पैयन्नूर चुनाव: पूर्व सीपीआई(एम) नेता कुंजीकृष्णन का 5 लाख रुपए के गबन का खुलासा

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पैयन्नूर चुनाव: पूर्व सीपीआई(एम) नेता कुंजीकृष्णन का 5 लाख रुपए के गबन का खुलासा

सारांश

पैयन्नूर में चुनावी विवाद बढ़ता जा रहा है। पूर्व सीपीआई(एम) नेता कुंजीकृष्णन ने शहीद सहायता कोष में 5 लाख रुपए के गबन का आरोप लगाया है। क्या यह आरोप सीपीआई(एम) के लिए नई चुनौती बनेगा?

Key Takeaways

  • पूर्व सीपीआई(एम) नेता ने 5 लाख रुपए के गबन का आरोप लगाया है।
  • गबन का आरोप शहीद सहायता कोष से संबंधित है।
  • सीपीआई(एम) ने आरोपों का खंडन किया है।
  • कुंजीकृष्णन ने सबूत के तौर पर बैंक स्टेटमेंट पेश किए हैं।
  • यह विवाद चुनावी स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

पैयन्नूर, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल के पैयन्नूर में चुनावी माहौल में एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है। पूर्व सीपीआई(एम) नेता वी. कुंजीकृष्णन, जो वर्तमान में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के समर्थन से निर्दलीय हैं, ने सोमवार को शहीद सहायता कोष में संभावित गड़बड़ी के दस्तावेज जारी किए।

उन्होंने सोशल मीडिया पर बैंक स्टेटमेंट और आंतरिक खाता रिकॉर्ड साझा किए, जिसमें दावा किया गया कि 'कॉमरेड धनराज फैमिली असिस्टेंस फंड' से 5 लाख रुपए पूर्व क्षेत्र सचिव के व्यक्तिगत खाते में स्थानांतरित किए गए। यह ट्रांसफर 9 जुलाई, 2018 को पैयन्नूर ग्रामीण बैंक की मुख्य शाखा से किया गया था।

स्थानीय सीपीआई(एम) नेतृत्व ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि पार्टी के किसी भी फंड में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।

कुंजीकृष्णन ने कहा कि उनके पास और भी प्रमाण हैं, जिन्हें वे जनता के सामने प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें पहले पार्टी द्वारा ही खातों की जांच करने का कार्य सौंपा गया था।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तथ्य छुपाने का प्रयास किया गया तो वे और दस्तावेज भी जारी कर सकते हैं।

यह विवाद शहीद पार्टी कार्यकर्ता धनराज के नाम पर जुटाए गए फंड को लेकर है, जो उनके परिवार की सहायता के लिए था। कुंजीकृष्णन ने आरोप लगाया कि इस फंड में भी गड़बड़ी की गई, और इसे पार्टी कार्यकर्ताओं, उनके परिवार और समर्थकों के प्रति विश्वासघात बताया।

उन्होंने कहा कि बैंक स्टेटमेंट और खर्च का विवरण पहले ही पार्टी समितियों को दिया जा चुका है। अब जनता, मीडिया और पार्टी को और क्या प्रमाण चाहिए?

सीपीआई(एम) ने अभी तक इन नए खुलासों पर विस्तार से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

इस मामले के उजागर होने के बाद पैयन्नूर में राजनीतिक स्थिति दिलचस्प हो गई है, जहां कुंजीकृष्णन मौजूदा सीपीआई(एम) विधायक टी.आई. मधुसूदन के विरुद्ध चुनाव लड़ रहे हैं।

इसके अलावा, तालिपरम्बु क्षेत्र में पूर्व सीपीआई(एम) नेता टी.के. गोविंदन ने राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन की पत्नी के प्रत्याशी बनने पर सवाल उठाए थे, जिसके चलते उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था।

इन दोनों घटनाओं ने कन्नूर जिले में सीपीआई(एम) को हिला कर रख दिया है, जो देश में पार्टी का सबसे मजबूत जिला माना जाता है।

Point of View

राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम हैं, लेकिन जब एक पूर्व नेता अपने ही पार्टी के फंड में गड़बड़ी का आरोप लगाता है, तो यह गंभीरता से लेने की जरूरत है। यह घटना सीपीआई(एम) के लिए एक चुनौती है, खासकर जब चुनाव नजदीक हैं।
NationPress
01/04/2026

Frequently Asked Questions

कुंजीकृष्णन ने किस प्रकार का गबन का आरोप लगाया है?
कुंजीकृष्णन ने शहीद सहायता कोष में 5 लाख रुपए के गबन का आरोप लगाया है।
सीपीआई(एम) ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
सीपीआई(एम) ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि पार्टी के फंड में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
कुंजीकृष्णन के पास क्या सबूत हैं?
कुंजीकृष्णन ने बैंक स्टेटमेंट और आंतरिक खाता रिकॉर्ड साझा किए हैं।
यह विवाद किससे संबंधित है?
यह विवाद शहीद कार्यकर्ता धनराज के नाम पर जुटाए गए फंड से संबंधित है।
क्या यह चुनावी स्थिति को प्रभावित कर सकता है?
जी हां, यह विवाद चुनावी स्थिति को प्रभावित कर सकता है, खासकर जब कुंजीकृष्णन वर्तमान विधायक के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
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