केरल हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को दिया आदेश, बी. गोपालकृष्णन के खिलाफ शिकायत का निपटान दो महीने में किया जाए

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केरल हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को दिया आदेश, बी. गोपालकृष्णन के खिलाफ शिकायत का निपटान दो महीने में किया जाए

सारांश

केरल हाईकोर्ट ने बी. गोपालकृष्णन के खिलाफ शिकायत पर चुनाव आयोग को दो महीने का समय दिया है। यह मामला सांप्रदायिक टिप्पणी से जुड़ा है, जो चुनाव प्रचार के दौरान की गई थी। क्या होगी आगे की कार्रवाई? जानिए इस राजनीतिक विवाद के बारे में।

Key Takeaways

  • केरल हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को 2 महीने में कार्रवाई का निर्देश दिया।
  • यह मामला भाजपा नेता बी. गोपालकृष्णन की सांप्रदायिक टिप्पणियों से जुड़ा है।
  • कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर दिया।

कोच्चि, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारत निर्वाचन आयोग को यह निर्देश दिया है कि वह दो महीने के भीतर उस शिकायत पर कार्रवाई करे, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि भाजपा नेता बी. गोपालकृष्णन ने गुरुवायूर में चल रहे विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सांप्रदायिक टिप्पणी की थी।

जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) के नेता गोकुल द्वारा दायर की गई रिट याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया।

याचिकाकर्ता ने एनडीए उम्मीदवार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और उन पर सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक पोस्ट के जरिए चुनाव कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था।

गुरुवायूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे गोपालकृष्णन ने ऐसी सामग्री साझा की थी, जिसमें कहा गया था कि विरोधी दल इस क्षेत्र में हिंदू उम्मीदवार उतारने में असफल रहे हैं। इन टिप्पणियों के कारण कानूनी कार्रवाई शुरू हुई और गुरुवायूर मंदिर पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज किया।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने देखा कि इस मामले में पहले से ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और विवादास्पद वीडियो हटा लिया गया है।

कोर्ट ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ता पहले ही एक औपचारिक शिकायत के साथ भारत निर्वाचन आयोग से संपर्क कर चुका है, जो अभी लंबित है। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि चूंकि निर्वाचन आयोग के समक्ष उपलब्ध वैधानिक उपाय का अभी तक पूरा उपयोग नहीं किया गया है, इसलिए ईसीआई के लिए इस मामले पर सोच-समझकर निर्णय लेना उचित होगा।

पीठ ने चल रही चुनाव प्रक्रिया का हवाला देते हुए आरोपों की मेरिट (गुण-दोष) पर कोई ठोस टिप्पणी करने से परहेज किया।

कोर्ट ने कहा, "चूंकि चुनाव पहले ही शुरू हो चुके हैं, इसलिए कोर्ट के लिए ऐसी कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं है जिसका प्रस्तावित चुनाव पर कोई असर पड़े।" इसके साथ ही ईसीआई को निर्देश दिया गया कि वह आदेश मिलने के दो महीने के भीतर इस शिकायत पर निर्णय ले।

इस आदेश के साथ याचिका का निपटारा कर दिया गया है और अब इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में आगे की कार्रवाई का जिम्मा निर्वाचन आयोग के ऊपर छोड़ दिया गया है।

Point of View

जो इस संवेदनशील मामले का समाधान करेगा।
NationPress
27/03/2026

Frequently Asked Questions

बी. गोपालकृष्णन के खिलाफ शिकायत क्यों दर्ज की गई थी?
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान सांप्रदायिक टिप्पणी की थी।
केरल हाईकोर्ट ने शिकायत पर क्या निर्णय दिया?
हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि वह शिकायत पर दो महीने के भीतर विचार करे।
क्या इस मामले में पहले से एफआईआर दर्ज की गई थी?
हां, इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
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