भाजपा सांसद मनन मिश्रा: मोदी की विदेश नीति से वैश्विक संकट में भी भारत रहा अछूता
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनन मिश्रा ने 4 जुलाई को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी विदेश नीति के चलते वैश्विक संकट का भारत पर कोई उल्लेखनीय असर नहीं पड़ा। उनकी यह टिप्पणी उस दिन आई जब प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के साणंद में सीजी सेमी की ओएसएटी (OSAT) सुविधा का उद्घाटन किया और कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के दौरान भारत की इच्छाशक्ति और प्रयास भारी पड़े।
मनन मिश्रा का बयान: क्या कहा
भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री बिल्कुल सही कह रहे हैं। उन्होंने कहा, 'वैश्विक संकट के दौरान, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के समय, बड़े और अमीर देश भी मुश्किल हालात में फंस गए थे। अमेरिका को भी तेल की कीमतें 50 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ानी पड़ी थीं। यूरोपीय देश बुरी तरह प्रभावित हुए थे।' मिश्रा ने आगे कहा कि भारत में तेल की कीमतें मात्र ₹2 से ₹4 तक बढ़ीं और जनता को किसी बड़े संकट का सामना नहीं करना पड़ा।
विदेश नीति की सफलता का दावा
मनन मिश्रा के अनुसार, भारत सरकार ने वैश्विक संकट के दौरान यह सुनिश्चित किया कि कारोबारी समुदाय को कोई बड़ा नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रभाव को कम करने के लिए समय पर कदम उठाए। उनके अनुसार, भारत ने जहाँ से उचित समझा, वहाँ से कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की, जो कि सफल कूटनीति का परिणाम है। यह दावा उल्लेखनीय है, क्योंकि उस दौरान भारत ने रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदा था — एक नीतिगत निर्णय जिसे पश्चिमी देशों ने विवादास्पद माना।
विपक्ष पर निशाना
भाजपा सांसद ने विरोधी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने जनता को गुमराह करने और अराजकता फैलाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पर देश की जनता का विश्वास बना रहा और उनके नेतृत्व में विदेश नीति सफल रही।
मानसून सत्र और राम मंदिर विवाद पर प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 20 जुलाई से 13 अगस्त तक मानसून सत्र की घोषणा पर मनन मिश्रा ने कहा कि एजेंडा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सत्र में महिला आरक्षण विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के 5 जुलाई से महाराष्ट्र में 'राम रक्षा आंदोलन' की घोषणा पर मिश्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में एसआईटी (SIT) जाँच जारी है, आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है और ट्रस्ट के लोगों से पूछताछ हो रही है। मिश्रा ने ठाकरे पर 'गलत बयानबाजी' का आरोप लगाते हुए कहा कि जो अपनी पार्टी नहीं बचा पाए, वे राम मंदिर की बात करने की स्थिति में नहीं हैं।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत की विदेश नीति और ऊर्जा कूटनीति को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस जारी है। आने वाले मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच इन मुद्दों पर तीखी नोकझोंक संभव है।