13 जुलाई 2026
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उमर अब्दुल्ला को BJP का 7 दिन का अल्टीमेटम: माफी नहीं तो ₹100 करोड़ का मानहानि मुकदमा

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उमर अब्दुल्ला को BJP का 7 दिन का अल्टीमेटम: माफी नहीं तो ₹100 करोड़ का मानहानि मुकदमा

सारांश

BJP ने CM उमर अब्दुल्ला पर ₹100 करोड़ के मानहानि मुकदमे की चेतावनी दी है। 11 जुलाई को श्रीनगर में लगाए गए रिश्वत के आरोपों को BJP ने 'झूठा और मनगढ़ंत' बताते हुए सात दिनों में माफी माँगने का अल्टीमेटम दिया है — वरना अदालत का दरवाज़ा खटखटाने की तैयारी है।

मुख्य बातें

BJP ने 13 जुलाई 2025 को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को कानूनी नोटिस भेजा।
नोटिस BJP के J&K अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सतपाल शर्मा के माध्यम से भेजा गया है।
CM ने 11 जुलाई को श्रीनगर में BJP नेता और सुप्रीम कोर्ट वकील पर ₹20–₹30 करोड़ रिश्वत देने का आरोप लगाया था।
7 दिनों के भीतर माफी नहीं माँगी तो ₹100 करोड़ का दीवानी और आपराधिक मानहानि मुकदमा दायर होगा।
BJP ने दावा किया कि CM राज्य में 24,000 नौकरियों के विवाद से ध्यान भटकाने के लिए ये आरोप लगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री की ओर से अब तक अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से 13 जुलाई 2025 को कानूनी नोटिस भेजा गया है, जिसमें सात दिनों के भीतर रिश्वत संबंधी बयान वापस लेने और लिखित माफी माँगने की माँग की गई है। ऐसा न करने पर उनके विरुद्ध ₹100 करोड़ का दीवानी मानहानि मुकदमा और आपराधिक मानहानि की कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

विवाद की जड़: 11 जुलाई का वह बयान

11 जुलाई को श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि BJP के एक वरिष्ठ नेता और सर्वोच्च न्यायालय के एक वकील ने उनकी पार्टी के एक विधायक से संपर्क कर ₹20 से ₹30 करोड़ की रिश्वत और मंत्री पद देने का प्रस्ताव रखा था। इस बयान के बाद BJP ने तत्काल दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं — पहली 11 जुलाई की शाम और दूसरी उसके अगले रविवार को — जिनमें मुख्यमंत्री से आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण माँगे गए।

BJP का कानूनी पक्ष

BJP की ओर से भेजे गए नोटिस पर वकील परिमोक्ष सेठ ने कहा कि यह नोटिस BJP के जम्मू-कश्मीर अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सतपाल शर्मा के माध्यम से भेजा गया है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए रिश्वत के आरोप 'पूरी तरह झूठे, निराधार और मानहानिकारक' हैं। उन्होंने कहा कि यह बयान प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिससे BJP की छवि को नुकसान पहुँचा।

परिमोक्ष सेठ ने स्पष्ट किया कि नोटिस में मुख्यमंत्री से तीन बातें माँगी गई हैं: अपना बयान लिखित रूप में वापस लेना, सार्वजनिक रूप से माफी माँगना और भविष्य में इस प्रकार के आरोप न दोहराने का आश्वासन देना। यदि सात दिनों के भीतर इन माँगों का पालन नहीं किया गया, तो आपराधिक मानहानि के साथ-साथ ₹100 करोड़ का दीवानी मुकदमा दायर किया जाएगा।

BJP का प्रति-आरोप: ध्यान भटकाने की रणनीति

वकील परिमोक्ष सेठ ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपनी सरकार से जुड़े अन्य विवादों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए ये आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कथित तौर पर 24,000 नौकरियाँ आउटसोर्सिंग और बैकडोर तरीके से दी गई हैं, और इन्हीं मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए BJP पर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की ओर से अब तक अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

आगे क्या होगा

यह मामला जम्मू-कश्मीर की राजनीति में तेज़ी से नया मोड़ ले रहा है। यदि मुख्यमंत्री निर्धारित समय-सीमा में नोटिस का जवाब नहीं देते, तो BJP के अनुसार अदालती कार्रवाई अवश्यंभावी है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस तरह के कानूनी दाँव-पेच आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति को और गरमा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक संदेश अधिक लगता है — ऐसे राज्य में जहाँ सत्ता-विपक्ष के बीच हर बयान एक युद्धक्षेत्र बन जाता है। असली सवाल यह है कि CM उमर अब्दुल्ला ने जो रिश्वत का आरोप लगाया, उसके पक्ष में अब तक कोई प्रमाण सामने क्यों नहीं आया — और BJP ने भी उस विधायक का नाम सार्वजनिक करने से परहेज़ क्यों किया। दोनों पक्षों की चुप्पी यह संकेत देती है कि यह मामला अदालत से ज़्यादा मीडिया में लड़ा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर की नई विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच यह टकराव आने वाले समय में और तीखा होगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमर अब्दुल्ला पर BJP का मानहानि नोटिस किस बात पर है?
BJP ने CM उमर अब्दुल्ला को 11 जुलाई 2025 के उस बयान पर नोटिस भेजा है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि BJP के एक वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट वकील ने उनकी पार्टी के एक विधायक को ₹20–₹30 करोड़ रिश्वत और मंत्री पद का प्रस्ताव दिया। BJP इसे 'झूठा और मानहानिकारक' बताती है।
उमर अब्दुल्ला को माफी माँगने के लिए कितना समय दिया गया है?
BJP ने कानूनी नोटिस में CM उमर अब्दुल्ला को 7 दिनों का समय दिया है। इस अवधि में उन्हें लिखित रूप में बयान वापस लेना होगा, सार्वजनिक माफी माँगनी होगी और भविष्य में ऐसे आरोप न दोहराने का आश्वासन देना होगा।
माफी नहीं माँगने पर क्या होगा?
यदि निर्धारित समय-सीमा में CM माफी नहीं माँगते, तो BJP उनके विरुद्ध ₹100 करोड़ का दीवानी मानहानि मुकदमा और आपराधिक मानहानि की कार्रवाई दोनों एक साथ शुरू करेगी, जैसा कि वकील परिमोक्ष सेठ ने स्पष्ट किया।
BJP का यह नोटिस किसके माध्यम से भेजा गया?
यह कानूनी नोटिस BJP के जम्मू-कश्मीर अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सतपाल शर्मा के माध्यम से भेजा गया है। पार्टी की ओर से वकील परिमोक्ष सेठ इस मामले को संभाल रहे हैं।
BJP ने CM उमर अब्दुल्ला पर क्या प्रति-आरोप लगाए हैं?
BJP के वकील ने दावा किया है कि CM उमर अब्दुल्ला राज्य में कथित तौर पर आउटसोर्सिंग और बैकडोर तरीके से दी गई 24,000 नौकरियों के विवाद से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ये निराधार आरोप लगा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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