पटना के सिस्टर निवेदिता बालिका विद्यालय में श्रेई का CSR: स्मार्ट बोर्ड, जनरेटर और वोकेशनल ट्रेनिंग से वंचित छात्राओं को मिली नई राह
सारांश
मुख्य बातें
श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड ने 4 जुलाई 2026 को पटना जिले के मनेर स्थित सिस्टर निवेदिता गर्ल्स स्कूल में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत डिजिटल, पावर और व्यावसायिक इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण का शुभारंभ किया। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और समग्र शिक्षा योजना के तहत दलित, वंचित और सामाजिक रूप से पिछड़े समुदायों की बालिकाओं को आधुनिक शिक्षा एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरदयाल प्रसाद ने परियोजना का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
यह परियोजना गैर-सरकारी संस्था 'नई धरती' के सहयोग से लागू की गई है, जो वर्ष 2011 से दलित, मुसहर, झुग्गी-झोपड़ी और अन्य वंचित समुदायों की करीब 100 बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा, आवास, वर्दी और अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रही है।
स्थापित सुविधाएँ
इस CSR पहल के तहत विद्यालय में निम्नलिखित आधुनिक सुविधाएँ स्थापित की गई हैं:
58 केवीए क्षमता का डीजल जनरेटर, 75 इंच के LG इंटरएक्टिव स्मार्ट बोर्ड, स्वचालित फूड प्रोसेसिंग मशीनें और औद्योगिक स्तर का कमर्शियल वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम। कंपनी के अनुसार इन सुविधाओं से छात्राओं को डिजिटल शिक्षा के साथ-साथ कौशल आधारित व्यावसायिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
हरदयाल प्रसाद ने कार्यक्रम में कहा, 'बुनियादी ढाँचा केवल सड़क, पुल और बिजली तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव संसाधन का विकास भी राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।' उन्होंने यह भी कहा कि NEP 2020 डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देने का रोडमैप प्रस्तुत करती है और श्रेई इस अभियान को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
'नई धरती' की संस्थापक एवं सचिव नंदिता बनर्जी ने कहा कि श्रेई के सहयोग से छात्राओं को आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम उठा सकेंगी।
आम जनता पर असर
यह पहल उन बालिकाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों से आती हैं। मनेर जैसे अर्ध-शहरी क्षेत्र में डिजिटल और वोकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता इन छात्राओं को मुख्यधारा की शिक्षा और रोजगार से जोड़ने में सहायक होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में बालिका शिक्षा की दर में सुधार के बावजूद ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना की भारी कमी बनी हुई है।
क्या होगा आगे
कंपनी के अनुसार, इन सुविधाओं के माध्यम से छात्राओं को फूड प्रोसेसिंग और डिजिटल साक्षरता जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। 'नई धरती' संस्था इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन की निगरानी करती रहेगी। गौरतलब है कि NEP 2020 के लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर लागू करने में CSR-आधारित साझेदारियाँ तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।