पटना: सोन नदी किनारे मुठभेड़ में टॉप-10 अपराधी अवनीश गिरफ्तार, 62 राउंड फायरिंग; पुलिसकर्मी भी घायल
सारांश
मुख्य बातें
पटना के बिहटा थाना क्षेत्र में रविवार, 30 अगस्त की सुबह सोन नदी के किनारे पुलिस और हथियारबंद अपराधियों के बीच तीखी मुठभेड़ हुई, जिसमें पटना पुलिस की टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल अवनीश कुमार को गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। नाविकों से रंगदारी वसूली की सूचना पर पहुँची पुलिस टीम पर अपराधियों ने पहले फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सोन नदी के मध्य में अपराधी नाविकों से जबरन रंगदारी वसूल रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची और अपराधियों को पकड़ने की कोशिश की। इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस पर गोलियाँ चला दीं।
एसएसपी के अनुसार, अपराधियों की ओर से करीब 40 राउंड फायरिंग की गई, जबकि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में 22 राउंड गोलियाँ चलाईं — इस तरह दोनों ओर से कुल 62 राउंड फायरिंग हुई।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अपराधी अवनीश कुमार के पैर में गोली लगी। उसे मौके से हिरासत में लेकर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) भेजा गया, जहाँ उसका उपचार जारी है। घटनास्थल से पुलिस ने बड़ी संख्या में हथियार ज़ब्त किए — जिनमें एक देसी राइफल, एक देसी कार्बाइन, दो देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा और करीब 25 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा अपराधियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही एक नाव भी ज़ब्त की गई है।
घायल पुलिसकर्मी
मुठभेड़ के दौरान बिहटा थाने के उप-निरीक्षक राजू कुमार सिंह भी घायल हो गए — बताया गया है कि गोली उनकी बांह को छूकर निकल गई और उन्हें अस्पताल भेजा गया है। बिहटा थानाध्यक्ष अमित कुमार के भी घायल होने की सूचना है, हालाँकि उनकी चोट की प्रकृति के बारे में पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। घटना की सूचना मिलते ही पटना पश्चिमी के सिटी एसपी संकेत कुमार और डीएसपी अमरेंद्र कुमार मौके पर पहुँचे और पुलिस टीम से पूरी जानकारी ली।
अवनीश का आपराधिक इतिहास
एसएसपी शर्मा के अनुसार, अवनीश कुमार का पहले से लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और वह पटना पुलिस की टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल बताया जा रहा है। पिछले साल भी उसके खिलाफ कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, AK-47 से जुड़े एक मामले में भी वह फरार रहा है।
आगे की जाँच
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने सोन नदी और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान तेज़ कर दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अवनीश के साथ कितने अन्य अपराधी मौजूद थे और फायरिंग के बाद वे किस दिशा में फरार हुए। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और नदी में आने-जाने वाली नावों की भी जाँच की जा रही है। पुलिस अब अवनीश के गिरोह और उसके साथियों के बारे में पूरी जानकारी जुटाने में लगी है।