माई भारत प्लेटफॉर्म ने बदली ज़िंदगी: राजस्थान के सुनील केला बोले — PM मोदी से संवाद अविस्मरणीय
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के युवा स्वयंसेवक सुनील रमेश कुमार केला ने 27 जुलाई 2026 को अहमदाबाद में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि माई भारत प्लेटफॉर्म ने उनके जैसे देशभर के लाखों युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का ऐसा अवसर दिया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सीधे संवाद के अनुभव को उन्होंने 'अविस्मरणीय' करार दिया।
PM मोदी से संवाद का अनुभव
सुनील ने बताया कि प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान उन्हें यह अहसास हुआ, जैसे वे परिवार के किसी बड़े-बुजुर्ग से सहज बातचीत कर रहे हों। उन्होंने कहा, 'आज भी विश्वास नहीं होता कि मुझे प्रधानमंत्री से सीधे संवाद का अवसर मिला।' उनके अनुसार, माई भारत प्लेटफॉर्म ने उन्हें एक नहीं, बल्कि कई बार समाज और देश के लिए काम करने तथा राजस्थान का नाम रोशन करने का मौका दिया।
रेगिस्तान से बर्फीले पहाड़ों तक का सफर
माई भारत के माध्यम से सुनील को राजस्थान से हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती गाँव चांगो तक जाने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि यात्रा से पहले उनके मन में आशंकाएँ थीं कि पहाड़ी क्षेत्र में सड़कें, इंटरनेट और अन्य सुविधाएँ सीमित होंगी। लेकिन वहाँ पहुँचने पर सभी धारणाएँ बदल गईं — हिमाचल की सड़कें और हाईवे उत्कृष्ट मिले, और UPI के ज़रिए डिजिटल भुगतान बिना किसी परेशानी के हो गया। यह अनुभव उनके लिए डिजिटल इंडिया की पहुँच का जीवंत प्रमाण बना।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान: सिद्दू से दाल-बाटी तक
स्थानीय लोगों ने सुनील का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें हिमाचली व्यंजन सिद्दू तथा नमक वाली पारंपरिक चाय 'चा-चा' का स्वाद चखाया। विदाई से एक दिन पहले सुनील ने भी अपने हिमाचली मित्रों के लिए राजस्थान का प्रसिद्ध दाल-बाटी-चूरमा बनाया, जो स्थानीय लोगों को खूब पसंद आया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की सबसे सुंदर रेसिपी यही है — हिमाचल का अपनापन, राजस्थान का प्यार और भारत की एकता।
जेनजी को लेकर गलत धारणाओं पर जवाब
सुनील ने कहा कि यह सोच पूरी तरह गलत है कि आज की युवा पीढ़ी केवल मोबाइल, लैपटॉप और गेम्स तक सीमित है। उनके अनुसार, माई भारत प्लेटफॉर्म पर देशभर के युवा सामाजिक कार्यों में भाग ले रहे हैं, सीमावर्ती गाँवों का दौरा कर रहे हैं और विकास कार्यों को समझ रहे हैं। उन्होंने कहा, '2047 के विकसित भारत की नींव आज के यही जेनजी रखेंगे।' उन्होंने सभी युवाओं से माई भारत से जुड़ने और उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने की अपील की।
एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना
सुनील ने कहा कि दोनों राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियाँ भले ही अलग हों, लेकिन देश के प्रति लोगों का राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति का जज्बा एक समान है। यह अनुभव प्रधानमंत्री मोदी के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संदेश की वास्तविक भावना को दर्शाता है। माई भारत प्लेटफॉर्म इसी सोच का परिणाम है, जो युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ता है।