ओवैसी की अमित शाह से अपील: राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में मुस्लिम धार्मिक स्थलों का विध्वंस तुरंत रोकें
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में मुस्लिम धार्मिक स्थलों के कथित विध्वंस पर गहरी चिंता जताते हुए रविवार, 21 जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इन्हें तत्काल रोकने की माँग की। ओवैसी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इन विध्वंसों को 'भेदभावपूर्ण', 'लक्षित' और 'अवैध' करार दिया।
किन जिलों में और कितने स्थल प्रभावित
ओवैसी ने अपनी पोस्ट में बताया कि बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर और बाड़मेर — राजस्थान के चार सीमावर्ती जिलों — में मस्जिदों, दरगाहों और अन्य मुस्लिम धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर विध्वंस की लहर चल रही है। उन्होंने एआईएमआईएम बीकानेर जिला अध्यक्ष शफी जमील कासमी से बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि अब तक बीकानेर में चार मस्जिदें और फलोदी, जैसलमेर व बाड़मेर में नौ मस्जिदें और दरगाहें ध्वस्त की जा चुकी हैं। इसके अलावा सैकड़ों अन्य धार्मिक स्थलों को नोटिस जारी किए गए हैं।
250 साल पुरानी दरगाह भी निशाने पर
ओवैसी ने विशेष रूप से जैसलमेर के रामगढ़-तनोट बाईपास रोड पर स्थित हजरत महमूद शाह जिलानी की लगभग 250 साल पुरानी दरगाह का उल्लेख किया, जो कथित तौर पर इन विध्वंसों की ज़द में है। उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों को राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर उचित ठहराया जा रहा है, जबकि इन इलाकों के किसी भी निवासी का किसी संदिग्ध गतिविधि से कोई संबंध नहीं रहा है।
प्रशासन के तर्क और ओवैसी के आरोप
ओवैसी के अनुसार, अधिकारियों का दावा है कि कुछ इमारतें चरागाह भूमि पर निर्मित हैं। जिन मामलों में इमारतें निजी संपत्ति पर होना साबित हुआ है, वहाँ कथित तौर पर अनुमति या मंजूरी न होने का आधार लिया जा रहा है। एआईएमआईएम प्रमुख ने आरोप लगाया कि केवल मुस्लिम धार्मिक स्थलों को ही इस कार्रवाई का निशाना बनाया जा रहा है — जो उनके अनुसार भेदभावपूर्ण है।
सीबीआई अपील पर भी ओवैसी की तीखी प्रतिक्रिया
इससे एक दिन पहले, शनिवार को एक अलग पोस्ट में ओवैसी ने महाराष्ट्र कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी की 2006 में हुई दोहरी हत्या के मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील करने के निर्णय पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि मोदी सरकार ने बाबरी मस्जिद, मक्का मस्जिद विस्फोट और अजमेर विस्फोट जैसे मामलों में सीबीआई को अपील की अनुमति नहीं दी, जबकि इन मामलों में किसी भी आरोपी को दोषी नहीं पाया गया।
आगे क्या होगा
ओवैसी की माँग के बाद यह देखना होगा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और राजस्थान सरकार इस पर क्या रुख अपनाती हैं। यह मामला राजनीतिक और सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए आने वाले दिनों में और गरमा सकता है।