अरुणाचल LAC पर चीनी गतिविधियाँ: ओवैसी ने मोदी सरकार से माँगा स्पष्ट जवाब
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने 17 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट चीन की कथित गतिविधियों और भारतीय सेना की पेट्रोलिंग रोके जाने की खबरों पर केंद्र सरकार से कड़ा जवाब माँगा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह सीमा की वास्तविक स्थिति को लेकर देश को अँधेरे में रख रही है।
एक्स पर उठाए तीखे सवाल
ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार की 'लगातार चुप्पी' के कारण वे अपने सवाल दोहराने पर मजबूर हैं। उन्होंने तीन सीधे प्रश्न उठाए — पहला, क्या चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने हाल ही में भारतीय सेना की पेट्रोलिंग टीम को उन क्षेत्रों में जाने से रोका है जहाँ जवान पहले नियमित रूप से गश्त करते थे? दूसरा, क्या PLA ने भारतीय सेना द्वारा बनाए गए किसी अस्थायी ढाँचे को नष्ट किया है? तीसरा, क्या चीन ने उन इलाकों में तंबू लगाए हैं जो भारतीय क्षेत्र में आते हैं?
शी जिनपिंग की संभावित यात्रा पर तीखी टिप्पणी
ओवैसी ने अपनी एक अन्य पोस्ट में लिखा, 'एक तरफ सीमा पर यह सब हो रहा है, हम अगले महीने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को नई दिल्ली आने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। क्या चीनी सैनिकों से डील करने की यह हमारी नीति है, जो हमारे इलाके में टेंट गाड़ रहे हैं और हमारी गश्त को रोक रहे हैं? या हमने वो सभी शर्तें स्वीकार कर ली हैं, जो बीजिंग ने द्विपक्षीय संबंधों को 'सामान्य' बनाने के लिए हमारे सामने रखी हैं?' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत-चीन राजनयिक संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिशें जारी बताई जा रही हैं।
पारदर्शिता की माँग
ओवैसी ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब माँगा हो। उनके अनुसार, केंद्र की ओर से अब तक उपलब्ध कराई गई जानकारी 'अपर्याप्त और अस्पष्ट' रही है। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता बरतने और सीमा की स्थिति पर देश को विस्तृत जानकारी देने की माँग दोहराई।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश को चीन 'दक्षिण तिब्बत' का हिस्सा बताता आया है, जिसे भारत पूरी तरह खारिज करता है। 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद से LAC पर तनाव की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ओवैसी के सवाल ऐसे समय में सामने आए हैं जब अरुणाचल सीमा पर चीनी गतिविधियों को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आगे क्या
विपक्षी दलों द्वारा संसद और सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे को उठाए जाने की संभावना है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को LAC पर स्थिति को लेकर अधिक स्पष्टता लानी होगी, खासकर जब राजनयिक स्तर पर चीन के साथ संवाद जारी है।