'धुरंधर 2' में अतीक अहमद पर पूजा पाल का बयान- सपा का बड़ा फाइनेंसर हुआ मारा
सारांश
Key Takeaways
- पूजा पाल के बयान ने समाजवादी पार्टी को कठघरे में खड़ा किया है।
- योगी आदित्यनाथ का माफियाओं के खिलाफ ठोस कदम उठाना सराहनीय है।
- फिल्म 'धुरंधर 2' ने राजनीतिक रिश्तों की सच्चाई को उजागर किया।
लखनऊ, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने फिल्म 'धुरंधर 2' में पूर्व सपा नेता अतीक अहमद से प्रेरित किरदार (अतीफ अहमद) पर कई महत्वपूर्ण बयान दिए हैं।
उन्होंने कहा कि फिल्म में अतीफ अहमद का किरदार एक नकली नोटों का सप्लायर है, और सपा महासचिव राम गोपाल यादव के उस बयान पर कि सरकार बनने के बाद अतीक की मौत का बदला लिया जाएगा, उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के एक असाधारण मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे माफियाओं का अंत किया है।
पूजा ने आगे कहा, "फिल्म ने समाजवादी पार्टी और अतीक अहमद के बीच के रिश्ते की सच्चाई को उजागर कर दिया है। अतीक अहमद सपा के संरक्षण में रहकर एक दीमक की तरह देश को भीतर से खोखला कर रहा था।"
वह कहती हैं, "अतीक केवल मेरा गुनहगार नहीं था। उसने मेरे पति राजूपाल जी की हत्या कर न केवल मेरी जिंदगी को बर्बाद किया, बल्कि हजारों परिवारों की जिंदगी भी तबाह की थी।"
उन्होंने कहा, "अतीक ने लोगों की हत्याएं करके नशे के कारोबार के जरिए युवाओं को अपराधी बनाया और समाज को नुकसान पहुँचाया। समाजवादी पार्टी के संरक्षण में अतीक और उसके गैंग ने नकली नोटों का कारोबार किया और देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया।"
पूजा पाल ने कहा, "समाजवादी पार्टी को अतीक अहमद की सभी गतिविधियों की जानकारी थी, लेकिन अतीक पर की गई कार्रवाई अखिलेश यादव को पसंद नहीं आई। अतीक अहमद के रूप में समाजवादी पार्टी का एक बड़ा फाइनेंसर मारा गया, जिससे अखिलेश यादव असंतुष्ट हो गए। इसलिए राम गोपाल यादव कह रहे हैं कि सत्ता में आने पर अतीक अहमद की हत्या का बदला लिया जाएगा।"
उन्होंने आगे कहा, "ये शब्द भले ही रामगोपाल यादव के हों, लेकिन विचार अखिलेश यादव के हैं। सपा का पूरा सिस्टम ही हत्यारों और अपराधियों को बचाने के लिए काम करता है।"
पूजा ने बताया कि अतीक के कब्र पर अखिलेश यादव फातिहा भी पढ़ने पहुँच जाते हैं। जब मैंने अतीक के गैंग के सफाए का स्वागत किया, तो मुझे पार्टी से निकाल दिया गया। मेरा स्पष्ट मानना है कि अगर मैं अतीक की हत्या के बाद भी जीवित हूं, तो इसकी एकमात्र वजह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। अगर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार होती या वे मुख्यमंत्री होते, तो मेरी अब तक हत्या हो चुकी होती।