मोदी के 12 वर्ष पूरे: बिरला मंदिर में नड्डा ने की विशेष पूजा, बोले — 'स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा यह दिन'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 10 जून 2026 को नई दिल्ली के बिरला मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई। इस अवसर पर सांसद लुम्बाराम चौधरी और कमलजीत सहरावत भी उपस्थित रहे। नड्डा ने इस दिन को भारत के इतिहास में 'स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने वाला ऐतिहासिक दिन' करार दिया।
मुख्य घटनाक्रम
नड्डा, चौधरी और सहरावत ने बिरला मंदिर में पीएम मोदी की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प की पूर्ति के लिए प्रार्थना की। यह आयोजन भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके समर्थकों द्वारा देशभर में मनाए जा रहे उत्सव का हिस्सा था।
नड्डा का बयान
नड्डा ने कहा, 'आज भारत के इतिहास में एक ऐतिहासिक दिन है, जिसे स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार सेवा देकर सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 2014 से 2026 तक उन्होंने बिना किसी रुकावट के देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया है।' उन्होंने यह भी कहा कि मोदी ने प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का कार्यकाल रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
सांसदों की प्रतिक्रिया
सांसद लुम्बाराम चौधरी ने कहा कि पीएम मोदी देश के सेवक हैं और उनकी योजनाओं से आम लोगों को सीधा लाभ मिला है, इसीलिए पूरे देश से उन्हें शुभकामनाएँ मिल रही हैं। सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि मोदी ने केवल कार्यकाल का रिकॉर्ड नहीं बनाया, बल्कि उनकी नीतियों से विश्व में भारत की पहचान स्थापित हुई है।
एनडीए एकता और विपक्ष पर निशाना
सहरावत ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एकजुटता पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह गठबंधन अवसरवाद पर नहीं, बल्कि देशसेवा की प्रतिबद्धता पर टिका है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि ईवीएम, मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग पर लगातार लगाए जा रहे आरोपों को देश की जनता समझ चुकी है, और इसीलिए BJP को जनता का समर्थन मिल रहा है।
आगे क्या
मोदी के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर BJP और NDA के घटक दलों द्वारा देशभर में आयोजन किए जा रहे हैं। 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को केंद्र में रखते हुए पार्टी इस मील के पत्थर को अपने राजनीतिक संदेश के रूप में प्रस्तुत कर रही है।