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अरुणाचल LAC पर चीनी गतिविधियाँ: ओवैसी ने मोदी सरकार से माँगा स्पष्ट जवाब

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अरुणाचल LAC पर चीनी गतिविधियाँ: ओवैसी ने मोदी सरकार से माँगा स्पष्ट जवाब

सारांश

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश में LAC के पास PLA की कथित गतिविधियों — भारतीय पेट्रोलिंग रोकना, ढाँचे नष्ट करना, तंबू लगाना — पर मोदी सरकार की 'चुप्पी' को चुनौती दी है। साथ ही पूछा कि शी जिनपिंग को दिल्ली आमंत्रित करने से पहले सरकार ने क्या शर्तें मानी हैं।

मुख्य बातें

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 17 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर अरुणाचल प्रदेश में LAC के पास चीनी गतिविधियों पर केंद्र से जवाब माँगा।
ओवैसी ने पूछा — क्या PLA ने भारतीय सेना की पेट्रोलिंग रोकी, अस्थायी ढाँचे नष्ट किए और भारतीय क्षेत्र में तंबू लगाए?
उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित नई दिल्ली यात्रा और सीमा पर कथित गतिविधियों के बीच विरोधाभास को उजागर किया।
ओवैसी ने सरकार की प्रतिक्रिया को 'अपर्याप्त और अस्पष्ट' बताते हुए पारदर्शिता की माँग दोहराई।
केंद्र सरकार की ओर से इन सवालों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने 17 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट चीन की कथित गतिविधियों और भारतीय सेना की पेट्रोलिंग रोके जाने की खबरों पर केंद्र सरकार से कड़ा जवाब माँगा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह सीमा की वास्तविक स्थिति को लेकर देश को अँधेरे में रख रही है।

एक्स पर उठाए तीखे सवाल

ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार की 'लगातार चुप्पी' के कारण वे अपने सवाल दोहराने पर मजबूर हैं। उन्होंने तीन सीधे प्रश्न उठाए — पहला, क्या चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने हाल ही में भारतीय सेना की पेट्रोलिंग टीम को उन क्षेत्रों में जाने से रोका है जहाँ जवान पहले नियमित रूप से गश्त करते थे? दूसरा, क्या PLA ने भारतीय सेना द्वारा बनाए गए किसी अस्थायी ढाँचे को नष्ट किया है? तीसरा, क्या चीन ने उन इलाकों में तंबू लगाए हैं जो भारतीय क्षेत्र में आते हैं?

शी जिनपिंग की संभावित यात्रा पर तीखी टिप्पणी

ओवैसी ने अपनी एक अन्य पोस्ट में लिखा, 'एक तरफ सीमा पर यह सब हो रहा है, हम अगले महीने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को नई दिल्ली आने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। क्या चीनी सैनिकों से डील करने की यह हमारी नीति है, जो हमारे इलाके में टेंट गाड़ रहे हैं और हमारी गश्त को रोक रहे हैं? या हमने वो सभी शर्तें स्वीकार कर ली हैं, जो बीजिंग ने द्विपक्षीय संबंधों को 'सामान्य' बनाने के लिए हमारे सामने रखी हैं?' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत-चीन राजनयिक संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिशें जारी बताई जा रही हैं।

पारदर्शिता की माँग

ओवैसी ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब माँगा हो। उनके अनुसार, केंद्र की ओर से अब तक उपलब्ध कराई गई जानकारी 'अपर्याप्त और अस्पष्ट' रही है। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता बरतने और सीमा की स्थिति पर देश को विस्तृत जानकारी देने की माँग दोहराई।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश को चीन 'दक्षिण तिब्बत' का हिस्सा बताता आया है, जिसे भारत पूरी तरह खारिज करता है। 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद से LAC पर तनाव की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ओवैसी के सवाल ऐसे समय में सामने आए हैं जब अरुणाचल सीमा पर चीनी गतिविधियों को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आगे क्या

विपक्षी दलों द्वारा संसद और सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे को उठाए जाने की संभावना है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को LAC पर स्थिति को लेकर अधिक स्पष्टता लानी होगी, खासकर जब राजनयिक स्तर पर चीन के साथ संवाद जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ LAC पर जमीनी हकीकत अस्पष्ट बनी हुई है। 2020 के गलवान संघर्ष के बाद सरकार ने सीमा पर पारदर्शिता को लेकर जो रवैया अपनाया है, वह बार-बार सवालों के घेरे में आता रहा है। शी जिनपिंग की संभावित यात्रा से पहले इन सवालों का जवाब न देना, सरकार की कूटनीतिक स्थिति को और कमजोर करता है — क्योंकि चुप्पी खुद एक संदेश है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओवैसी ने अरुणाचल LAC पर सरकार से क्या सवाल पूछे हैं?
ओवैसी ने तीन सवाल उठाए हैं — क्या PLA ने भारतीय सेना की पेट्रोलिंग रोकी है, क्या उसने भारतीय सेना के अस्थायी ढाँचे नष्ट किए हैं, और क्या चीन ने भारतीय क्षेत्र में तंबू लगाए हैं। उन्होंने सरकार की 'लगातार चुप्पी' को अस्वीकार्य बताया है।
क्या केंद्र सरकार ने ओवैसी के सवालों का जवाब दिया है?
अभी तक केंद्र सरकार की ओर से इन सवालों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ओवैसी ने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी 'अपर्याप्त और अस्पष्ट' रही है।
अरुणाचल प्रदेश में LAC पर चीन की गतिविधियाँ क्यों विवादास्पद हैं?
चीन अरुणाचल प्रदेश को 'दक्षिण तिब्बत' का हिस्सा बताता है, जिसे भारत पूरी तरह खारिज करता है। 2020 के गलवान संघर्ष के बाद से LAC पर तनाव की खबरें आती रही हैं, और पेट्रोलिंग अधिकारों को लेकर दोनों देशों के बीच संवेदनशील वार्ताएँ जारी हैं।
ओवैसी ने शी जिनपिंग की दिल्ली यात्रा का जिक्र क्यों किया?
ओवैसी ने सवाल उठाया कि जब LAC पर कथित तौर पर चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में तंबू लगा रहे हैं और गश्त रोक रहे हैं, तब चीनी राष्ट्रपति को नई दिल्ली आमंत्रित करना किस नीति का हिस्सा है। उन्होंने पूछा कि क्या भारत ने बीजिंग की शर्तें मान ली हैं।
इस मुद्दे पर आगे क्या हो सकता है?
विपक्षी दलों द्वारा संसद और सार्वजनिक मंचों पर यह मुद्दा उठाए जाने की संभावना है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शी जिनपिंग की संभावित यात्रा से पहले सरकार को LAC की स्थिति पर स्पष्ट रुख अपनाना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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