पुणे में पूर्वोत्तर छात्रों के लिए ₹10 करोड़ का हॉस्टल, मणिपुर के उपमुख्यमंत्री डिखो ने रखी आधारशिला
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के उपमुख्यमंत्री लोसी डिखो ने 3 अगस्त 2026 को पुणे के कटराज स्थित गुजर-निंबालकरवाड़ी में लगभग ₹10 करोड़ की लागत से बनने वाले 'स्वर्गीय जमनाबाई फिरोदिया नॉर्थ ईस्ट इंडिया भवन – रानी गाइदिनल्यू गर्ल्स हॉस्टल' की आधारशिला रखी। यह हॉस्टल विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत के छात्रों, खासकर मणिपुर से पुणे में पढ़ने आए विद्यार्थियों को सुरक्षित और सहयोगी आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।
परियोजना का महत्व और उद्देश्य
नागा आदिवासी समुदाय के वरिष्ठ नेता डिखो ने इस अवसर पर कहा, "यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक इमारत बनाने से कहीं ज्यादा है। यह भारत के हर हिस्से से आने वाले छात्रों और युवाओं का समर्थन करने के लिए देश की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।" उन्होंने इस प्रस्तावित भवन को पूर्वोत्तर राज्यों के छात्रों के लिए 'घर से दूर एक और घर' बताया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, "जैसे-जैसे भारत 'विकसित भारत' के विजन की ओर बढ़ रहा है, हर युवा को, चाहे वह कहीं से भी आया हो, अच्छी शिक्षा और अवसरों तक समान पहुँच मिलनी चाहिए।"
छात्रों को मिलेगी रहने की स्थायी सुविधा
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह हॉस्टल डेढ़ वर्ष में बनकर तैयार होने की उम्मीद है। हॉस्टल खासतौर पर पुणे में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे मणिपुर और पूर्वोत्तर क्षेत्र के छात्रों के लिए एक स्थायी ठिकाने का काम करेगा, जिससे उन्हें रहने की जगह खोजने की चुनौतियों से मुक्ति मिलेगी और वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
अधिकारी ने बताया कि अलग-अलग पृष्ठभूमि, जातीय समुदायों और राज्यों के छात्र एक ही छत के नीचे रहेंगे, पढ़ेंगे और एक-दूसरे से संवाद करेंगे। इससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान, एकता और राष्ट्रीय अखंडता की भावना को बल मिलेगा।
पूर्वोत्तर की विरासत और राष्ट्रीय एकता
डिखो ने इस अवसर पर जोर देकर कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत की विरासत का एक अहम हिस्सा है — समृद्ध परंपराओं, जीवंत संस्कृतियों और अपार प्रतिभा से भरपूर यह क्षेत्र देश की वृद्धि और प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर की ऐतिहासिक विरासत और अनोखी जीवनशैली देश की एकता और अखंडता को मजबूत करती है।
मणिपुर सरकार की प्रतिबद्धता
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मणिपुर सरकार युवाओं को सशक्त बनाने और पूर्वोत्तर के छात्रों के लिए शिक्षा के अवसर बढ़ाने वाली पहलों का समर्थन जारी रखेगी। यह हॉस्टल उस दिशा में एक ठोस कदम है, जो न केवल आवास की सुविधा देगा बल्कि छात्रों के व्यक्तिगत विकास, आत्मविश्वास और दीर्घकालिक सफलता को भी बढ़ावा देगा। गौरतलब है कि यह परियोजना ऐसे समय में शुरू हुई है जब पूर्वोत्तर राज्यों के छात्रों के लिए देश के अन्य शहरों में सुरक्षित और किफायती आवास की माँग लगातार बढ़ रही है।