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बिहार में SC/ST छात्रों के लिए बड़ा ऐलान: CM सम्राट चौधरी ने गिनाए 20 लाख से अधिक छात्रवृत्ति लाभार्थी

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बिहार में SC/ST छात्रों के लिए बड़ा ऐलान: CM सम्राट चौधरी ने गिनाए 20 लाख से अधिक छात्रवृत्ति लाभार्थी

सारांश

बिहार के CM सम्राट चौधरी ने जनजातीय गरिमा उत्सव में 20 लाख से अधिक SC/ST छात्रवृत्ति लाभार्थियों का ब्यौरा दिया और एकलव्य स्कूल, मॉडल स्कूल, डिग्री कॉलेज तथा हेलीपोर्ट जैसी कई घोषणाएँ कीं — यह बिहार में जनजातीय समाज के लिए अब तक की सबसे व्यापक नीतिगत पहलों में से एक है।

मुख्य बातें

बिहार CM सम्राट चौधरी ने 27 मई 2026 को जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 में SC/ST शिक्षा योजनाओं की समीक्षा की।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति से 1 लाख 4 हजार SC/ST विद्यार्थी लाभान्वित; प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति से 20 लाख 46 हजार छात्र-छात्राएँ लाभान्वित।
केंद्र द्वारा स्थापित एकलव्य स्कूलों में बिहार बोर्ड के साथ CBSE पाठ्यक्रम लागू होगा।
प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल ; जुलाई 2026 में डिग्री कॉलेज शुरू होगा, कैमूर के अधौरा में भी।
वाल्मीकि नगर और कैमूर में हेलीपोर्ट बनेंगे; इको-टूरिज्म और होम स्टे को बढ़ावा मिलेगा।
जनजातीय मैराथन में प्रथम को ₹1 लाख , द्वितीय को ₹75 हजार , तृतीय को ₹50 हजार पुरस्कार।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 27 मई 2026 को पटना में आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के अंतर्गत 'बिरसा लिब्स इन न्यू भारत' थीम पर आधारित संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्र-छात्राओं के उत्थान के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह कार्यक्रम पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लाभार्थियों के साथ सीधे संवाद के लिए आयोजित किया गया था।

छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 1 लाख 4 हजार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है, जिनमें 4,155 अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत इस वर्ष 20 लाख 46 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिला है, जिनमें 1 लाख 41 हजार अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी हैं।

एकलव्य स्कूल और मॉडल स्कूल की पहल

सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिहार में एकलव्य स्कूलों की स्थापना की गई है, जहाँ बिहार बोर्ड के साथ-साथ CBSE पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराई जाएगी, ताकि जनजातीय समाज के बच्चे शैक्षणिक मुख्यधारा में शामिल हो सकें। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल खोले जा रहे हैं और जुलाई 2026 में डिग्री कॉलेज की शुरुआत की जाएगी। कैमूर के अधौरा क्षेत्र — जहाँ आदिवासी समुदाय संघर्षपूर्ण जीवन जी रहा है — वहाँ भी डिग्री कॉलेज खोलने की बात कही गई।

हरित आवरण और पर्यटन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार का हरित आवरण क्षेत्र पहले 8 से 9 प्रतिशत था, जिसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है और राज्य सरकार का लक्ष्य इसे 17 प्रतिशत तक ले जाने का है। उन्होंने वाल्मीकि नगर और कैमूर में हेलीपोर्ट निर्माण की भी घोषणा की, जिससे इको-टूरिज्म को गति मिलेगी। आदिवासी समाज के बीच पर्यटकों के लिए होम स्टे को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे स्थानीय संस्कृति और आजीविका दोनों को बल मिलेगा।

जनजातीय क्षेत्रों में मैराथन और पुरस्कार

चौधरी ने जनजातीय क्षेत्रों में मैराथन आयोजित करने की घोषणा करते हुए कहा कि प्रथम विजेता को ₹1 लाख, द्वितीय विजेता को ₹75 हजार और तृतीय विजेता को ₹50 हजार का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भगवान बिरसा मुंडा की विरासत को सम्मान देने और जनजातीय समाज को मुख्यधारा में लाने की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया।

कार्यक्रम में उपस्थित नेता

संवाद कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने भी अपने विचार रखे। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लाभार्थियों ने अपने अनुभव और प्रेरणादायी विचार मुख्यमंत्री के समक्ष साझा किए। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की गति पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि छात्रवृत्ति वितरण की गुणवत्ता और समयबद्धता क्या है — बिहार में अतीत में इन योजनाओं में देरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। एकलव्य स्कूलों में CBSE पाठ्यक्रम एक सकारात्मक कदम है, परंतु शिक्षकों की नियुक्ति और बुनियादी ढाँचे की स्थिति का ब्यौरा अभी सामने नहीं आया। हरित आवरण को 15% तक ले जाने का दावा सराहनीय है, लेकिन स्वतंत्र सत्यापन के बिना इसे पूरी तरह स्वीकार करना जल्दबाज़ी होगी। जनजातीय क्षेत्रों में वास्तविक बदलाव के लिए घोषणाओं से आगे जाकर जवाबदेही का ढाँचा बनाना ज़रूरी है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में SC/ST छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से कितने विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं?
राज्य सरकार के अनुसार, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 1 लाख 4 हजार SC/ST विद्यार्थियों को लाभ मिला है, जिनमें 4,155 अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राएँ हैं। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति से इस वर्ष 20 लाख 46 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।
बिहार में एकलव्य स्कूल क्या हैं और इनमें क्या पढ़ाया जाएगा?
एकलव्य स्कूल केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए स्थापित विशेष विद्यालय हैं। बिहार में इन स्कूलों में बिहार बोर्ड के साथ-साथ CBSE पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराई जाएगी, जिससे जनजातीय समाज के बच्चे शैक्षणिक मुख्यधारा में शामिल हो सकें।
जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 क्या है और यह कहाँ आयोजित हुआ?
जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 एक सरकारी कार्यक्रम है जो 27 मई 2026 को पटना में आयोजित किया गया। इसकी थीम 'बिरसा लिब्स इन न्यू भारत' थी और इसमें पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ सीधा संवाद किया।
कैमूर के अधौरा में डिग्री कॉलेज कब खुलेगा?
CM सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि जुलाई 2026 में डिग्री कॉलेज की शुरुआत की जाएगी, जिसमें कैमूर के अधौरा क्षेत्र — जहाँ आदिवासी समुदाय संघर्षपूर्ण जीवन जी रहा है — में भी कॉलेज खोला जाएगा।
बिहार के जनजातीय क्षेत्रों में मैराथन पुरस्कार राशि कितनी है?
CM सम्राट चौधरी ने जनजातीय क्षेत्रों में मैराथन आयोजन की घोषणा की है। इसमें प्रथम विजेता को ₹1 लाख, द्वितीय विजेता को ₹75 हजार और तृतीय विजेता को ₹50 हजार का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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