प्रधानमंत्री मोदी का सहारनपुर में भव्य रोड शो, तिरंगा थामे लोगों ने किया जोरदार स्वागत
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
- सड़क किनारे तिरंगा थामे लोगों ने नारे लगाए और फूलों की वर्षा की।
- दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर की लंबाई 213 किलोमीटर और लागत 12,000 करोड़ रुपए है।
- इस कॉरिडोर में कई जन सुविधाएँ और उच्च गति कनेक्टिविटी की सुविधाएँ शामिल हैं।
- वन्यजीव संरक्षण के लिए विशेषताएँ जोड़ी गई हैं।
सहारनपुर, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर के उद्घाटन से पूर्व उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक भव्य रोड शो आयोजित किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए उपस्थित रहे।
सड़क किनारे प्रधानमंत्री की झलक पाने के लिए भारी भीड़ जमा थी। रोड शो में शामिल लोगों ने हाथों में तिरंगा थामकर ‘मोदी-मोदी’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए पीएम मोदी पर फूलों की वर्षा की। कई लोग पारंपरिक वेशभूषा में थे और उन्होंने स्वागत में पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किए। पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया।
पीएम मोदी सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर के ऊंचे खंड पर स्थित वन्यजीव कॉरिडोर की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वह देहरादून के लिए रवाना होंगे।
प्रधानमंत्री देहरादून में स्थित जय मां डाट काली मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके पश्चात, प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 12:30 बजे देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।
213 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाला और एक्सेस कंट्रोल्ड दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर 12,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से तैयार किया गया है। यह कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से होकर गुजरता है। इसके माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय वर्तमान में छह घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे हो जाएगा।
इस परियोजना में निर्बाध उच्च गति कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), चार प्रमुख पुल और सड़क किनारे 12 जन सुविधाओं का निर्माण किया गया है। यात्रियों के लिए सुरक्षित और अधिक कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए यह कॉरिडोर उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएम) से सुसज्जित है।
क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों को ध्यान में रखते हुए इस कॉरिडोर को विशेष सुविधाओं के साथ डिजाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है। जंगली जानवरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए इस परियोजना में कई वन्यजीव संरक्षण विशेषताएँ शामिल की गई हैं। इनमें 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर, आठ पशु मार्ग, 200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग शामिल है।