UP पंचायत चुनाव: इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर राजभर बोले — तीन माह में होंगे चुनाव, अखिलेश के पीडीए पर कटाक्ष
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 16 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया गया है। राजभर ने स्पष्ट किया कि पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव की अगली तैयारियाँ शुरू होंगी।
हाई कोर्ट के फैसले का सार
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने निर्देश में पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराने की बात कही है। अदालत के फैसले के तहत आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक महीने की समयसीमा का उल्लेख भी किया गया है। राजभर ने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित समयसीमा में चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
आरक्षण प्रक्रिया पर स्थिति
राजभर ने जानकारी दी कि पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची पहले से तैयार है। अब पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उनके अनुसार, रिपोर्ट प्राप्त होते ही आरक्षण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा और चुनाव की आगे की तैयारियाँ सुनिश्चित होंगी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग के आरक्षण की स्थिति अदालती समीक्षा के दायरे में रही है, जिसके कारण चुनाव लंबित हैं।
अखिलेश के पीडीए पर तीखा कटाक्ष
प्रेस वार्ता में राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा, 'पीडीए में डी का मतलब धनीराम।' राजभर के इस बयान को सपा के पीडीए फॉर्मूले की विश्वसनीयता पर सीधे प्रहार के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब सुभासपा अपना संगठनात्मक विस्तार तेज़ कर रही है।
सुभासपा में बड़े पैमाने पर सदस्यता
प्रेस वार्ता के दौरान राजभर की मौजूदगी में विभिन्न दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सुभासपा की सदस्यता ग्रहण की। समाजवादी पार्टी से जुड़े मोहम्मद मुर्शिद खान के नेतृत्व में करीब 40 लोगों ने पार्टी का दामन थामा। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी के पदाधिकारी, समाजसेवी और विश्व हिंदू रक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष चंद्रकांत अवस्थी ने भी सदस्यता ली।
संगठनात्मक विस्तार की कोशिश
गोंडा, बाराबंकी, वाराणसी, उन्नाव और लखनऊ से आए लोगों के पार्टी में शामिल होने को सुभासपा के व्यापक संगठनात्मक विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पंचायत चुनाव से पहले यह जमीनी गतिविधि पार्टी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को स्पष्ट करती है। आने वाले हफ्तों में पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट और उसके बाद आरक्षण की अधिसूचना पर सभी दलों की नज़र टिकी रहेगी।