पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: भाजपा की बढ़त पर कोलकाता में कमला भोग और झाल मुड़ी से जश्न, 'जय श्रीराम' के नारे गूंजे

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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: भाजपा की बढ़त पर कोलकाता में कमला भोग और झाल मुड़ी से जश्न, 'जय श्रीराम' के नारे गूंजे

सारांश

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 की मतगणना में भाजपा की बढ़त आते ही कोलकाता से मालदा तक उत्सव का माहौल बन गया। कमला भोग और झाल मुड़ी से मिठास घुली, 'जय श्रीराम' के नारे गूंजे — और महिला कार्यकर्ताओं ने TMC शासन के दौरान महिला सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए इसे बदलाव का दिन बताया।

मुख्य बातें

4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल मतगणना में भाजपा की बढ़त के बाद कोलकाता सहित पूरे राज्य में जश्न का माहौल।
स्थानीय नेता नारायण चट्टोपाध्याय ने कोलकाता पार्टी मुख्यालय के बाहर 'कमला भोग' और 'झाल मुड़ी' बाँटी।
नादिया के रानाघाट और कोलकाता के हेस्टिंग्स कॉलेज मतगणना केंद्र पर भी उत्सव मनाया गया।
मालदा में भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष सुतोपा मुखर्जी ने TMC शासन में महिलाओं पर अत्याचार का मुद्दा उठाया।
कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बंगाल में सुशासन की उम्मीद जताई।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बढ़त सामने आने के बाद 4 मई 2026 को कोलकाता सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। कोलकाता स्थित भाजपा पार्टी मुख्यालय के बाहर 'कमला भोग' और 'झाल मुड़ी' बाँटी गईं, जबकि समर्थकों ने 'जय श्रीराम' और 'भारत माता की जय' के नारों से माहौल को उत्सवमय बना दिया। यह दृश्य राज्य भर के कई मतगणना केंद्रों के बाहर भी देखने को मिला।

कोलकाता में जश्न का माहौल

भाजपा पार्टी मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में एकत्र हुए कार्यकर्ताओं के बीच स्थानीय नेता नारायण चट्टोपाध्याय 'कमला भोग' और 'झाल मुड़ी' लेकर पहुँचे और सभी को खिलाया। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि यह खुशी का दिन है और आज भगवा गुलाल उड़ेगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल दौरे के दौरान 'झाल मुड़ी' खाई थी, जिसे वे राज्य की जनता से अपने जुड़ाव का प्रतीक मानते हैं।

नादिया और हेस्टिंग्स में भी उत्सव

नादिया जिले के रानाघाट मतगणना केंद्र पर भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने बढ़त की खबर आते ही जश्न शुरू कर दिया। कोलकाता के हेस्टिंग्स कॉलेज मतगणना केंद्र के बाहर रंगों के साथ उत्सव मनाया गया। इस दौरान समर्थकों ने 'जय श्रीराम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।

महिला कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया

एक महिला कार्यकर्ता ने राष्ट्र प्रेस से कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है। 2021 में भी भाजपा ने आक्रामक प्रचार किया था, परंतु तृणमूल कांग्रेस ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी — इसलिए बढ़त को अंतिम परिणाम मानना जल्दबाजी होगी। महिला कार्यकर्ताओं का TMC शासन में सुरक्षा पर सवाल उठाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड जैसी घटनाओं ने राज्य में महिला सुरक्षा को केंद्रीय मुद्दा बनाया था। यदि भाजपा वास्तव में सत्ता में आती है, तो 'राम राज्य' और 'सुशासन' के वादों को ज़मीन पर उतारना उसकी सबसे बड़ी चुनौती होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में भाजपा की बढ़त पर कहाँ-कहाँ जश्न मनाया गया?
4 मई 2026 को मतगणना के दौरान भाजपा की बढ़त सामने आते ही कोलकाता पार्टी मुख्यालय, नादिया के रानाघाट मतगणना केंद्र, कोलकाता के हेस्टिंग्स कॉलेज मतगणना केंद्र और मालदा में जश्न मनाया गया। कार्यकर्ताओं ने कमला भोग, झाल मुड़ी बाँटी और 'जय श्रीराम' के नारे लगाए।
कमला भोग और झाल मुड़ी का भाजपा के जश्न में क्या महत्व है?
कमला भोग और झाल मुड़ी बंगाल की पारंपरिक मिठाइयाँ और स्नैक हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इन्हें बाँटकर स्थानीय सांस्कृतिक जुड़ाव दर्शाया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल दौरे के दौरान झाल मुड़ी खाई थी, जिसे पार्टी जनता से जुड़ाव के प्रतीक के रूप में याद करती है।
मालदा में भाजपा महिला मोर्चा ने क्या कहा?
मालदा में भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष सुतोपा मुखर्जी ने TMC शासन के दौरान महिलाओं पर हुए अत्याचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया और अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बंगाल में 'राम राज्य' और सुशासन आएगा।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में भाजपा की बढ़त का क्या मतलब है?
4 मई 2026 को मतगणना के दौरान भाजपा की बढ़त सामने आई, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है। हालाँकि अंतिम परिणाम आने तक इसे निर्णायक नहीं माना जा सकता। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा को बड़े अंतर से हराया था।
नारायण चट्टोपाध्याय कौन हैं?
नारायण चट्टोपाध्याय कोलकाता के स्थानीय भाजपा नेता हैं, जो 4 मई 2026 को मतगणना के दिन पार्टी मुख्यालय के बाहर कमला भोग और झाल मुड़ी लेकर पहुँचे और कार्यकर्ताओं के साथ जश्न में शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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