4 नवंबर 2026
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छठ पूजा 2026: नोएडा में यमुना घाट का पुलिस ने किया निरीक्षण, DCP प्रीति यादव की देखरेख में सुरक्षा समीक्षा

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छठ पूजा 2026: नोएडा में यमुना घाट का पुलिस ने किया निरीक्षण, DCP प्रीति यादव की देखरेख में सुरक्षा समीक्षा

सारांश

छठ पूजा से पहले नोएडा पुलिस ने यमुना घाट पर सुरक्षा की पड़ताल की। डीसीपी प्रीति यादव की देखरेख में हुए इस निरीक्षण में भीड़ नियंत्रण, यातायात और आपात प्रबंधन की समीक्षा की गई — ताकि हर श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य सुरक्षित दे सके।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने 4 नवंबर 2026 को छठ पूजा से पहले यमुना घाट (थाना सेक्टर-126) का सुरक्षा निरीक्षण किया।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर डीसीपी प्रीति यादव , एडीसीपी अभय कुमार मिश्र और एसीपी-1 प्रवीण कुमार मौके पर पहुँचे।
भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
पुलिसकर्मियों को आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया।
छठ पूजा शुरू होने से पहले सभी सुरक्षा इंतजाम पूरे करने की समयसीमा तय की गई।

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने 4 नवंबर 2026 को छठ पूजा की तैयारियों के तहत नोएडा के थाना सेक्टर-126 क्षेत्र में स्थित यमुना घाट का विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण किया। पर्व के दौरान घाट पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था की गहन समीक्षा की। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर यह निरीक्षण अभियान चलाया गया।

निरीक्षण में कौन-कौन शामिल रहे

निरीक्षण डीसीपी नोएडा प्रीति यादव के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। उनके साथ एडीसीपी नोएडा अभय कुमार मिश्र और एसीपी-1 नोएडा प्रवीण कुमार पुलिस बल के साथ घाट पर पहुँचे। वरिष्ठ अधिकारियों की इस उपस्थिति को प्रशासन की गंभीरता का संकेत माना जा रहा है।

अधिकारियों ने घाट के आसपास के पूरे क्षेत्र का जायजा लिया और श्रद्धालुओं की आवाजाही के संभावित मार्गों की पहचान की। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में छठ पूजा के लिए तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं।

पुलिसकर्मियों को दिए गए मुख्य निर्देश

मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि घाट पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। घाट तक पहुँचने और वापस लौटने के दौरान यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए उचित प्रबंध सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए।

इसके अलावा, भीड़ नियंत्रण, किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने और पूरे आयोजन के दौरान शांति बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने को कहा गया। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए पुलिस बल को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए।

छठ पूजा और यमुना घाट का महत्त्व

गौरतलब है कि छठ पूजा के दौरान लाखों श्रद्धालु यमुना घाटों पर एकत्रित होकर अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देते हैं। यह पर्व उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में बेहद श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। नोएडा में प्रवासी और स्थानीय श्रद्धालुओं की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है, जिससे घाटों पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है।

ऐसे में घाटों पर सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुचारु आवागमन की व्यवस्था प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनती है। पिछले वर्षों में देश के कई घाटों पर भगदड़ जैसी दुर्घटनाओं को देखते हुए इस बार पहले से ही व्यापक तैयारी की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पूरी होने की समयसीमा

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि छठ पूजा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम समय पर पूरे कर लिए जाएँगे। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को अपने निर्धारित स्थानों पर मुस्तैद रहने और श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि पर्व के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। आने वाले दिनों में अतिरिक्त निरीक्षण दौरों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा उस दिन होगी जब हजारों श्रद्धालु एक साथ घाट पर उमड़ेंगे। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में देश के कई घाटों पर भगदड़ और दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं, इसलिए महज निरीक्षण पर्याप्त नहीं — तैनाती का स्तर, संचार तंत्र और आपदा प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल भी उतने ही अहम हैं। नोएडा में प्रवासी आबादी की वजह से यमुना घाट पर दबाव हर साल बढ़ रहा है, और पुलिस बल की संख्या व प्रशिक्षण इस बढ़ती माँग के अनुपात में है या नहीं — यह सवाल अनुत्तरित रहता है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में छठ पूजा के लिए यमुना घाट का निरीक्षण क्यों किया गया?
छठ पूजा के दौरान यमुना घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अर्घ्य देने पहुँचते हैं, इसलिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने 4 नवंबर 2026 को थाना सेक्टर-126 स्थित घाट का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में कौन-से वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे?
निरीक्षण डीसीपी नोएडा प्रीति यादव के पर्यवेक्षण में हुआ। उनके साथ एडीसीपी नोएडा अभय कुमार मिश्र और एसीपी-1 नोएडा प्रवीण कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर उपस्थित रहे। यह पूरा अभियान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में चलाया गया।
नोएडा पुलिस ने छठ पूजा के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, घाट तक आवागमन सुचारु रखने, भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी सुरक्षा इंतजाम पर्व शुरू होने से पहले पूरे करने की समयसीमा भी तय की गई है।
छठ पूजा के दौरान यमुना घाट पर सुरक्षा इतनी जरूरी क्यों है?
छठ पूजा में लाखों श्रद्धालु एक साथ यमुना घाटों पर अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने पहुँचते हैं। इतनी बड़ी भीड़ में भगदड़ और दुर्घटनाओं का जोखिम रहता है, इसलिए पहले से ही व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन योजना बनाना अनिवार्य हो जाता है।
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने श्रद्धालुओं को क्या आश्वासन दिया है?
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पर्व शुरू होने से पहले सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम समय पर पूरे किए जाएँगे और पूरे आयोजन के दौरान शांति व सुव्यवस्था बनाए रखी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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