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ओवैसी की अमित शाह से अपील: राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में मुस्लिम धार्मिक स्थलों का विध्वंस तुरंत रोकें

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ओवैसी की अमित शाह से अपील: राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में मुस्लिम धार्मिक स्थलों का विध्वंस तुरंत रोकें

सारांश

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने राजस्थान के चार सीमावर्ती जिलों में 13 से अधिक मस्जिदों और दरगाहों के कथित विध्वंस को 'लक्षित और अवैध' बताते हुए गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है — जिसमें जैसलमेर की 250 साल पुरानी दरगाह भी शामिल है।

मुख्य बातें

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने 21 जून को एक्स पर पोस्ट कर गृह मंत्री अमित शाह से राजस्थान में विध्वंस रोकने की माँग की।
प्रभावित जिले: बीकानेर में 4 मस्जिदें और फलोदी, जैसलमेर व बाड़मेर में 9 मस्जिदें व दरगाहें कथित तौर पर ध्वस्त।
जैसलमेर के रामगढ़-तनोट बाईपास पर स्थित हजरत महमूद शाह जिलानी की लगभग 250 साल पुरानी दरगाह भी निशाने पर।
प्रशासन ने विध्वंस को राष्ट्रीय सुरक्षा और चरागाह भूमि अतिक्रमण का आधार बताया; ओवैसी ने इसे 'भेदभावपूर्ण' कहा।
ओवैसी ने सीबीआई की अपील के निर्णय पर भी प्रतिक्रिया देते हुए पिछले विवादास्पद मामलों का हवाला दिया।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में मुस्लिम धार्मिक स्थलों के कथित विध्वंस पर गहरी चिंता जताते हुए रविवार, 21 जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इन्हें तत्काल रोकने की माँग की। ओवैसी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इन विध्वंसों को 'भेदभावपूर्ण', 'लक्षित' और 'अवैध' करार दिया।

किन जिलों में और कितने स्थल प्रभावित

ओवैसी ने अपनी पोस्ट में बताया कि बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर और बाड़मेर — राजस्थान के चार सीमावर्ती जिलों — में मस्जिदों, दरगाहों और अन्य मुस्लिम धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर विध्वंस की लहर चल रही है। उन्होंने एआईएमआईएम बीकानेर जिला अध्यक्ष शफी जमील कासमी से बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि अब तक बीकानेर में चार मस्जिदें और फलोदी, जैसलमेर व बाड़मेर में नौ मस्जिदें और दरगाहें ध्वस्त की जा चुकी हैं। इसके अलावा सैकड़ों अन्य धार्मिक स्थलों को नोटिस जारी किए गए हैं।

250 साल पुरानी दरगाह भी निशाने पर

ओवैसी ने विशेष रूप से जैसलमेर के रामगढ़-तनोट बाईपास रोड पर स्थित हजरत महमूद शाह जिलानी की लगभग 250 साल पुरानी दरगाह का उल्लेख किया, जो कथित तौर पर इन विध्वंसों की ज़द में है। उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों को राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर उचित ठहराया जा रहा है, जबकि इन इलाकों के किसी भी निवासी का किसी संदिग्ध गतिविधि से कोई संबंध नहीं रहा है।

प्रशासन के तर्क और ओवैसी के आरोप

ओवैसी के अनुसार, अधिकारियों का दावा है कि कुछ इमारतें चरागाह भूमि पर निर्मित हैं। जिन मामलों में इमारतें निजी संपत्ति पर होना साबित हुआ है, वहाँ कथित तौर पर अनुमति या मंजूरी न होने का आधार लिया जा रहा है। एआईएमआईएम प्रमुख ने आरोप लगाया कि केवल मुस्लिम धार्मिक स्थलों को ही इस कार्रवाई का निशाना बनाया जा रहा है — जो उनके अनुसार भेदभावपूर्ण है।

सीबीआई अपील पर भी ओवैसी की तीखी प्रतिक्रिया

इससे एक दिन पहले, शनिवार को एक अलग पोस्ट में ओवैसी ने महाराष्ट्र कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी की 2006 में हुई दोहरी हत्या के मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील करने के निर्णय पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि मोदी सरकार ने बाबरी मस्जिद, मक्का मस्जिद विस्फोट और अजमेर विस्फोट जैसे मामलों में सीबीआई को अपील की अनुमति नहीं दी, जबकि इन मामलों में किसी भी आरोपी को दोषी नहीं पाया गया।

आगे क्या होगा

ओवैसी की माँग के बाद यह देखना होगा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और राजस्थान सरकार इस पर क्या रुख अपनाती हैं। यह मामला राजनीतिक और सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए आने वाले दिनों में और गरमा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो क्या यही मानक अन्य समुदायों के धार्मिक स्थलों पर भी समान रूप से लागू होता है? मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ओवैसी की राजनीतिक पहचान पर केंद्रित हो जाती है और इस ठोस सवाल को नज़रअंदाज़ कर देती है। 250 साल पुरानी दरगाह का उल्लेख इस बहस को कानूनी से सांस्कृतिक विरासत के दायरे में ले जाता है — जहाँ जवाबदेही और अधिक कड़ी होनी चाहिए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में मुस्लिम धार्मिक स्थलों के विध्वंस का मामला क्या है?
राजस्थान के सीमावर्ती जिलों बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर और बाड़मेर में कथित तौर पर मस्जिदों और दरगाहों को ध्वस्त किया जा रहा है। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के अनुसार अब तक 13 से अधिक धार्मिक स्थल ध्वस्त हो चुके हैं और सैकड़ों को नोटिस जारी किए गए हैं।
ओवैसी ने अमित शाह से क्यों हस्तक्षेप की माँग की?
ओवैसी ने इन विध्वंसों को 'भेदभावपूर्ण और लक्षित' बताते हुए कहा कि केवल मुस्लिम धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को एक्स पर टैग कर तत्काल रोक लगाने की माँग की।
प्रशासन ने विध्वंस का क्या आधार बताया है?
अधिकारियों का कहना है कि कुछ इमारतें चरागाह भूमि पर अतिक्रमण करके बनाई गई हैं, जबकि अन्य मामलों में निर्माण अनुमति न होने का आरोप है। ओवैसी ने इन तर्कों को 'बहाना' बताते हुए खारिज किया है।
जैसलमेर की 250 साल पुरानी दरगाह कौन सी है?
यह जैसलमेर के रामगढ़-तनोट बाईपास रोड पर स्थित हजरत महमूद शाह जिलानी की दरगाह है, जो लगभग 250 साल पुरानी बताई जाती है। ओवैसी के अनुसार यह दरगाह भी विध्वंस की ज़द में है।
क्या इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई हुई है?
अभी तक किसी स्वतंत्र न्यायिक हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं हुई है। ओवैसी ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की माँग की है, लेकिन गृह मंत्रालय या राजस्थान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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