सोन नदी में रंगदारी वसूली पर पुलिस मुठभेड़: पटना के बिहटा में 2 गिरफ्तार, SI और अपराधी घायल
सारांश
मुख्य बातें
पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के परेव इलाके में सोन नदी पर 30 अगस्त को उस समय मुठभेड़ हो गई जब पुलिस ने नाव के ज़रिए रंगदारी वसूल रहे अपराधियों को घेरने का प्रयास किया। दोनों ओर से हुई गोलीबारी में एक अपराधी और एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए — दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस को सूचना मिली थी कि सोन नदी में नाव के ज़रिए व्यवस्थित तरीके से रंगदारी वसूली हो रही है। सूचना मिलते ही बिहटा थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुँची और अपराधियों को पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की।
मुठभेड़ में एक अपराधी को गोली लगी, जबकि एक सब-इंस्पेक्टर के हाथ में गोली लगी। दोनों घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है।
बरामदगी और गिरफ्तारी
पुलिस ने मौके से दो पिस्टल, एक राइफल, एक कार्बाइन, एक देसी कट्टा और एक नाव बरामद की। कार्रवाई में दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
जाँच का दायरा
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सोन नदी पर रंगदारी वसूली का यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ से नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने के सुराग मिल सकते हैं।
पटना में व्यापक अपराध-विरोधी अभियान
यह मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब पटना पुलिस अपराधियों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चला रही है। लगभग दो हफ्ते पहले पटना ईस्ट इलाके से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था, जो कथित तौर पर डॉक्टरों और व्यापारियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। इसी अभियान के तहत अगमकुआं पुलिस ने चोरी के एक आरोपी को भी दबोचा था — दो अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल चार आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।
गौरतलब है कि नदी मार्गों पर रंगदारी वसूली एक असामान्य और गंभीर किस्म का अपराध है, जो बिहार के नदी-तटीय इलाकों में संगठित आपराधिक नेटवर्क की मौजूदगी की ओर इशारा करता है। पुलिस की जाँच यह भी स्पष्ट करेगी कि क्या यह नेटवर्क किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ है।