पटना में ₹4 करोड़ की शेयर मार्केट ठगी: आरोपी श्रीधर पाठक गिरफ्तार, इनकम टैक्स को भी सूचना
सारांश
मुख्य बातें
पटना पुलिस ने 6 अक्टूबर 2026 को शेयर मार्केट में निवेश पर दोगुना रिटर्न का झांसा देकर कथित तौर पर ₹4 करोड़ की हेराफेरी करने के आरोप में श्रीधर पाठक को गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से नालंदा जिले का निवासी बताया गया है और गिरफ्तारी से पहले वह पटना से फरार हो गया था। पुलिस के अनुसार मामले में नए आवेदन लगातार आ रहे हैं, जिससे ठगी का दायरा और बड़ा हो सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
एएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि कुछ माह पहले कोतवाली थाना, पटना में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि श्रीधर पाठक ने कई लोगों से यह कहकर पैसे लिए कि वे उनकी रकम शेयर मार्केट में लगाकर बढ़ाकर वापस देंगे।
हालाँकि, निवेशकों के अनुसार, उनकी रकम का निर्धारित उद्देश्य में उपयोग नहीं हुआ और उसे कथित तौर पर अन्यत्र डायवर्ट किया गया। बदले में दिए गए चेक भी बाउंस हो गए, जिससे पीड़ितों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
एएसपी के अनुसार, पुलिस ने पहले श्रीधर पाठक को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। जाँच के दौरान जब यह स्पष्ट हुआ कि कई अन्य लोगों से भी इसी तरह रकम ली गई है, तो पुलिस ने न्यायालय से वारंट प्राप्त किया और आरोपी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में पुलिस के संज्ञान में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनकी विस्तृत जाँच जारी है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में ऑनलाइन और ऑफलाइन निवेश धोखाधड़ी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। पटना पुलिस के पास इस मामले में अलग-अलग पीड़ितों के नए आवेदन लगातार आ रहे हैं। कई लोगों ने आवेदन देकर यह आरोप लगाया है कि उनसे भी करोड़ों रुपये इसी तरह ऐंठे गए।
गौरतलब है कि ऐसे मामलों में अक्सर असली पीड़ितों की संख्या प्रारंभिक अनुमान से कहीं अधिक निकलती है, क्योंकि कई लोग शर्म या जागरूकता के अभाव में शिकायत नहीं करते।
जाँच का विस्तार
एएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने स्पष्ट किया कि बड़ी रकम का मामला होने के कारण आर्थिक अपराध से जुड़े अन्य विभागों को भी सूचित किया जाएगा। इसमें इनकम टैक्स विभाग सहित अन्य संबंधित एजेंसियाँ शामिल हैं, ताकि वित्तीय लेन-देन के हर पहलू की गहन जाँच हो सके।
पुलिस इस समय तीन प्रमुख बिंदुओं पर जाँच केंद्रित कर रही है: रकम किन-किन स्रोतों से ली गई, उसका उपयोग कहाँ किया गया और किन लोगों के साथ लेन-देन हुआ।
क्या होगा आगे
एएसपी ने संकेत दिया कि जाँच का दायरा और व्यापक किया जाएगा। रकम का आकार बड़ा होने और नए आवेदन आते रहने के कारण मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी जाँच की जा रही है। पुलिस ने पीड़ितों से अपील की है कि वे सामने आकर अपनी शिकायतें दर्ज कराएँ।