20 अक्टूबर 2026
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रेस कोर्स मस्जिद विवाद: ओवैसी ने किरेन रिजिजू से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

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रेस कोर्स मस्जिद विवाद: ओवैसी ने किरेन रिजिजू से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

सारांश

दिल्ली की ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद पर खतरे की घंटी बज रही है — बिजली-पानी कट गई, गेट बंद हो गए और 6 दिन में खाली करने का फरमान आ गया। ओवैसी ने मंत्री रिजिजू को सीधे जिम्मेदार ठहराया और वक्फ बोर्ड की निष्क्रियता पर तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने 20 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से रेस कोर्स मस्जिद मामले में तत्काल हस्तक्षेप की माँग की।
मस्जिद की देखभाल करने वाले मोहम्मद हारून को छह दिनों के भीतर परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया; बिजली-पानी काटी गई और LNDO ने सभी गेट बंद किए।
ओवैसी के अनुसार यह मस्जिद 1977 से वक्फ संपत्ति है और गजट में दर्ज है, फिर भी कोई कानूनी पैरवी नहीं हुई।
दिल्ली वक्फ बोर्ड का 2023 से पुनर्गठन नहीं हुआ, जिससे जिम्मेदारी सीधे अल्पसंख्यक मंत्री पर आती है।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मंत्री रिजिजू को ज्ञापन सौंपकर मस्जिद व सफदरजंग मकबरे के पास के कब्रिस्तान को बचाने की माँग की।

एआईएमआईएम अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने 20 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से नई दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद (जिसे 'हुजरा कुआं' के नाम से भी जाना जाता है) के मामले में तत्काल दखल देने का आग्रह किया। ओवैसी ने आरोप लगाया कि मस्जिद की बिजली-पानी काटी जा चुकी है और देखभाल करने वाले को बिना किसी औपचारिक नोटिस के ढाँचा गिराने की धमकी दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

लगभग 40 वर्षों से मस्जिद से जुड़े मोहम्मद हारून ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में बताया कि अधिकारियों ने उन्हें छह दिनों के भीतर जगह खाली करने का निर्देश दिया है। उनके अनुसार लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (LNDO) ने परिसर के सभी गेट बंद कर दिए हैं और बिजली तथा पानी की आपूर्ति भी काट दी गई है।

इससे पहले ओवैसी ने एक अलग पोस्ट में मस्जिद को गिराने की कथित कोशिश की कड़ी निंदा की और बताया कि नमाजियों को वहाँ नमाज पढ़ने से रोका जा रहा है, जबकि 1977 के गजट में इस मस्जिद का विधिवत उल्लेख दर्ज है।

ओवैसी के तर्क: वक्फ और कानूनी सुरक्षा

ओवैसी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'वक्फ संशोधन अधिनियम भी मस्जिद की सुरक्षा करता है, क्योंकि यह 'उपयोग के आधार पर वक्फ' है। अतीत में पंजीकृत ऐसी सभी संपत्तियाँ सुरक्षित हैं। फिर भी, कोई प्रयास नहीं किया गया।'

उन्होंने यह भी कहा कि 1977 से यह मस्जिद एक वक्फ संपत्ति है, लेकिन वक्फ बोर्ड ने न तो ध्वस्तीकरण के आदेश को कानूनी चुनौती दी और न ही विवाद सुलझाने का प्रयास किया।

दिल्ली वक्फ बोर्ड की निष्क्रियता पर सवाल

ओवैसी ने इस प्रसंग में एक महत्वपूर्ण संस्थागत खामी की ओर ध्यान दिलाया — 2023 से दिल्ली वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन नहीं हुआ है, जिससे संपत्तियों की कानूनी पैरवी करने वाला कोई निर्वाचित निकाय मौजूद नहीं है। उनके अनुसार इस शून्य को भरने की जिम्मेदारी सीधे अल्पसंख्यक कार्य मंत्री पर आती है, और बोर्ड के सीईओ भी स्वतंत्र रूप से हस्तक्षेप कर सकते थे, परंतु वह भी नहीं हुआ।

यह ऐसे समय में आया है जब वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर देशभर में बहस जारी है और अल्पसंख्यक संगठनों की ओर से धार्मिक संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ लगातार उठाई जा रही हैं।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद का हस्तक्षेप

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में रेस कोर्स मस्जिद के साथ-साथ सफदरजंग मकबरे के पीछे स्थित कब्रिस्तान को भी बचाने के लिए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की माँग की गई है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

ओवैसी ने अपनी पोस्ट में सीधा सवाल उठाया — 'मुसलमानों के इबादतगाहों को निशाना क्यों बनाया जा रहा है? वक्फ संशोधन अधिनियम और धार्मिक स्थल अधिनियम के दुरुपयोग को लेकर हमारी आशंकाएँ सच होती दिख रही हैं।' उन्होंने माँग की कि सरकार इन कथित गैरकानूनी धमकियों को वापस ले और स्पष्ट करे कि मस्जिद के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी।

अब सभी की नज़रें केंद्रीय मंत्री रिजिजू की आधिकारिक प्रतिक्रिया और LNDO की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं — यह मामला राजधानी में धार्मिक संपत्तियों के अधिकार और वक्फ कानून की व्यावहारिक उपयोगिता दोनों की कसौटी बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसकी व्यावहारिक परीक्षा यहीं से शुरू होती है। ओवैसी का रिजिजू को सीधे संबोधित करना राजनीतिक दबाव की रणनीति भी है और जवाबदेही की माँग भी — सरकार की चुप्पी अब विकल्प नहीं रहेगी।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद विवाद क्या है?
रेस कोर्स के पास स्थित ऐतिहासिक मस्जिद 'हुजरा कुआं' को कथित तौर पर गिराने की कोशिश की जा रही है। LNDO ने परिसर के गेट बंद कर बिजली-पानी काट दिया है और देखभाल करने वाले को 6 दिन में जगह खाली करने का निर्देश दिया गया है, जबकि कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं हुआ।
ओवैसी ने किरेन रिजिजू से हस्तक्षेप क्यों माँगा?
ओवैसी का तर्क है कि 2023 से दिल्ली वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन नहीं हुआ है, इसलिए वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीधे केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर आती है। बोर्ड के सीईओ भी स्वतंत्र रूप से हस्तक्षेप कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
क्या रेस कोर्स मस्जिद वक्फ संपत्ति है?
ओवैसी के अनुसार यह मस्जिद 1977 से वक्फ संपत्ति है और उस वर्ष के गजट में इसका विधिवत उल्लेख है। उनका कहना है कि वक्फ संशोधन अधिनियम के तहत 'उपयोग के आधार पर वक्फ' के रूप में पंजीकृत सभी पुरानी संपत्तियाँ सुरक्षित हैं।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने इस मामले में क्या कदम उठाया?
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसमें रेस कोर्स मस्जिद के साथ-साथ सफदरजंग मकबरे के पीछे स्थित कब्रिस्तान को बचाने के लिए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की माँग की गई है।
इस विवाद का वक्फ संशोधन अधिनियम से क्या संबंध है?
ओवैसी का कहना है कि वक्फ संशोधन अधिनियम में 'उपयोग के आधार पर वक्फ' प्रावधान के तहत इस मस्जिद को कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में अधिनियम और धार्मिक स्थल अधिनियम के कथित दुरुपयोग को लेकर अल्पसंख्यक समुदाय की आशंकाएँ सच होती दिख रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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