14 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश का दौरा, दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का होगा शुभारंभ
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा 14 अप्रैल को उद्घाटन होगा।
- यह गलियारा 213 किलोमीटर लंबा और छह लेन वाला है।
- यात्रा का समय घटकर लगभग ढाई घंटे होगा।
- परियोजना में वन्यजीव संरक्षण के लिए विशेष सुविधाएं शामिल हैं।
- यह क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगा।
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश का दौरा करने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री लगभग सुबह 11:15 बजे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के ऊँचे खंड पर बने वन्यजीव गलियारे का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद, वह सुबह लगभग 11:40 बजे देहरादून के नजदीक स्थित जय मां दात काली मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद, पीएम मोदी दोपहर लगभग 12:30 बजे देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।
213 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाला और एक्सेस कंट्रोल्ड दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा 12,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। यह गलियारा दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों को जोड़ता है और दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा का समय वर्तमान में छह घंटे से अधिक से घटकर केवल लगभग ढाई घंटे हो जाएगा।
इस परियोजना में निर्बाध उच्च गति कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), चार प्रमुख पुल और सड़क किनारे 12 जन सुविधाओं का निर्माण शामिल है। यात्रियों के लिए सुरक्षित और अधिक कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए यह गलियारा उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएम) से सुसज्जित है।
इस क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों के संरक्षण के ध्यान में रखते हुए, इस गलियारे को कई विशेषताओं के साथ डिजाइन किया गया है, जिनका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी लाना है। परियोजना में 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है। इसमें आठ पशु मार्ग, 200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी शामिल है।
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क बढ़ाकर और क्षेत्र में व्यापार एवं विकास के नए रास्ते खोलकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है जिसमें अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे का विकास करना शामिल है, जो उच्च गति संपर्क को पर्यावरणीय स्थिरता और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता के साथ जोड़ता है।