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पीएम आवास योजना: कोटद्वार में 1,072 परिवारों को मिला पक्का घर, बदल रही है ज़िंदगी

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पीएम आवास योजना: कोटद्वार में 1,072 परिवारों को मिला पक्का घर, बदल रही है ज़िंदगी

सारांश

उत्तराखंड के कोटद्वार में पीएम आवास योजना ने कच्चे घरों की तकलीफ़ को पक्की छत की राहत में बदल दिया है। 1,773 में से 1,072 परिवारों को लाभ मिल चुका है और 100 आवास अंतिम चरण में हैं — पहाड़ी राज्य में यह योजना सामाजिक बदलाव का ठोस उदाहरण बन रही है।

मुख्य बातें

कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में पीएम आवास योजना के तहत कुल 1,773 लाभार्थी चिह्नित हैं।
अब तक 1,072 परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा चुका है।
100 आवास अभी रूफ लेवल पर हैं — निर्माण अंतिम चरण में।
लाभार्थी जगमोहन सिंह को ₹20 हज़ार से शुरू होकर कुल ₹2 लाख तक की किस्त-दर-किस्त सहायता मिली।
किस्त-आधारित भुगतान सीधे बैंक खाते में, बिचौलियों के बिना।

उत्तराखंड के कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना ने सैकड़ों परिवारों का घर का सपना साकार किया है। जनपद पौड़ी गढ़वाल के इस शहरी क्षेत्र में अब तक 1,773 पात्र लाभार्थियों में से 1,072 को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं। कच्ची दीवारों और टपकती छतों की जगह अब इन परिवारों के ऊपर मज़बूत छत है — और उनके चेहरों पर एक नई आत्मविश्वास की चमक।

लाभार्थियों की ज़ुबानी: कैसे बदली ज़िंदगी

कोटद्वार के सनेह क्षेत्र निवासी जगमोहन सिंह बताते हैं कि पहले उनका मकान इस क़दर जर्जर था कि बरसात में छत से पानी टपकता था और गर्मी-ठंड हर मौसम में परिवार को तकलीफ़ झेलनी पड़ती थी। उन्होंने कहा, 'पार्षद ने प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में बताया और फ़ॉर्म भरने का सुझाव दिया। फ़ॉर्म भरने के बाद आवास के लिए स्वीकृति मिली और बैंक खाते में किस्तें आने लगीं।'

जगमोहन सिंह के अनुसार योजना के तहत उन्हें पहले ₹20 हज़ार की किस्त मिली, उसके बाद ₹40 हज़ार, ₹60 हज़ार और अंत में ₹80 हज़ार की किस्त आई, जिससे नया मकान बनाया गया। 'इस योजना से मुझे बहुत लाभ मिला है,' उन्होंने कहा।

एक अन्य लाभार्थी पुष्पा देवी ने बताया कि कच्चे घर में हर मौसम में किसी न किसी परेशानी का सामना करना पड़ता था और बच्चों को कीड़ों का डर भी सताता था। पक्का मकान मिलने के बाद वे अब बेहतर जीवन जी रही हैं।

नगर निगम के आँकड़े

कोटद्वार नगर निगम आयुक्त पीएल शाह ने बताया कि उनके क्षेत्र में इस योजना के तहत कुल 1,773 लाभार्थी चिह्नित हैं। इनमें से 1,072 को आवास का लाभ दिया जा चुका है, जबकि 100 आवास अभी रूफ लेवल पर हैं — यानी निर्माण अंतिम चरण में है। शाह ने कहा कि इस योजना से लाभार्थियों के जीवन में बड़ा सामाजिक सुधार आया है।

योजना की पृष्ठभूमि और व्यापक असर

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पीएम आवास योजना के विस्तार पर ज़ोर दे रही है। गौरतलब है कि उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है जहाँ कच्चे आवासों में रहने वाले परिवार मौसम की कठोरता — भारी बर्फ़बारी, मानसून की बारिश और भूस्खलन — के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं। ऐसे में पक्के आवास केवल सामाजिक उन्नति नहीं, बल्कि सुरक्षा की गारंटी भी हैं।

आँकड़ों के अनुसार, योजना के अंतर्गत किस्त-आधारित भुगतान प्रणाली सुनिश्चित करती है कि निर्माण प्रगति के साथ-साथ धनराशि लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित हो, जिससे बिचौलियों की भूमिका न्यूनतम रहती है।

आम जनता पर असर

लाभार्थियों के अनुसार पक्के घर मिलने से न केवल उनकी दैनिक परेशानियाँ कम हुई हैं, बल्कि उनके बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कच्चे मकानों में नमी, कीड़े और असुरक्षित संरचना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम बनती थी।

क्या होगा आगे

नगर निगम आयुक्त के अनुसार शेष 100 आवास जो रूफ लेवल पर हैं, उनका निर्माण शीघ्र पूर्ण किए जाने की उम्मीद है। शेष पात्र लाभार्थियों को भी चरणबद्ध तरीके से योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया जारी है। कोटद्वार का यह अनुभव उत्तराखंड के अन्य शहरी निकायों के लिए एक व्यावहारिक नमूने के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 1,773 में से 701 लाभार्थी अभी भी प्रतीक्षारत क्यों हैं। किस्त-आधारित मॉडल लाभकारी है, परंतु पहाड़ी इलाकों में निर्माण सामग्री की उपलब्धता और श्रम की कमी अक्सर देरी का कारण बनती है — जो इस आँकड़े में दिखती है। योजना की सफलता तभी पूर्ण मानी जाएगी जब शेष सभी पात्र परिवारों को भी समयबद्ध तरीके से लाभ मिले, न केवल शहरी क्षेत्र में बल्कि दूरस्थ पहाड़ी बस्तियों में भी।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोटद्वार में पीएम आवास योजना के कितने लाभार्थी हैं?
कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में कुल 1,773 पात्र लाभार्थी हैं, जिनमें से 1,072 को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा चुका है और 100 आवास रूफ लेवल पर निर्माणाधीन हैं।
पीएम आवास योजना के तहत कितनी किस्तें और कितनी राशि मिलती है?
लाभार्थी जगमोहन सिंह के अनुभव के अनुसार, पहली किस्त ₹20 हज़ार, फिर ₹40 हज़ार, ₹60 हज़ार और अंत में ₹80 हज़ार की किस्त मिली। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में निर्माण प्रगति के अनुसार हस्तांतरित होती है।
पीएम आवास योजना का लाभ पाने की प्रक्रिया क्या है?
योजना के लिए पात्र व्यक्ति को निर्धारित फ़ॉर्म भरना होता है। स्वीकृति मिलने के बाद बैंक खाते में किस्तें सीधे ट्रांसफर की जाती हैं। स्थानीय पार्षद या नगर निगम कार्यालय से इसकी जानकारी ली जा सकती है।
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में पक्के आवास की क्यों ज़रूरत है?
उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड, भारी बर्फ़बारी और मानसूनी बारिश के कारण कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार गंभीर जोखिम में होते हैं। पक्का आवास इन परिवारों को मौसम की मार और संरचनात्मक खतरों से सुरक्षा देता है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में कितने आवास अभी बनने बाकी हैं?
नगर निगम आयुक्त पीएल शाह के अनुसार 100 आवास रूफ लेवल पर हैं और शेष 701 पात्र लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से लाभ दिलाने की प्रक्रिया जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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