14 अक्टूबर 2026
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NSA अजीत डोभाल ने ईरानी समकक्ष से की बात, भारतीय नाविकों और टैंकरों की सुरक्षा का उठाया मुद्दा

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NSA अजीत डोभाल ने ईरानी समकक्ष से की बात, भारतीय नाविकों और टैंकरों की सुरक्षा का उठाया मुद्दा

सारांश

NSA अजीत डोभाल ने 12 अक्टूबर को ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई से बात करके भारतीय नाविकों और टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया — यह पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की सक्रिय कूटनीति का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

NSA अजीत डोभाल ने 12 अक्टूबर 2026 को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई से बातचीत की।
वार्ता में भारतीय नाविकों और टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक के बाद 'दिल्ली घोषणापत्र' अपनाया गया, जिसमें आतंकवाद, नशा तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग पर सहयोग की प्रतिबद्धता है।
भारत ने सऊदी अरब और अरामको मुख्यालय पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और सऊदी संप्रभुता के समर्थन की बात कही।
रूस-अमेरिका तेल समझौते पर MEA ने कोई टिप्पणी करने से मना किया; वैश्विक ऊर्जा स्थिरता के समर्थन पर जोर दिया।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने 12 अक्टूबर 2026 को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई से सीधी बातचीत की, जिसमें भारतीय नाविकों और भारतीय टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने 14 अक्टूबर को अपनी पाक्षिक मीडिया ब्रीफिंग में इस महत्वपूर्ण राजनयिक संवाद की जानकारी दी।

डोभाल-रेजाई वार्ता: क्या हुई चर्चा

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को बताया, 'राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने 12 अक्टूबर को ईरान के अपने समकक्ष, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई से बात की थी। उन्होंने द्विपक्षीय मुद्दों, क्षेत्रीय हालात और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। बातचीत के दौरान भारतीय नाविकों और भारतीय टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।'

यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताएँ बढ़ी हैं। गौरतलब है कि भारत का एक बड़ा हिस्सा ईरान और उसके आसपास के क्षेत्र से गुजरने वाले समुद्री मार्गों पर निर्भर है।

बिम्सटेक बैठक और 'दिल्ली घोषणापत्र'

जायसवाल ने यह भी बताया कि नई दिल्ली में हुई बिम्सटेक (BIMSTEC) गृह मंत्रियों की बैठक की मेजबानी भारत के गृह मंत्री ने की, जिसमें सभी बिम्सटेक सदस्य देशों ने भाग लिया। बैठक के बाद 'दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाया गया, जिसमें आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष, नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई।

यह घोषणापत्र क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के लिहाज से एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ माना जा रहा है, जो दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के सात देशों को एक साझा सुरक्षा एजेंडे पर एकजुट करता है।

सऊदी अरब पर हमलों की निंदा

प्रवक्ता जायसवाल ने सऊदी अरब पर हो रहे हमलों को लेकर भारत का स्पष्ट रुख जाहिर किया। उन्होंने कहा, 'सऊदी अरब पर कई हमले हुए हैं। अरामको मुख्यालय पर भी हमला हुआ। हम सऊदी अरब में आम लोगों के बुनियादी ढाँचों पर हुए ऐसे सभी हमलों की निंदा करते हैं। ये हमले तुरंत बंद होने चाहिए। ये बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं।'

जायसवाल ने आगे कहा, 'हम सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहाँ की जनता और सरकार के साथ खड़े हैं, और हमें उम्मीद है कि इस इलाके में जल्द ही शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।' यह बयान भारत की पश्चिम एशिया नीति में खाड़ी देशों के साथ मजबूत संबंधों को रेखांकित करता है।

ऊर्जा बाज़ार पर भारत का रुख

रूस और अमेरिका के बीच हुए तेल समझौते को लेकर पूछे गए सवाल पर MEA प्रवक्ता ने कहा कि वे व्यावसायिक समझौतों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में स्थिरता का समर्थन करता है — एक संतुलित कूटनीतिक रुख जो भारत की तेल आपूर्ति विविधीकरण रणनीति के अनुरूप है।

आगे की राह

डोभाल और रेजाई के बीच हुई यह वार्ता भारत-ईरान राजनयिक चैनलों के सक्रिय रहने का संकेत देती है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा को शीर्ष स्तर की वार्ता में जगह मिलना दर्शाता है कि नई दिल्ली इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में इस मसले पर और राजनयिक प्रयास संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रणनीतिक प्राथमिकता बन चुकी है। पश्चिम एशिया में एक साथ कई मोर्चों — ईरान, सऊदी अरब, हूती हमले — पर उलझी स्थिति में भारत की 'बहु-संरेखण' (multi-alignment) नीति की असली परीक्षा है। तेहरान से संपर्क बनाए रखना और रियाद की संप्रभुता का खुला समर्थन करना — ये दोनों एक साथ करना कूटनीतिक कसरत है, जिसमें भारत को सावधानी से आगे बढ़ना होगा। जब तक भारतीय नाविकों की सुरक्षा के ठोस आश्वासन सार्वजनिक नहीं होते, यह कूटनीतिक बयानबाज़ी अधूरी रहेगी।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NSA डोभाल और ईरानी समकक्ष के बीच किस मुद्दे पर बात हुई?
12 अक्टूबर 2026 को NSA अजीत डोभाल और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई के बीच भारतीय नाविकों और टैंकरों की सुरक्षा, द्विपक्षीय मुद्दों और क्षेत्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।
भारत ने सऊदी अरब पर हुए हमलों पर क्या कहा?
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सऊदी अरब के नागरिक बुनियादी ढाँचे और अरामको मुख्यालय पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। भारत ने इन हमलों को 'बिल्कुल अस्वीकार्य' बताया और सऊदी संप्रभुता के समर्थन में खड़े रहने की बात कही।
बिम्सटेक 'दिल्ली घोषणापत्र' क्या है?
नई दिल्ली में हुई बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक के बाद अपनाया गया यह दस्तावेज़ है, जिसमें सभी बिम्सटेक सदस्य देशों ने आतंकवाद, नशा तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।
रूस-अमेरिका तेल समझौते पर भारत का क्या रुख है?
MEA प्रवक्ता ने व्यावसायिक समझौतों पर टिप्पणी करने से मना किया और कहा कि भारत वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में स्थिरता का समर्थन करता है। यह बयान भारत की ऊर्जा कूटनीति में तटस्थता बनाए रखने की नीति को दर्शाता है।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत की कूटनीतिक रणनीति क्या है?
भारत एक साथ ईरान से संवाद बनाए रखते हुए सऊदी अरब की संप्रभुता का समर्थन कर रहा है — जो उसकी 'बहु-संरेखण' नीति का हिस्सा है। NSA स्तर की वार्ता और बिम्सटेक सहयोग दोनों मिलकर क्षेत्रीय स्थिरता में भारत की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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