राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना: मेधावी छात्रों को ₹12,000 सालाना, 31 अक्टूबर तक आवेदन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (NMMSS) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें पात्र मेधावी विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष ₹12,000 की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कक्षा 8 के बाद स्कूल छोड़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखना और उन्हें कक्षा 12 तक पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। नए आवेदनों के पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
मुख्य घटनाक्रम और समयसीमा
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि संस्थान स्तर पर आवेदनों का सत्यापन 15 नवंबर 2026 तक और जिला स्तर पर 30 नवंबर 2026 तक पूरा करना अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने आवेदन एवं सत्यापन प्रक्रिया को समय पर पूरा करने पर विशेष जोर दिया है, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण, प्रमाणीकरण और छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। संस्थानों और जिला स्तर के अधिकारियों को पोर्टल पर सत्यापन प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी दिखाया गया।
क्षेत्रीय कार्यशाला में समीक्षा
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की आर्थिक सलाहकार ए. श्रीजा ने किया। कार्यशाला में योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा हुई और अधिकारियों को पोर्टल के उपयोग से संबंधित जानकारी प्रदान की गई।
कार्यशाला में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने योजना के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियाँ साझा कीं। नए विद्यार्थियों के पंजीकरण, संस्थानों के पोर्टल से जुड़ाव, और तकनीकी दिक्कतों पर गहन चर्चा हुई। लाभार्थी विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव कार्यशाला में साझा किए।
योजना की पात्रता और चयन प्रक्रिया
राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित है। विद्यार्थियों के चयन के लिए संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने स्तर पर परीक्षा आयोजित करते हैं। यह परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लिए पात्र माने जाते हैं।
गौरतलब है कि यह योजना उस महत्वपूर्ण चरण पर ध्यान केंद्रित करती है जहाँ आंकड़ों के अनुसार स्कूल छोड़ने की दर सबसे अधिक होती है — कक्षा 8 के बाद। आर्थिक तंगी की वजह से पढ़ाई बीच में छूटने से रोकने के लिए वार्षिक ₹12,000 की राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाई जाती है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देश में माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों के स्कूल छोड़ने की समस्या चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक कारणों से कक्षा 8 के बाद बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं, जिससे उनके भविष्य की संभावनाएँ सीमित हो जाती हैं।
मंत्रालय ने सभी स्तरों पर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी पात्र विद्यार्थी को योजना का लाभ पाने से वंचित न होने दिया जाए। आने वाले दिनों में राज्य और जिला स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रवृत्ति का वितरण शुरू होने की उम्मीद है।