पटना मेट्रो विस्तार: मलाही पकड़ी स्टेशन शुरू, 6.2 किमी नेटवर्क पर ₹30 में सफर
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 3 जुलाई 2025 को पटना मेट्रो रेल परियोजना के प्रायोरिटी कॉरिडोर के अंतर्गत मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का लोकार्पण किया, जिसके साथ ही शहर का मेट्रो नेटवर्क अब 6.2 किलोमीटर तक विस्तृत हो गया है। इस विस्तार से कंकड़बाग, राजेंद्रनगर और पूर्वी पटना के लाखों निवासियों को तेज़, सुरक्षित और किफ़ायती सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिल गया है।
उद्घाटन और मुख्य घटनाक्रम
लोकार्पण समारोह के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं मेट्रो ट्रेन में सवार हुए और मलाही पकड़ी स्टेशन से भूतनाथ रोड स्टेशन तक की यात्रा की। उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव भी उपस्थित रहे। मलाही पकड़ी और भूतनाथ रोड के बीच की दूरी लगभग तीन किलोमीटर है।
नेटवर्क विवरण और किराया
नए विस्तार के बाद प्रायोरिटी कॉरिडोर पर अब कुल चार स्टेशन — मलाही पकड़ी, भूतनाथ, जीरो माइल और बैरिया आईएसबीटी — संचालित हो रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, मलाही पकड़ी से बैरिया आईएसबीटी तक का अधिकतम किराया ₹30 निर्धारित किया गया है, जबकि पहले भूतनाथ तक यात्रा के लिए ₹15 लगते थे। 6.2 किलोमीटर का पूरा सफर मात्र 16 मिनट में पूरा होगा और एक पूर्ण चक्कर में 35 मिनट का समय लगेगा।
हर 35 मिनट के अंतराल पर मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी, जिससे यात्रियों को नियमित और भरोसेमंद परिवहन मिलेगा।
आम जनता पर असर
इस विस्तार का सबसे बड़ा लाभ कंकड़बाग और राजेंद्रनगर क्षेत्र के निवासियों को होगा, जो अब तक सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्पों पर निर्भर थे। मेट्रो सेवा शुरू होने से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। यह पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प शहरी प्रदूषण घटाने में भी सहायक होगा।
सरकार का दृष्टिकोण
राज्य सरकार का कहना है कि वह पटना में विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी दावों के अनुसार, पटना मेट्रो नेटवर्क का जल्द ही और विस्तार किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक नागरिक इस सेवा से जुड़ सकेंगे।
क्या होगा आगे
पटना मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर अभी अपने प्रारंभिक चरण में है। नेटवर्क के आगामी विस्तार की योजना के तहत शहर के अन्य प्रमुख क्षेत्रों को भी मेट्रो से जोड़ा जाएगा। यह परियोजना पटना को आधुनिक शहरी परिवहन के मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।