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UP पंचायत चुनाव: इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर राजभर बोले — तीन माह में होंगे चुनाव, अखिलेश के पीडीए पर कटाक्ष

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UP पंचायत चुनाव: इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर राजभर बोले — तीन माह में होंगे चुनाव, अखिलेश के पीडीए पर कटाक्ष

सारांश

इलाहाबाद हाई कोर्ट के तीन माह में पंचायत चुनाव के निर्देश का राजभर ने स्वागत किया और अखिलेश यादव के पीडीए नारे पर 'डी यानी धनीराम' का तीखा कटाक्ष किया। लखनऊ में हुई प्रेस वार्ता में सुभासपा में 40 से अधिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने से पार्टी का संगठनात्मक विस्तार भी दिखा।

मुख्य बातें

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है।
अदालत ने आरक्षण प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक महीने की समयसीमा तय की है।
ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के पीडीए नारे पर कहा — 'पीडीए में डी का मतलब धनीराम।' सुभासपा में मोहम्मद मुर्शिद खान के नेतृत्व में करीब 40 सपा कार्यकर्ताओं सहित कई लोगों ने सदस्यता ली।
गोंडा, बाराबंकी, वाराणसी, उन्नाव और लखनऊ से पार्टी सदस्यता ग्रहण की गई।
पंचायत चुनाव की अगली प्रक्रिया पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट आने के बाद शुरू होगी।

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 16 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया गया है। राजभर ने स्पष्ट किया कि पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव की अगली तैयारियाँ शुरू होंगी।

हाई कोर्ट के फैसले का सार

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने निर्देश में पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराने की बात कही है। अदालत के फैसले के तहत आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक महीने की समयसीमा का उल्लेख भी किया गया है। राजभर ने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित समयसीमा में चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

आरक्षण प्रक्रिया पर स्थिति

राजभर ने जानकारी दी कि पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची पहले से तैयार है। अब पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उनके अनुसार, रिपोर्ट प्राप्त होते ही आरक्षण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा और चुनाव की आगे की तैयारियाँ सुनिश्चित होंगी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग के आरक्षण की स्थिति अदालती समीक्षा के दायरे में रही है, जिसके कारण चुनाव लंबित हैं।

अखिलेश के पीडीए पर तीखा कटाक्ष

प्रेस वार्ता में राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा, 'पीडीए में डी का मतलब धनीराम।' राजभर के इस बयान को सपा के पीडीए फॉर्मूले की विश्वसनीयता पर सीधे प्रहार के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब सुभासपा अपना संगठनात्मक विस्तार तेज़ कर रही है।

सुभासपा में बड़े पैमाने पर सदस्यता

प्रेस वार्ता के दौरान राजभर की मौजूदगी में विभिन्न दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सुभासपा की सदस्यता ग्रहण की। समाजवादी पार्टी से जुड़े मोहम्मद मुर्शिद खान के नेतृत्व में करीब 40 लोगों ने पार्टी का दामन थामा। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी के पदाधिकारी, समाजसेवी और विश्व हिंदू रक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष चंद्रकांत अवस्थी ने भी सदस्यता ली।

संगठनात्मक विस्तार की कोशिश

गोंडा, बाराबंकी, वाराणसी, उन्नाव और लखनऊ से आए लोगों के पार्टी में शामिल होने को सुभासपा के व्यापक संगठनात्मक विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पंचायत चुनाव से पहले यह जमीनी गतिविधि पार्टी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को स्पष्ट करती है। आने वाले हफ्तों में पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट और उसके बाद आरक्षण की अधिसूचना पर सभी दलों की नज़र टिकी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजभर की दोहरी रणनीति दर्शाता है — एनडीए के भीतर रहते हुए भी पिछड़े वोटबैंक में खुद को अखिलेश का विकल्प पेश करना। असली सवाल यह है कि पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट में देरी के लिए जवाबदेही किसकी होगी — और क्या राजभर उस जवाबदेही से खुद को अलग रख पाएंगे, जबकि वे स्वयं सरकार में हैं।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने UP पंचायत चुनाव को लेकर क्या निर्देश दिया?
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है। साथ ही अदालत ने आरक्षण प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक महीने की समयसीमा भी तय की है।
UP पंचायत चुनाव में आरक्षण की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी?
पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट आने के बाद आरक्षण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। अदालती निर्देश के अनुसार इसके लिए एक महीने की समयसीमा निर्धारित है।
ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के पीडीए नारे पर क्या कहा?
राजभर ने कहा कि 'पीडीए में डी का मतलब धनीराम।' यह बयान समाजवादी पार्टी के पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक (पीडीए) फॉर्मूले पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।
सुभासपा में किन-किन लोगों ने सदस्यता ली?
लखनऊ प्रेस वार्ता के दौरान मोहम्मद मुर्शिद खान के नेतृत्व में करीब 40 सपा कार्यकर्ताओं, लोक जनशक्ति पार्टी के पदाधिकारियों और विश्व हिंदू रक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष चंद्रकांत अवस्थी ने सुभासपा की सदस्यता ग्रहण की। गोंडा, बाराबंकी, वाराणसी, उन्नाव और लखनऊ से लोग शामिल हुए।
UP पंचायत चुनाव में अब आगे क्या होगा?
पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होते ही आरक्षण अधिसूचना जारी होगी और उसके बाद चुनाव की तैयारियाँ अंतिम चरण में जाएंगी। हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार तीन माह के भीतर पूरी प्रक्रिया सम्पन्न होनी है।
राष्ट्र प्रेस
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