13 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुरी को विश्वस्तरीय शहर बनाने पर सीएम माझी का जोर, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुरी को विश्वस्तरीय शहर बनाने पर सीएम माझी का जोर, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

सारांश

ओडिशा के सीएम माझी ने पुरी को वैश्विक धार्मिक और पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया — जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर महाप्रसाद रसोईघर तक, हर परियोजना में विश्वस्तरीय मानक और शून्य लापरवाही की मांग की गई।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 12 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में पुरी की विकास परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा , रघुनंदन पुस्तकालय पुनर्निर्माण और श्री जगन्नाथ इंटरप्रिटेशन सेंटर में तेज़ी के निर्देश दिए गए।
पुरी-कोणार्क , पुरी-भुवनेश्वर और पुरी-ब्रह्मगिरि मार्गों के चौड़ीकरण की समीक्षा हुई।
ग्रैंड रोड से हटाए गए रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को श्री सेतु के पास तत्काल पुनर्वास के निर्देश।
माझी ने स्पष्ट किया — परियोजनाओं में देरी, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट कर दिया कि पवित्र तटीय शहर पुरी में चल रही सभी विकास परियोजनाएं विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में क्या हुआ

मुख्यमंत्री माझी ने पुरी जिले की प्रमुख विकास और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राज्य सरकार ने पुरी को विश्वस्तरीय धरोहर और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भगवान जगन्नाथ की परंपरागत रीतियों के सुचारु संचालन और श्रीमंदिर सेवायतों के कल्याण को सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

माझी ने कहा कि पुरी ओडिशा की पहचान है और दुनिया भर में भगवान जगन्नाथ के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है — इसलिए यहाँ किए जाने वाले हर कार्य में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

प्रमुख परियोजनाओं में तेजी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति देने के सख्त निर्देश दिए। इनमें श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, रघुनंदन पुस्तकालय का पुनर्निर्माण और श्री जगन्नाथ इंटरप्रिटेशन सेंटर शामिल हैं।

बैठक में नए मनोरंजन पार्क की योजना, श्री गुंडिचा मंदिर के समग्र विकास और महाप्रसाद तैयार करने के लिए नए विशाल रसोईघर के निर्माण पर भी विस्तार से चर्चा हुई। यह ऐसे समय में आया है जब पुरी में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या वर्ष-दर-वर्ष बढ़ रही है और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान

कनेक्टिविटी के मोर्चे पर पुरी-ब्रह्मगिरि, पुरी-कोणार्क और पुरी-भुवनेश्वर मार्गों के चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा की गई। इसके अलावा श्री जगन्नाथ मेडिकल कॉलेज, ब्लू फ्लैग बीच, प्रस्तावित अस्तारंगा बंदरगाह और कोणार्क सूर्य मंदिर के आसपास चल रहे विकास कार्यों की स्थिति का भी जायज़ा लिया गया।

गौरतलब है कि ब्लू फ्लैग बीच का दर्जा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक बड़ा कारण है और इसकी गुणवत्ता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल है।

स्थानीय लोगों और सेवायतों को प्राथमिकता

रोज़गार और आजीविका के मुद्दे पर मुख्यमंत्री माझी ने ग्रैंड रोड से हटाए गए रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के तत्काल पुनर्वास के निर्देश दिए और कहा कि उन्हें श्री सेतु के पास स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान स्थानीय सेवायतों, व्यापारियों और निवासियों की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

माझी ने यह भी कहा कि सभी योजनाओं का लाभ अंततः आम जनता तक पहुँचना चाहिए — केवल ऊपरी स्तर पर दिखावटी बदलाव पर्याप्त नहीं होंगे। पुरी जिले में स्थित प्रमुख मंदिरों, पुलों और शैक्षणिक संस्थानों के सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार की प्रगति की भी इस बैठक में समीक्षा की गई।

आगे की राह

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी परियोजनाओं की निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रगति सुनिश्चित की जाए और नियमित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रगति रिपोर्ट सौंपी जाए। माझी सरकार का यह कदम पुरी को एक वैश्विक धार्मिक और पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस संकेत माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वर्षों से लंबित हैं, इस बार समयसीमा में पूरी होती हैं या नहीं। ग्रैंड रोड के विक्रेताओं के पुनर्वास का मुद्दा यह भी दर्शाता है कि विकास की राह में स्थानीय आजीविका का सवाल अभी सुलझा नहीं है — यदि सेवायतों और व्यापारियों की जरूरतें वास्तव में प्राथमिकता बनती हैं, तभी यह मॉडल टिकाऊ कहलाएगा।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरी को विश्वस्तरीय शहर बनाने की योजना में क्या शामिल है?
ओडिशा सरकार की इस योजना में श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, रघुनंदन पुस्तकालय का पुनर्निर्माण, श्री जगन्नाथ इंटरप्रिटेशन सेंटर, नया मनोरंजन पार्क, महाप्रसाद रसोईघर और श्री गुंडिचा मंदिर का समग्र विकास शामिल है। इसके साथ ही प्रमुख सड़क मार्गों के चौड़ीकरण और कनेक्टिविटी सुधार भी इस योजना का हिस्सा हैं।
सीएम माझी ने पुरी समीक्षा बैठक में क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 12 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में हुई बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी, लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने स्थानीय सेवायतों, व्यापारियों और निवासियों की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
ग्रैंड रोड के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं का क्या होगा?
मुख्यमंत्री माझी ने निर्देश दिया है कि ग्रैंड रोड से हटाए गए रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को तत्काल श्री सेतु के पास स्थानांतरित किया जाए। यह कदम विकास कार्यों के दौरान स्थानीय आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पुरी-भुवनेश्वर और पुरी-कोणार्क मार्गों पर क्या काम होगा?
बैठक में पुरी-ब्रह्मगिरि, पुरी-कोणार्क और पुरी-भुवनेश्वर मार्गों के चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा की गई। इन मार्गों को बेहतर बनाने का उद्देश्य पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए कनेक्टिविटी सुगम करना है।
पुरी में ब्लू फ्लैग बीच और अस्तारंगा बंदरगाह की क्या स्थिति है?
बैठक में ब्लू फ्लैग बीच की गुणवत्ता बनाए रखने और प्रस्तावित अस्तारंगा बंदरगाह के विकास कार्यों पर चर्चा हुई। कोणार्क सूर्य मंदिर के आसपास चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का भी जायज़ा लिया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले