भारत-ईयू एफटीए गेमचेंजर होगा: पीयूष गोयल की जर्मन मंत्री से द्विपक्षीय बैठक
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 22 अक्टूबर 2026 को जर्मनी की संघीय आर्थिक मामलों एवं ऊर्जा मंत्री कैथरीना राइखे के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय और जर्मन उद्योगों के बीच सहयोग को नई ऊँचाई देना था। यह बैठक 22 से 27 अक्टूबर तक चलने वाले गोयल के जर्मनी एवं नीदरलैंड के आधिकारिक दौरे के पहले दिन हुई, जिसमें लगभग 100 भारतीय कारोबारों और स्टार्टअप के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
बैठक में क्या हुई चर्चा
मंत्री गोयल ने राइखे के साथ हुई बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, उन्नत विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिज, हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के क्षेत्र में अवसरों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। इसके अतिरिक्त, भारत के औद्योगिक और डिजिटल इकोसिस्टम में जर्मन निवेश बढ़ाने पर भी सहमति बनाने का प्रयास किया गया।
गोयल ने कहा, 'हमने बातचीत में इस बात पर फोकस किया कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) किस तरह एक गेमचेंजर साबित होगा और भारत एवं जर्मनी, दोनों देशों के कारोबारियों को अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करने में मदद करेगा।'
दौरे का व्यापक उद्देश्य
सरकारी बयान के अनुसार, इस यात्रा का समग्र लक्ष्य भारत की रणनीतिक आर्थिक साझेदारियों को सुदृढ़ करना, द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार करना और औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाना है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-ईयू एफटीए वार्ताएँ एक निर्णायक मोड़ पर बताई जा रही हैं और दोनों पक्ष बाजार-पहुँच तथा निवेश शर्तों पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जर्मनी यूरोपीय संघ की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और भारत के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में उसकी गिनती होती है। ऐसे में इस स्तर की वार्ता भारत-ईयू एफटीए को जमीन पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम मानी जा रही है।
बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में भागीदारी
जर्मनी प्रवास के दौरान गोयल बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में हिस्सा लेंगे, जहाँ वे अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्माताओं और वैश्विक कारोबारी नेताओं के साथ संवाद करेंगे। इस मंच पर भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता, विनिर्माण क्षमताओं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में देश की भूमिका को रेखांकित किया जाएगा। शिखर सम्मेलन से अलग, जर्मनी की संघीय चांसलरी में आर्थिक एवं वित्तीय नीति सलाहकार तथा जी7/जी20 शेरपा के साथ भी उच्चस्तरीय बैठकें निर्धारित हैं।
नीदरलैंड में भी अहम बैठकें
दौरे के दूसरे चरण में मंत्री हेग में सरकार-से-सरकार (G2G) स्तर पर व्यापक वार्ता का नेतृत्व करेंगे। वे नीदरलैंड के आर्थिक मामलों एवं जलवायु मंत्री और विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री से द्विपक्षीय मंत्रिस्तरीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में व्यापार के नए अवसरों और हरित बदलाव से जुड़ी पहलों पर ध्यान केंद्रित रहेगा।
इसके अलावा, उत्तर हॉलैंड के किंग्स कमिश्नर और डच संसद की विदेश व्यापार तथा यूरोपीय मामलों से संबंधित समितियों के सदस्यों के साथ भी महत्वपूर्ण बैठकें होंगी। यह दौरा भारत की यूरोपीय देशों के साथ बहुआयामी जुड़ाव की रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत व्यापार, प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा तीनों मोर्चों पर एक साथ काम किया जा रहा है।