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नोएडा पुलिस ने 24 घंटे में दो चोरियाँ सुलझाईं: ₹3 लाख नकद, जेवरात बरामद, तीन गिरफ्तार

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नोएडा पुलिस ने 24 घंटे में दो चोरियाँ सुलझाईं: ₹3 लाख नकद, जेवरात बरामद, तीन गिरफ्तार

सारांश

नोएडा पुलिस ने 24 घंटे की तेज़ कार्रवाई में दो घरेलू चोरियों का पर्दाफाश किया। 50-60 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर शातिर अंतरराज्यीय चोर शुभम उर्फ काकू, उसके जीजा और एक सुनार को गिरफ्तार किया गया। ₹3 लाख नकद सहित जेवरात और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद।

मुख्य बातें

नोएडा थाना सेक्टर-126 पुलिस ने 10 जून 2026 को 24 घंटे के भीतर दो चोरी की घटनाओं का खुलासा किया।
तीन आरोपी गिरफ्तार — मुख्य चोर शुभम उर्फ काकू , उसका जीजा राहुल शर्मा और सुनार सचिन वर्मा ।
बरामदगी में ₹3 लाख नकद , सोने-चांदी के आभूषण, चार लैपटॉप , चार मोबाइल फोन , चोरी में प्रयुक्त कार और अवैध चाकू शामिल।
जाँच में 50-60 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग किया गया।
मुख्य आरोपी के खिलाफ मेरठ और गौतमबुद्धनगर सहित कई जिलों में चोरी, आर्म्स एक्ट व एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं।

नोएडा के थाना सेक्टर-126 की पुलिस ने 10 जून 2026 को दो अलग-अलग घरेलू चोरी की घटनाओं का 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹3 लाख नकद, सोने-चांदी के आभूषण, चार मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, पहचान दस्तावेज़, चोरी में इस्तेमाल कार, लोहे का सरिया और एक अवैध चाकू बरामद किया है।

मामले की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, एक महिला ने 9 जून को थाना सेक्टर-126 में शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण, ₹3 लाख नकद, मोबाइल फोन और लैपटॉप चोरी कर लिए। इससे पहले 8 मई को भी उसी क्षेत्र में एक घर से दो लैपटॉप, एक अमेज़न किंडल और नकदी चोरी होने का मामला दर्ज हो चुका था। दोनों घटनाओं की जाँच के लिए एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई।

मुख्य घटनाक्रम: जाँच और गिरफ्तारी

जाँच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे करीब 50 से 60 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद 10 जून को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने गढ़ी शाहपुर गाँव के सामने पुश्ता रोड, सेक्टर-131 से शुभम उर्फ काकू, राहुल शर्मा और सुनार सचिन वर्मा को गिरफ्तार किया।

आरोपियों का तौर-तरीका

पूछताछ में मुख्य आरोपी शुभम उर्फ काकू ने बताया कि वह नशे का आदी है और पहले भी कई बार जेल जा चुका है। वह दिन में बंद मकानों की रेकी करता था और मौका मिलते ही लोहे के सरिये से ताला तोड़कर चोरी को अंजाम देता था। चोरी का माल वह अपने जीजा राहुल शर्मा को सौंप देता था, जो उसे ठिकाने लगाने का काम करता था।

जाँच में सामने आया कि राहुल शर्मा ने चोरी के जेवरात अपने परिचित सुनार सचिन वर्मा को बेचने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, सचिन को यह ज्ञात था कि जेवर चोरी के हैं, फिर भी उसने लालच में चोरी की चैन और अंगूठी को गलाकर बेच दिया और शेष जेवर खरीदने का सौदा कर रहा था।

बरामद सामान का विवरण

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक जोड़ी पायल, मंगलसूत्र, चैन, दो अंगूठियाँ, झुमकी, ₹3 लाख नकद, चार मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, तीन आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, चोरी में इस्तेमाल कार, ताला तोड़ने में प्रयुक्त लोहे का सरिया और एक अवैध चाकू बरामद किया है।

आगे की कानूनी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी शुभम उर्फ काकू एक शातिर अंतरराज्यीय चोर है, जिसके खिलाफ मेरठ और गौतमबुद्धनगर सहित कई जिलों में चोरी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत अनेक मुकदमे दर्ज हैं। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह मामला उस बढ़ती प्रवृत्ति की ओर ध्यान दिलाता है जिसमें नशे के आदी अपराधी दिन के समय आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिचौलिए और सुनार मिलकर चोरी के माल को खपाने का तंत्र बनाते हैं। सचिन वर्मा जैसे सुनारों की संलिप्तता यह सवाल उठाती है कि क्या आभूषण व्यापार में 'जानते हुए खरीदने' पर निगरानी पर्याप्त है। गौरतलब है कि शुभम उर्फ काकू पहले भी जेल जा चुका था, फिर भी वह सक्रिय रहा — यह पुनर्वास और निगरानी तंत्र की खामियों की ओर इशारा करता है। सीसीटीवी फुटेज की भूमिका सराहनीय है, लेकिन असली सुधार तब होगा जब ऐसे आदतन अपराधियों की ज़मानत और रिहाई प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाए।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा सेक्टर-126 में चोरी का खुलासा कैसे हुआ?
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे 50-60 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी व मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद 10 जून को गुप्त सूचना पर सेक्टर-131 से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार तीनों आरोपी कौन हैं?
मुख्य आरोपी शुभम उर्फ काकू एक शातिर अंतरराज्यीय चोर है जो नशे का आदी है। उसका जीजा राहुल शर्मा चोरी का माल ठिकाने लगाने का काम करता था, और सुनार सचिन वर्मा जानते हुए चोरी के जेवर खरीद रहा था।
आरोपियों के कब्जे से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने ₹3 लाख नकद, सोने-चांदी के आभूषण (पायल, मंगलसूत्र, चैन, अंगूठियाँ, झुमकी), चार मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, तीन आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, चोरी में इस्तेमाल कार, लोहे का सरिया और एक अवैध चाकू बरामद किया।
मुख्य आरोपी शुभम उर्फ काकू का आपराधिक इतिहास क्या है?
शुभम उर्फ काकू के खिलाफ मेरठ और गौतमबुद्धनगर सहित कई जिलों में चोरी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत अनेक मुकदमे दर्ज हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है।
इस मामले में सुनार की क्या भूमिका थी?
सुनार सचिन वर्मा को कथित तौर पर पता था कि जेवर चोरी के हैं, फिर भी उसने चोरी की चैन और अंगूठी को गलाकर बेच दिया और शेष जेवर खरीदने का सौदा कर रहा था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
राष्ट्र प्रेस
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