ग्रेटर नोएडा: पड़ोसी को फंसाने के लिए खुद पर करवाई फर्जी गोलीबारी, दादरी पुलिस ने तीन को दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
दादरी पुलिस ने 2 नवंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा के एक व्यक्ति द्वारा अपने पड़ोसी को झूठे मामले में फंसाने के लिए रची गई फर्जी गोलीबारी की साजिश का पर्दाफाश किया। गौतम बुद्ध नगर पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी हरेंद्र नागर ने अपने ही परिजनों को बुलाकर सीसीटीवी कैमरे के सामने खुद पर गोली चलवाई और फिर पड़ोसी विकास सैन के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
साजिश का मूल कारण
पुलिस जांच में सामने आया कि हरेंद्र नागर और विकास सैन के बीच करीब एक साल पहले किसी विवाद में तीखी दुश्मनी पैदा हुई थी। उसी दुश्मनी का बदला लेने की नीयत से हरेंद्र ने यह पूरी साजिश रची। उसका उद्देश्य विकास सैन को एक संगीन आपराधिक मामले में फंसाकर जेल भेजना था।
अधिकारियों के अनुसार, हरेंद्र ने इस योजना को बड़ी सावधानी से तैयार किया और पाँच अन्य लोगों को इसमें शामिल किया। यह ऐसे समय में आया है जब सीसीटीवी फुटेज को झूठे मामले बनाने के लिए दुरुपयोग करने के मामले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़ते नजर आ रहे हैं।
घटना का तरीका
पुलिस के अनुसार, हरेंद्र नागर ने अतुल भाटी (अपना बहनोई) और प्रतीक उर्फ कलुआ (अपना भतीजा) को अपने घर बुलाया। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे की नजर में जानबूझकर यह फर्जी गोलीबारी की घटना रची गई — इस तरह कि फुटेज देखने में असली लगे।
घटना को 'प्रामाणिक' दिखाने के बाद हरेंद्र ने दादरी थाना पहुंचकर पड़ोसी विकास सैन के खिलाफ गोलीबारी का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। हालाँकि जैसे ही पुलिस ने जांच शुरू की, कई विसंगतियाँ उजागर होने लगीं।
पुलिस जांच और गिरफ्तारियाँ
दादरी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से पड़ताल की और अन्य भौतिक साक्ष्यों के आधार पर साजिश की परतें उघाड़ीं। जांच में पता चला कि जो व्यक्ति 'पीड़ित' बनकर शिकायत लेकर आया था, वही इस पूरे षड्यंत्र का सूत्रधार था।
पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया — प्रतीक उर्फ कलुआ (26), निवासी कुड़ीखेड़ा गाँव; अतुल भाटी (29), निवासी साकीपुर; और अभिषेक नागर (25), निवासी न्यादरगंज। ये तीनों हरेंद्र नागर के क्रमशः भतीजे, बहनोई और पुत्र हैं।
बरामद सामग्री
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देसी .315 बोर पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, एक सीपी प्लस डीवीआर और एक मोटरसाइकिल बरामद की। गौरतलब है कि डीवीआर की जब्ती इस बात का संकेत है कि आरोपियों ने साजिश के सबूत मिटाने की भी कोशिश की होगी।
आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और मुख्य सूत्रधार हरेंद्र नागर समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस साजिश में शामिल बाकी तीन लोगों की तलाश भी जारी है। आने वाले दिनों में चालान दाखिल होने की उम्मीद है।