नोएडा एमएलसी चुनाव: पंचशील इंटर कॉलेज में BJP-सपा कार्यकर्ताओं में बस्ता विवाद, पुलिस ने संभाला मोर्चा
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र स्थित पंचशील इंटर कॉलेज में 23 अक्टूबर 2026 को एमएलसी चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में बस्ता लगाने को लेकर शुरू हुई इस कहासुनी ने कुछ ही देर में तनावपूर्ण माहौल बना दिया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
मुख्य घटनाक्रम
चुनाव केंद्र पर जैसे ही दोनों दलों के कार्यकर्ता अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में बस्ता लगाने पहुँचे, दोनों पक्षों के बीच जगह और प्राथमिकता को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। देखते ही देखते कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मौके पर मौजूद लोगों के बीच हलचल मच गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना फेस-2 की पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया, जो अंततः सफल रहा।
वरिष्ठ अधिकारियों का हस्तक्षेप
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीसीपी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने स्थिति का स्वयं जायजा लिया और तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों की उपस्थिति से माहौल जल्द ही सामान्य हो गया।
सुरक्षा व्यवस्था में इजाफा
इस नोकझोंक के बाद चुनाव केंद्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और चाक-चौबंद किया गया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी और मतदान प्रक्रिया के दौरान कड़ी नज़र रखी। गौरतलब है कि चुनावी मौसम में इस तरह के विवाद असामान्य नहीं हैं, लेकिन पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने स्थिति को बिगड़ने से रोक दिया।
आम जनता पर असर
कथित तौर पर इस घटना के दौरान कुछ समय के लिए चुनाव केंद्र के निकट आम मतदाताओं और राहगीरों में असुविधा की स्थिति बनी। हालाँकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद चुनाव प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी रही और किसी भी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होने की तत्काल जानकारी नहीं मिली।
क्या होगा आगे
चुनाव प्रशासन और पुलिस दोनों अब एमएलसी चुनाव की शेष प्रक्रिया के दौरान संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की स्थिति में हैं। यह घटना यह भी रेखांकित करती है कि चुनावी प्रतिस्पर्धा के बीच जमीनी स्तर पर दलीय कार्यकर्ताओं के बीच तनाव प्रबंधन कितना अहम है।