भजनलाल शर्मा का SC-ST सेवानिवृत्त अधिकारियों से आह्वान: सामाजिक जिम्मेदारी से कभी रिटायरमेंट नहीं
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को जयपुर में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार और समाज के बीच निरंतर संपर्क ही सुशासन की असली नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त अधिकारी सरकारी सेवा छोड़ सकते हैं, लेकिन सामाजिक दायित्वों से मुक्त नहीं हो सकते।
मुख्य संदेश और आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा, 'अधिकारी सरकारी सेवा से रिटायर हो सकते हैं, लेकिन सामाजिक जिम्मेदारियों से कभी रिटायर नहीं होते।' उन्होंने सेवानिवृत्त IAS, IPS, IRS और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने दशकों के प्रशासनिक अनुभव, जमीनी समझ और संस्थागत ज्ञान का उपयोग युवाओं के मार्गदर्शन में करें। शर्मा ने सामाजिक न्याय को राज्य सरकार की नीतियों की आत्मा बताते हुए कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना से वंचित वर्गों के उत्थान में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।
SC-ST कल्याण के लिए प्रमुख योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत करीब 4.25 लाख छात्रों और अनुसूचित जनजाति पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 4.30 लाख छात्रों को लाभ मिला है। बीआर आंबेडकर राजस्थान दलित एवं आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत ₹887 करोड़ के ऋण वितरित किए गए हैं। इसके अलावा, बारां जिले में पीएम-जनमन योजना के तहत 14,636 पात्र परिवारों को आवास का सपना पूरा करने में सहायता मिली है।
गौरतलब है कि बाबा साहेब आंबेडकर आदर्श ग्राम विकास योजना के तहत 10,000 से अधिक आबादी वाले गाँवों में सड़क, पेयजल और कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। आंबेडकर तीर्थ स्थल यात्रा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को बाबा साहेब से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।
छात्रावास भत्ते और मां-बाड़ी केंद्र
शर्मा ने बताया कि छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में छात्रों का मासिक मेस भत्ता ₹2,500 से बढ़ाकर ₹3,250 किया गया है, जबकि खेल अकादमियों के छात्रों का मेस भत्ता ₹2,600 से बढ़ाकर ₹4,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। मां-बाड़ी केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में पिछले दो वर्षों से हर साल 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और 250 नए मां-बाड़ी केंद्र खोलने के आदेश जारी किए गए हैं।
विकास के अन्य आयाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने केवल ढाई वर्षों में 12,000 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता अर्जित की है। राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौता को उन्होंने 'डबल इंजन सरकार' की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण बताया। 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' और 'पंच गौरव' जैसी योजनाओं से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं के विस्तार से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ अतिरिक्त रोजगार भी पैदा हो रहे हैं।
सेवानिवृत्त अधिकारियों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में उपस्थित सेवानिवृत्त अधिकारियों ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि, निःशुल्क कोचिंग कार्यक्रमों और कौशल विकास योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने SC और ST समुदायों के खिलाफ अत्याचार के मामलों में सरकार द्वारा की जा रही त्वरित कार्रवाई की भी सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि पूर्व सरकारी कर्मी समाज के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत हैं और उनका अनुभव विकसित राजस्थान के सपने को साकार करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
यह संवाद कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों से प्रेरित होकर वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय है। आगे भी ऐसे संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से सेवानिवृत्त अधिकारियों के अनुभव को नीति क्रियान्वयन से जोड़ने की कोशिश जारी रहेगी।