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परिसीमन BJP को फायदा पहुँचाने के लिए हुआ: J&K CM उमर अब्दुल्ला का बड़ा आरोप

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परिसीमन BJP को फायदा पहुँचाने के लिए हुआ: J&K CM उमर अब्दुल्ला का बड़ा आरोप

सारांश

J&K के CM उमर अब्दुल्ला ने सीधे आरोप लगाए कि परिसीमन BJP के हित में किया गया और SIR प्रक्रिया उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। सर्वोच्च न्यायालय के नोटिस के बाद फॉर्म 7 के दुरुपयोग की राह मुश्किल होगी — यह एक बड़ा राजनीतिक बयान है जो मंत्रिमंडल विस्तार की अनिश्चितता के बीच आया है।

मुख्य बातें

उमर अब्दुल्ला ने 7 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन BJP को राजनीतिक लाभ पहुँचाने के लिए किया गया।
SIR प्रक्रिया और फॉर्म 7 के कथित दुरुपयोग पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किया जा चुका है।
मंत्रिमंडल विस्तार GST बैठक के बाद डॉ.
फारूक अब्दुल्ला से परामर्श के उपरांत होगा; अभी 6 में से 10 पद भरे हैं।
कांग्रेस ने कहा — जब तक पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल न हो, मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होंगे।
90 सदस्यीय विधानसभा में NC के 41 , BJP के 29 , कांग्रेस के 6 और 6 निर्दलीय विधायक हैं।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 7 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र शासित प्रदेश में परिसीमन भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राजनीतिक लाभ पहुँचाने के इरादे से किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का इस्तेमाल भी उसी पार्टी की मदद के लिए किया जा रहा है।

परिसीमन पर मुख्यमंत्री के आरोप

उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जम्मू-कश्मीर में परिसीमन BJP को समर्थन देने के लिए किया गया था।' उनका कहना था कि इस परिसीमन के कारण केंद्र शासित प्रदेश को पहले ही नुकसान उठाना पड़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब SIR प्रक्रिया को लेकर देश के कई हिस्सों में सवाल उठ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसा किया जा रहा है और जम्मू-कश्मीर में भी इसी रास्ते पर चला जा सकता है। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस मामले में नोटिस जारी किए जाने के बाद, फॉर्म 7 का दुरुपयोग कर BJP की मदद करना अब उतना सहज नहीं होगा।

मानहानि मुकदमे पर बयान

मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने एक प्रमुख राष्ट्रीय दैनिक में प्रकाशित एक रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए कहा कि यदि वह रिपोर्ट गलत होती, तो सरकार ने उस अखबार पर मानहानि का मुकदमा दर्ज किया होता। उनके अनुसार, मुकदमा न होने का तथ्य यह प्रमाणित करता है कि वह रिपोर्ट सही थी। गौरतलब है कि उन्होंने अखबार या रिपोर्ट का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया।

मंत्रिमंडल विस्तार की रूपरेखा

मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे दिल्ली में होने वाली आगामी GST बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला से परामर्श करेंगे और उसके बाद ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।

नियमों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम दस मंत्री हो सकते हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री सहित केवल छह मंत्री हैं, जिसका अर्थ है कि उमर अब्दुल्ला चार और मंत्री शामिल कर सकते हैं और मौजूदा मंत्रियों में फेरबदल भी कर सकते हैं।

कांग्रेस की शर्त और विधानसभा की स्थिति

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस को मंत्रिमंडल में एक पद देने की पेशकश की थी। हालाँकि, जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया जाता, कांग्रेस मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी।

90 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के 41 विधायक हैं, BJP के 29, कांग्रेस के 6, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के 4, आम आदमी पार्टी (AAP) का 1, CPI (M) का 1, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (PC) का 1, अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) का 1, और 6 निर्दलीय विधायक हैं — जिनमें से 4 निर्दलीय NC सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं।

आगे की राह

GST परिषद की बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है। SIR प्रक्रिया और परिसीमन पर सर्वोच्च न्यायालय के रुख से राजनीतिक समीकरण और अधिक जटिल हो सकते हैं, जिस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय महत्वपूर्ण है — SIR प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय के नोटिस के ठीक बाद यह आरोप राजनीतिक रूप से सोचा-समझा कदम लगता है। असली सवाल यह है कि क्या NC सरकार परिसीमन की कानूनी चुनौती को आगे बढ़ाएगी या केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगी। कांग्रेस की राज्य के दर्जे की शर्त और मंत्रिमंडल विस्तार में देरी दोनों मिलाकर यह संकेत देते हैं कि J&K में गठबंधन की राजनीति अभी भी नाज़ुक दौर से गुज़र रही है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमर अब्दुल्ला ने परिसीमन पर क्या आरोप लगाए?
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन BJP को राजनीतिक फायदा पहुँचाने के लिए किया गया था और SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल भी उसी उद्देश्य के लिए हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के नोटिस के बाद फॉर्म 7 के दुरुपयोग की गुंजाइश अब कम हो गई है।
जम्मू-कश्मीर में मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा?
CM उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली में आगामी GST बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला से परामर्श कर मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। फिलहाल मुख्यमंत्री सहित छह मंत्री हैं, जबकि नियमानुसार दस मंत्री हो सकते हैं।
कांग्रेस J&K मंत्रिमंडल में क्यों शामिल नहीं हो रही?
विधानसभा अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने स्पष्ट किया है कि जब तक जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया जाता, कांग्रेस मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी। CM ने कांग्रेस को एक मंत्री पद की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी ने इसे अभी तक अस्वीकार कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में अभी कौन-सी पार्टी की कितनी सीटें हैं?
90 सदस्यीय विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के 41, BJP के 29, कांग्रेस के 6, PDP के 4, AAP का 1, CPI (M) का 1, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस का 1, AIP का 1 और 6 निर्दलीय विधायक हैं। इनमें से 4 निर्दलीय NC सरकार को समर्थन दे रहे हैं।
SIR प्रक्रिया और फॉर्म 7 विवाद क्या है?
विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया है, जिसमें फॉर्म 7 के ज़रिये मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। उमर अब्दुल्ला सहित विपक्षी दलों का आरोप है कि इसका इस्तेमाल BJP के पक्ष में मतदाता सूचियों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में नोटिस जारी कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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