27 जुलाई 2026
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पालघर 'लव जिहाद' केस: SIT जांच शुरू, चित्रा वाघ की माँग — स्टूडेंट वीजा पर माता-पिता को मिले अनिवार्य सूचना

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पालघर 'लव जिहाद' केस: SIT जांच शुरू, चित्रा वाघ की माँग — स्टूडेंट वीजा पर माता-पिता को मिले अनिवार्य सूचना

सारांश

पालघर के दहानू में कथित 'लव जिहाद' मामले में CM फडणवीस ने SP स्तर की SIT बनाई। भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष चित्रा वाघ ने सात दिन में लंदन वीजा, एक ही वकील और गुजरात कनेक्शन का हवाला देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर स्टूडेंट वीजा अधिसूचना कानून की माँग की।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पालघर 'लव जिहाद' मामले में SP रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में SIT गठित की।
चित्रा वाघ के अनुसार कथित तौर पर महाराष्ट्र की लड़कियों को मात्र सात दिन में लंदन वीजा मिलने के मामले सामने आए हैं।
सभी मामलों में एक ही वकील पैरवी कर रहा है, जो कथित तौर पर गुजरात के वडोदरा का एडवोकेट है।
पीड़ित परिवारों की एकमात्र माँग — अपनी बेटियों की वापसी; किसी अन्य माँग का उल्लेख नहीं।
वाघ ने पूरे देश में स्टूडेंट वीजा मिलने पर माता-पिता को अनिवार्य सूचना देने का राष्ट्रीय कानून बनाने की माँग की।
महाराष्ट्र में गुजरात की तर्ज पर विवाह-पूर्व माता-पिता को सूचित करने का प्रावधान जल्द लागू होने की संभावना।

पालघर के दहानू इलाके में कथित 'लव जिहाद' के मामले में महाराष्ट्र भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष चित्रा वाघ ने 10 जून 2026 को प्रेसवार्ता कर गंभीर आरोप लगाए और विशेष जांच दल (SIT) गठन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल एक एसपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में SIT का गठन किया है। इस मामले में दो जैन महिलाओं की अंतरधार्मिक विवाह को कथित तौर पर एक संगठित षड्यंत्र का हिस्सा बताया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

चित्रा वाघ के अनुसार, पालघर जिले के दहानू, बोईसर और पालघर क्षेत्रों में कथित तौर पर एक समान 'मोडस ऑपरेंडी' देखी गई है। आरोप है कि बाहरी राज्यों — विशेषकर गुजरात — के कुछ युवक सेंट जॉन कॉलेज जैसे स्थानीय संस्थानों में पढ़ाई के बहाने आते हैं और लड़कियों को लंदन जाने का सपना दिखाकर उनसे निकाह करते हैं। इसके बाद कथित तौर पर त्वरित वीजा प्रक्रिया के ज़रिए उन्हें विदेश ले जाया जाता है।

वाघ ने बताया कि परिवारों द्वारा सौंपे गए दस्तावेज़ों के अनुसार इन सभी मामलों में एक ही वकील पैरवी कर रहा है, जो कथित तौर पर गुजरात के वडोदरा (बड़ौदा) का एडवोकेट है। उन्होंने यह भी कहा कि लंदन का वीजा सामान्यतः आसानी से नहीं मिलता, फिर भी कुछ मामलों में महाराष्ट्र की लड़कियों को मात्र सात दिन में वीजा मिलने की बात सामने आई है।

SIT जांच का दायरा

मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा गठित SIT का नेतृत्व एक पुलिस अधीक्षक (SP) रैंक के अधिकारी करेंगे। महाराष्ट्र पुलिस भी इस मामले में सक्रिय जांच कर रही है। चित्रा वाघ ने कहा कि यह पूरा मामला गुजरात से जुड़ा बताया जा रहा है, जहाँ इसी तरह के कई मामले पहले भी सामने आए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने इस कथित रैकेट को पूरी तरह ध्वस्त करने का भरोसा जताया है।

परिवार की माँग और कानूनी प्रावधान

पीड़ित परिवारों ने स्पष्ट किया है कि उनकी एकमात्र माँग अपनी बेटियों की वापसी है। स्थानीय स्तर पर यह माँग भी उठ रही है कि गुजरात की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी विवाह से पूर्व माता-पिता को अनिवार्य सूचना देने का कानूनी प्रावधान लागू किया जाए। वाघ के अनुसार, मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद यह प्रावधान जल्द महाराष्ट्र में लागू होने की संभावना है।

स्टूडेंट वीजा पर राष्ट्रीय कानून की माँग

चित्रा वाघ ने पूरे देश के लिए एक व्यापक माँग रखी — किसी भी छात्र या छात्रा को स्टूडेंट वीजा मिलने पर उसके माता-पिता को अनिवार्य रूप से सूचित किया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान में माता-पिता को वीजा आवेदन, लोन या अन्य प्रक्रियाओं की कोई जानकारी नहीं मिलती, जिसका कथित तौर पर फायदा उठाया जा रहा है।

आगे क्या होगा

SIT की जांच के नतीजे और गुजरात कनेक्शन की पड़ताल आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगी। महाराष्ट्र में विवाह-पूर्व अधिसूचना कानून और स्टूडेंट वीजा सूचना प्रावधान पर सरकार का रुख जल्द सामने आने की उम्मीद है। यह मामला राज्य की राजनीति में भी तेज़ी से केंद्र बिंदु बनता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि आरोपों और सत्यापित तथ्यों के बीच अभी बड़ा अंतर है — SIT की जांच रिपोर्ट ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पालघर 'लव जिहाद' केस में SIT क्यों गठित की गई?
पालघर के दहानू इलाके में दो जैन महिलाओं की अंतरधार्मिक विवाह को कथित तौर पर एक संगठित षड्यंत्र बताए जाने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने SP रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में SIT गठित की। भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष चित्रा वाघ ने इस मामले में समान मोडस ऑपरेंडी और गुजरात कनेक्शन का आरोप लगाया है।
चित्रा वाघ ने स्टूडेंट वीजा पर क्या माँग की है?
चित्रा वाघ ने माँग की है कि पूरे देश में किसी भी छात्र या छात्रा को स्टूडेंट वीजा मिलने पर उसके माता-पिता को अनिवार्य रूप से सूचित किया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान में माता-पिता को वीजा आवेदन या लोन प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं मिलती, जिसका कथित फायदा उठाया जा रहा है।
इस मामले में गुजरात कनेक्शन क्या है?
कथित तौर पर पालघर के दहानू, बोईसर और पालघर क्षेत्रों में गुजरात से सटे होने के कारण बाहरी राज्यों के युवक बड़ी संख्या में आते हैं। परिवारों द्वारा सौंपे गए दस्तावेज़ों के अनुसार इन मामलों में पैरवी करने वाला वकील कथित तौर पर गुजरात के वडोदरा का एडवोकेट है।
महाराष्ट्र में विवाह-पूर्व माता-पिता को सूचित करने का कानून कब लागू होगा?
चित्रा वाघ के अनुसार मुख्यमंत्री फडणवीस के संज्ञान में आने के बाद यह प्रावधान जल्द महाराष्ट्र में लागू होने की संभावना है। गुजरात में पहले से ऐसा प्रावधान मौजूद है और महाराष्ट्र उसी तर्ज पर कानून लाने पर विचार कर रहा है।
पीड़ित परिवारों की क्या माँग है?
पीड़ित परिवारों ने स्पष्ट कहा है कि उनकी एकमात्र माँग अपनी बेटियों की वापसी है और उनकी कोई अन्य माँग नहीं है। SIT जांच के दौरान परिवारों ने संबंधित दस्तावेज़ अधिकारियों को सौंपे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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