अजित डोभाल और मोहसिन रेजाई की फोन पर बातचीत, भारत-ईरान ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर किए विचार साझा
सारांश
मुख्य बातें
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव डॉ. मोहसिन रेजाई के बीच सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 की शाम टेलीफोन पर बातचीत हुई, जिसमें नवीनतम क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और दोनों देशों के आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने इस बातचीत की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की।
बातचीत का विवरण
ईरानी दूतावास ने अपने पोस्ट में कहा, 'ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव डॉ. मोहसिन रेजाई ने आज शाम भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ टेलीफोन पर बातचीत की, जिसमें दोनों देशों के बीच आपसी हितों और नवीनतम क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचार साझा किए गए।' यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा तनाव बना हुआ है और भारत की इस क्षेत्र में रणनीतिक उपस्थिति बढ़ रही है।
ब्रिक्स बैठक के बाद की कड़ी
यह संपर्क उन खबरों के कुछ दिन बाद आया है जिनमें भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने कहा था कि तेहरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान तय हुए एजेंडे पर गंभीरता से काम कर रहा है। फताली के अनुसार, 'राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने उन चर्चाओं के तुरंत बाद ही संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं और बैठक के दौरान जिन मामलों पर सहमति बनी थी, उन्हें संबंधित संस्थानों द्वारा गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है।'
राजदूत फताली ने यह भी कहा था कि 'भारत-ईरान संबंधों में कई मुद्दे एजेंडे में हैं। समझौतों को सही ढंग से लागू करना और उन्हें व्यावहारिक परिणामों में बदलने के लिए समय और निरंतर फॉलो-अप की आवश्यकता होती है।' उन्होंने यह भी जोड़ा था कि 'ईरान विभिन्न क्षेत्रों में भारत के साथ संबंधों को और विकसित और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।'
वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा पर भारत की चिंता
गौरतलब है कि भारत ने तेहरान के साथ क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर भी अपनी गहरी चिंता जताई है। जुलाई में, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ फोन पर बातचीत की थी। जयशंकर ने उस बातचीत के बाद एक्स पर लिखा था, 'आज शाम ईरान के विदेश मंत्री अराघची के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। क्षेत्र में जारी शत्रुता पर हमारी गहरी चिंताओं से अवगत कराया। पुरजोर आग्रह किया कि किसी भी परिस्थिति में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमलों से बचा जाए। भारत किसी भी पक्ष द्वारा किए गए ऐसे किसी भी हमले की निंदा करता है।'
भारत-ईरान संबंधों का व्यापक संदर्भ
यह बातचीत भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक सक्रियता की एक बड़ी श्रृंखला का हिस्सा है। दोनों देश चाबहार बंदरगाह परियोजना, ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय संपर्क जैसे मुद्दों पर मिलकर काम कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत पश्चिम एशिया में अपने कूटनीतिक और आर्थिक हितों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
आगे की दिशा
डोभाल-रेजाई बातचीत के विस्तृत एजेंडे का आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन ईरानी दूतावास की पुष्टि यह संकेत देती है कि दोनों देश उच्च-स्तरीय सुरक्षा संवाद को निरंतर बनाए रखने के प्रति सजग हैं। अब यह देखना होगा कि ब्रिक्स सम्मेलन में तय हुए समझौतों पर व्यावहारिक प्रगति किस रफ्तार से होती है।