3 अगस्त 2026
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ओडिशा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: एनएसयूआई का प्रदर्शन, भक्त चरण दास समेत कई नेता हिरासत में

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ओडिशा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: एनएसयूआई का प्रदर्शन, भक्त चरण दास समेत कई नेता हिरासत में

सारांश

ओडिशा में शिक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर एनएसयूआई का गुस्सा सड़कों पर फूटा। किताबों में 2,000 से अधिक गलतियाँ और 50% पद रिक्त होने के आरोपों के बीच भुवनेश्वर में पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई, और ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास समेत कई नेता हिरासत में लिए गए।

मुख्य बातें

एनएसयूआई ने 2 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
लोअर पीएमजी पर पुलिस ने मार्च रोका; कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।
ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास समेत कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
कांग्रेस का आरोप — सरकारी स्कूलों की किताबों में 2,000 से अधिक गंभीर गलतियाँ और 50% शिक्षक पद रिक्त।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सरकार को 'युवा विरोधी' करार दिया।
ओडिशा छात्र कांग्रेस ने जंतर-मंतर से भी बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने 2 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में ओडिशा के स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। लोअर पीएमजी इलाके में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कमिश्नरेट पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास सहित कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के सरकारी आवास का घेराव करने जा रहे थे। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास और ओडिशा छात्र कांग्रेस के अध्यक्ष बिभूति भूषण मोहापात्र के नेतृत्व में यह मार्च निकाला जा रहा था। पुलिस ने लोअर पीएमजी पर ही इन्हें रोक लिया, जिसके बाद झड़प हुई।

इससे पहले रविवार को मास्टर कैंटीन चौक पर 'छात्र संकल्प समावेश' कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नवनियुक्त छात्र कांग्रेस अध्यक्ष बिभूति भूषण मोहापात्र का स्वागत हुआ और संगठन की आगामी रणनीति से जुड़ा प्रस्ताव पारित किया गया।

आरोप: किताबों में 2,000 से अधिक गलतियाँ, आधे पद रिक्त

ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों में 2,000 से अधिक गंभीर त्रुटियाँ हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में करीब 50 प्रतिशत शिक्षकों, फैकल्टी और अन्य कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं। दास के अनुसार, ओडिशा के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव भी नहीं कराए जा रहे।

उन्होंने कहा, "उन्हें सबक सिखाने के लिए ओडिशा में दिल्ली के जंतर-मंतर से भी बड़ा और असरदार आंदोलन करने की जरूरत है। अगर छात्र शक्ति जाग गई तो ओडिशा भी जाग जाएगा।"

एनएसयूआई का रुख: 'युवा विरोधी' सरकार

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर 'युवा विरोधी' और 'छात्र विरोधी' होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गिरावट के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह

दास ने आरोप लगाया कि मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की लगातार मांग के बावजूद राज्य सरकार उन्हें बचा रही है और मुख्यमंत्री माझी इस आलोचना से अप्रभावित हैं। राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई के बाद आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सत्ता बदलने के बाद भी ढाँचागत सुधार नदारद रहा है। असली सवाल यह है कि क्या एनएसयूआई का यह आंदोलन महज राजनीतिक दबाव है या छात्रों की वास्तविक पीड़ा को आवाज़ दे रहा है — क्योंकि 50% रिक्त पदों और 2,000 से अधिक पाठ्यपुस्तक त्रुटियों के दावे, अगर सत्यापित हों, तो यह प्रशासनिक विफलता की गंभीर तस्वीर पेश करते हैं। मुख्यमंत्री माझी की चुप्पी इस संकट को और गहरा कर रही है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनएसयूआई ने ओडिशा में प्रदर्शन क्यों किया?
एनएसयूआई ने ओडिशा के शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप है कि सरकारी स्कूलों की किताबों में 2,000 से अधिक गलतियाँ हैं और शिक्षा विभाग में व्यापक अनियमितताएँ हैं।
भक्त चरण दास को हिरासत में क्यों लिया गया?
ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास और कई अन्य कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने तब हिरासत में लिया जब वे मुख्यमंत्री के सरकारी आवास का घेराव करने जा रहे थे और लोअर पीएमजी पर पुलिस से उनकी धक्का-मुक्की हुई।
ओडिशा की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस के मुख्य आरोप क्या हैं?
कांग्रेस का आरोप है कि सरकारी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों में 2,000 से अधिक गंभीर त्रुटियाँ हैं, राज्य के शिक्षण संस्थानों में करीब 50% पद रिक्त हैं, और कॉलेजों-विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे। पार्टी का कहना है कि राज्य सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने क्या कहा?
विनोद जाखड़ ने राज्य सरकार को 'युवा विरोधी' और 'छात्र विरोधी' करार दिया। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
आगे आंदोलन की क्या योजना है?
भक्त चरण दास ने चेतावनी दी है कि जंतर-मंतर से भी बड़ा और असरदार आंदोलन ओडिशा में किया जाएगा। 'छात्र संकल्प समावेश' कार्यक्रम में संगठन की आगामी रणनीति से जुड़ा प्रस्ताव भी पारित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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