4 जुलाई 2026
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पटना के सिस्टर निवेदिता बालिका विद्यालय में श्रेई का CSR: स्मार्ट बोर्ड, जनरेटर और वोकेशनल ट्रेनिंग से वंचित छात्राओं को मिली नई राह

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पटना के सिस्टर निवेदिता बालिका विद्यालय में श्रेई का CSR: स्मार्ट बोर्ड, जनरेटर और वोकेशनल ट्रेनिंग से वंचित छात्राओं को मिली नई राह

सारांश

पटना के मनेर में सिस्टर निवेदिता गर्ल्स स्कूल की करीब 100 वंचित बालिकाओं को श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर के CSR से मिली बड़ी सौगात — 75 इंच स्मार्ट बोर्ड, 58 केवीए जनरेटर और वोकेशनल ट्रेनिंग। NEP 2020 की भावना को जमीन पर उतारने की एक ठोस कोशिश।

मुख्य बातें

श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड ने 4 जुलाई 2026 को पटना के मनेर स्थित सिस्टर निवेदिता गर्ल्स स्कूल में CSR परियोजना का शुभारंभ किया।
विद्यालय में 58 केवीए डीजल जनरेटर, 75 इंच LG इंटरएक्टिव स्मार्ट बोर्ड , फूड प्रोसेसिंग मशीनें और वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम स्थापित किए गए।
परियोजना NEP 2020 और समग्र शिक्षा योजना के तहत गैर-सरकारी संस्था 'नई धरती' के सहयोग से लागू की गई।
'नई धरती' वर्ष 2011 से दलित, मुसहर और अन्य वंचित समुदायों की करीब 100 बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा और आवास दे रही है।
MD एवं CEO हरदयाल प्रसाद ने कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया।

श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड ने 4 जुलाई 2026 को पटना जिले के मनेर स्थित सिस्टर निवेदिता गर्ल्स स्कूल में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत डिजिटल, पावर और व्यावसायिक इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण का शुभारंभ किया। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और समग्र शिक्षा योजना के तहत दलित, वंचित और सामाजिक रूप से पिछड़े समुदायों की बालिकाओं को आधुनिक शिक्षा एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरदयाल प्रसाद ने परियोजना का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

यह परियोजना गैर-सरकारी संस्था 'नई धरती' के सहयोग से लागू की गई है, जो वर्ष 2011 से दलित, मुसहर, झुग्गी-झोपड़ी और अन्य वंचित समुदायों की करीब 100 बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा, आवास, वर्दी और अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रही है।

स्थापित सुविधाएँ

इस CSR पहल के तहत विद्यालय में निम्नलिखित आधुनिक सुविधाएँ स्थापित की गई हैं:

58 केवीए क्षमता का डीजल जनरेटर, 75 इंच के LG इंटरएक्टिव स्मार्ट बोर्ड, स्वचालित फूड प्रोसेसिंग मशीनें और औद्योगिक स्तर का कमर्शियल वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम। कंपनी के अनुसार इन सुविधाओं से छात्राओं को डिजिटल शिक्षा के साथ-साथ कौशल आधारित व्यावसायिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

हरदयाल प्रसाद ने कार्यक्रम में कहा, 'बुनियादी ढाँचा केवल सड़क, पुल और बिजली तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव संसाधन का विकास भी राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।' उन्होंने यह भी कहा कि NEP 2020 डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देने का रोडमैप प्रस्तुत करती है और श्रेई इस अभियान को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

'नई धरती' की संस्थापक एवं सचिव नंदिता बनर्जी ने कहा कि श्रेई के सहयोग से छात्राओं को आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम उठा सकेंगी।

आम जनता पर असर

यह पहल उन बालिकाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों से आती हैं। मनेर जैसे अर्ध-शहरी क्षेत्र में डिजिटल और वोकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता इन छात्राओं को मुख्यधारा की शिक्षा और रोजगार से जोड़ने में सहायक होगी।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में बालिका शिक्षा की दर में सुधार के बावजूद ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना की भारी कमी बनी हुई है।

क्या होगा आगे

कंपनी के अनुसार, इन सुविधाओं के माध्यम से छात्राओं को फूड प्रोसेसिंग और डिजिटल साक्षरता जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। 'नई धरती' संस्था इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन की निगरानी करती रहेगी। गौरतलब है कि NEP 2020 के लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर लागू करने में CSR-आधारित साझेदारियाँ तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि स्मार्ट बोर्ड और जनरेटर की परिचालन लागत निरंतर होती है। बिहार में सरकारी स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर के बाद प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी एक पुरानी चुनौती है, जिसका समाधान इस घोषणा में स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिस्टर निवेदिता गर्ल्स स्कूल मनेर में श्रेई ने क्या किया?
श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड ने CSR के तहत विद्यालय में 75 इंच LG इंटरएक्टिव स्मार्ट बोर्ड, 58 केवीए डीजल जनरेटर, फूड प्रोसेसिंग मशीनें और वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम स्थापित किए। इसका उद्देश्य दलित और वंचित समुदायों की बालिकाओं को डिजिटल व व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ना है।
'नई धरती' संस्था क्या करती है?
'नई धरती' एक गैर-सरकारी संस्था है जो वर्ष 2011 से पटना में दलित, मुसहर, झुग्गी-झोपड़ी और अन्य वंचित समुदायों की करीब 100 बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा, आवास, वर्दी और अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रही है। यह संस्था श्रेई की इस CSR परियोजना की क्रियान्वयन भागीदार है।
इस परियोजना से किन छात्राओं को फायदा होगा?
इस परियोजना से मुख्य रूप से दलित, मुसहर और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों की बालिकाओं को लाभ मिलेगा जो सिस्टर निवेदिता गर्ल्स स्कूल में अध्ययन करती हैं। 'नई धरती' के माध्यम से करीब 100 बालिकाएँ पहले से निःशुल्क शिक्षा पा रही हैं।
यह परियोजना NEP 2020 से कैसे जुड़ी है?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 स्कूली शिक्षा में डिजिटल साक्षरता और व्यावसायिक प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाने पर जोर देती है। श्रेई की यह पहल उसी नीतिगत ढाँचे के तहत जमीनी स्तर पर डिजिटल और वोकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने का प्रयास है।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ किसने किया?
श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं CEO हरदयाल प्रसाद ने 4 जुलाई 2026 को विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में इस परियोजना का औपचारिक उद्घाटन किया।
राष्ट्र प्रेस
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