मोदी सरकार के 12 साल: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और दिल्ली एलजी संधू ने दी बधाई, गिनाईं उपलब्धियाँ
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर 10 जून 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने उन्हें बधाई दी। राष्ट्रपति ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री की उपलब्धियों को रेखांकित किया और उनके दीर्घायु व सुस्वास्थ्य की कामना की।
राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने पोस्ट में कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने का मौका मिला। इसके लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई। यह ऐतिहासिक मौका भारत के लोगों की ओर से आप पर जताए गए विश्वास का प्रमाण है।'
उन्होंने आगे कहा, 'प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में आर्थिक मजबूती और सामाजिक बदलाव के क्षेत्र में दूरगामी प्रगति हासिल की है। जनकल्याणकारी योजनाओं ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि इसका लाभ समावेशी रूप से जमीनी स्तर तक पहुँचे, जो अंत्योदय के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'
आदिवासी कल्याण अभियानों का विशेष उल्लेख
राष्ट्रपति मुर्मू ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये योजनाएँ उनके दिल के बेहद करीब हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणादायक यात्रा भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं में उम्मीद और नया आत्मविश्वास जगाती है।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश का समापन करते हुए कहा, 'मैं आपके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करती हूँ, ताकि आप देश की सेवा करते रहें और इसे आत्मनिर्भर व विकसित भारत के विजन की ओर ले जाएँ।'
दिल्ली एलजी संधू की बधाई
दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने भी अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी को सबसे लंबे समय तक इस पद पर बने रहने के लिए बधाई दी। संधू ने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि उनके अटूट समर्पण, दूरदर्शी नेतृत्व और भारत की जनता द्वारा लगातार मिले जनादेश के ज़रिए जताए गए गहरे और स्थायी भरोसे का सशक्त प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि मोदी के मार्गदर्शन में देश प्रगति, समावेशी विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के अभूतपूर्व शिखर को छू रहा है। गौरतलब है कि 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से मोदी ने लगातार तीन कार्यकाल पूरे किए हैं, जो उन्हें भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत प्रधानमंत्रियों में शुमार करता है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर नीतिगत कदम तेज़ कर रही है। राष्ट्रपति और उपराज्यपाल दोनों के संदेशों में समावेशी विकास और आत्मनिर्भरता को केंद्रीय धुरी के रूप में रेखांकित किया गया, जो आने वाले समय में सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत देते हैं।