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पय्यन्नूर में निर्दलीय उम्मीदवार का चुनाव कार्यालय धमकियों के कारण बंद

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पय्यन्नूर में निर्दलीय उम्मीदवार का चुनाव कार्यालय धमकियों के कारण बंद

सारांश

कर्णूर में चुनावी तनाव बढ़ रहा है। पूर्व माकपा नेता वी. कुंजिकृष्णन का चुनाव कार्यालय कथित धमकियों के कारण बंद कर दिया गया है। यह लोकतंत्र पर एक गंभीर हमला है।

मुख्य बातें

पय्यन्नूर में चुनावी तनाव बढ़ रहा है।
कुंजिकृष्णन का कार्यालय धमकियों के कारण बंद हुआ।
लोकतंत्र पर यह एक सीधा हमला है।
मकान मालिक को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
कुंजिकृष्णन के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है।

कन्नूर, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल के पय्यन्नूर में चुनावी माहौल में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पूर्व माकपा नेता वी. कुंजिकृष्णन, जो अब कांग्रेस नीत यूडीएफ के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में भाग ले रहे हैं, का चुनाव कार्यालय कथित धमकियों के कारण बंद कर दिया गया।

यह कार्यालय कोथायी मुक्क क्षेत्र में खोला गया था, लेकिन स्थानीय माकपा कार्यकर्ताओं द्वारा मकान मालिक पर दबाव डाले जाने के बाद इसे हटाना पड़ा। कुंजिकृष्णन के समर्थकों ने आरोप लगाया है कि मकान मालिक को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी, जिसके कारण उसने परिसर को खाली करने का अनुरोध किया।

कुंजिकृष्णन ने कहा, “मकान मालिक को धमकी दी गई थी, इसलिए हमने उनका कोई नुकसान न हो, इस कारण कार्यालय हटाने का निर्णय लिया। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है।”

यह मामला कुंजिकृष्णन और माकपा के बीच हाल ही में हुए विवाद के बाद सामने आया है। लंबे समय तक पार्टी से जुड़े रहने वाले कुंजिकृष्णन ने पिछले महीने एक शहीद के नाम पर जुटाए गए फंड में गड़बड़ी का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि निष्कासन के बाद से ही उन्हें और उनके परिवार को डराने-धमकाने की कोशिशें की जा रही हैं। उनके अनुसार, कुछ लोग उनके घर के बाहर नारेबाजी करते और पटाखे फोड़ते रहे, जबकि घर पर केवल उनकी पत्नी और बच्चे मौजूद थे।

स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब माकपा ने उसी विधायक को दोबारा उम्मीदवार बनाया, जिन पर कुंजिकृष्णन ने आरोप लगाए थे। इसके बाद उन्होंने चुनाव में भाग लेने का निर्णय लिया।

कांग्रेस नेतृत्व ने भी उनसे संपर्क किया और आरएसपी नेता शिबू बेबी जॉन के माध्यम से बातचीत के बाद उन्हें यूडीएफ समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा गया।

कुंजिकृष्णन का कहना है कि उनके खिलाफ चलाया गया दुष्प्रचार असरदार नहीं रहा, इसलिए अब उन्हें राजनीतिक रूप से अलग-थलग करने के लिए “डर का माहौल” बनाया जा रहा है।

इस सीट पर उनका मुकाबला मौजूदा माकपा विधायक टी.आई. मधुसूदन से है, जिन्होंने 2021 के चुनाव में करीब 50 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह लोकतंत्र की मूलभूत अवधारणाओं को भी चुनौती देता है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों बंद हुआ कुंजिकृष्णन का चुनाव कार्यालय?
चुनाव कार्यालय को धमकियों के कारण बंद किया गया है, जिससे मकान मालिक पर दबाव डाला गया था।
कुंजिकृष्णन कौन हैं?
वी. कुंजिकृष्णन पूर्व माकपा नेता हैं, जो अब कांग्रेस नीत यूडीएफ के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
क्या यह घटना लोकतंत्र के लिए खतरा है?
हाँ, यह घटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला करती है और राजनीतिक दबाव की गंभीरता को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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