तमिलनाडु बिजली संकट: पलानीस्वामी का आरोप — ₹35/यूनिट पर खरीद 'बड़ा भ्रष्टाचार घोटाला'
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु की सत्तारूढ़ सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अधिक दरों पर बिजली खरीद को उचित ठहराने के लिए जानबूझकर कृत्रिम बिजली संकट उत्पन्न कर रही है। सेलम जिले के ओमालुर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने ₹35 प्रति यूनिट की दर से की जा रही बिजली खरीद को 'बड़ा भ्रष्टाचार घोटाला' बताया।
मुख्य आरोप और दरों का विवाद
पलानीस्वामी ने दावा किया कि भारत के किसी भी अन्य राज्य ने इतनी ऊँची दर पर बिजली नहीं खरीदी है। उनके अनुसार, आंध्र प्रदेश ने अक्टूबर में ₹15 से ₹20 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी — यानी तमिलनाडु सरकार की तुलना में लगभग आधी या उससे भी कम कीमत पर। उन्होंने कहा कि इस तरह की खरीद से राज्य के पहले से कर्ज में डूबे बिजली क्षेत्र पर आर्थिक बोझ और बढ़ेगा।
पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री विजय पर राजनीतिक विरोधाभास का भी आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि विजय ने पूर्ववर्ती द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार के दौरान ₹20 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद को 'भ्रष्टाचार' बताकर उसकी निंदा की थी। पलानीस्वामी के अनुसार, अब वही सरकार उससे भी अधिक दर पर खरीद कर रही है।
सरकार पर प्रशासनिक विफलता के आरोप
विपक्षी नेता ने खाद्य महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि चावल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। पलानीस्वामी ने कहा कि खाद्य मंत्री लगातार मूल्य वृद्धि से इनकार करते रहे हैं और प्रशासन पर योजना की कमी का आरोप लगाया।
सिंचाई के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि मेट्टूर बांध से छोड़ा गया पानी किसानों तक नहीं पहुँच पाया, जिससे उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिला। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कृषि संकट की चर्चा पहले से ही जारी है।
उपचुनाव परिणामों पर विपक्ष का रुख
हाल ही में संपन्न विधानसभा उपचुनावों का संदर्भ देते हुए पलानीस्वामी ने 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) की जीत के महत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि TVK ने लोकतांत्रिक प्रचार के बजाय धन और सरकारी मशीनरी के बल पर जीत हासिल की। उन्होंने यह भी बताया कि जिन वामपंथी दलों ने TVK गठबंधन का पहले समर्थन किया था, उन्होंने ही उपचुनावों में उसके विरुद्ध चुनाव लड़ा। उनके अनुसार, स्वयं कम्युनिस्ट नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान धन वितरण के आरोप लगाए थे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की स्थिति
पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान DMK गठबंधन की कड़ी आलोचना की थी, लेकिन अब उसी राजनीतिक समूह के समर्थन से सत्ता चला रहे हैं। गौरतलब है कि यह बयान तमिलनाडु में बिजली क्षेत्र पर बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच आया है। AIADMK नेता ने सत्ताधारी पार्टी पर केवल सत्ता बनाए रखने में लगे रहने और जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। तमिलनाडु सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।