश्तवाड़) और तीन मारे गए पाकिस्तानी आतंकियों को नामज़द किया गया है, जिनमें आतंकी कमांडर सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह कश्मीरी उर्फ अतीक नजीर उर्फ अतीक उर रहमान प्रमुख है। मनीर अहमद पर यूएपीए के तहत आतंकियों को शरण देने का आरोप है।
किश्तवाड़ हमले में कौन-सा आतंकी संगठन शामिल था?
एनआईए के अनुसार, तीनों आतंकी प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तहत काम करने वाले कश्मीर टाइगर्स (अजराइल ग्रुप) से जुड़े थे। एजेंसी ने साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े होने का दावा किया है।
मनीर अहमद पर क्या आरोप हैं?
मनीर अहमद पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) के तहत आतंकियों को शरण देने और छिपाने के साथ-साथ भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। वह किश्तवाड़ जिले के नैदगाम, चतरू, इंदरवाल का निवासी है।
एनआईए की जांच कहाँ तक पहुँची है?
करीब पाँच महीने की जांच के बाद एनआईए ने विशेष एनआईए अदालत, जम्मू में 535 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच अभी भी जारी है और पूरक रिपोर्ट भविष्य में प्रस्तुत की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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