25 जुलाई 2026
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प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर

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प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर

सारांश

परीक्षा पेपर लीक के विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभार व्यवस्था की — प्रल्हाद जोशी अब खाद्य मंत्रालय के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय भी संभालेंगे। यह बदलाव मंत्रालय पर बढ़ते राजनीतिक दबाव का प्रत्यक्ष परिणाम है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 25 जुलाई 2026 को संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया।
प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया; वे खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री का कार्यभार भी जारी रखेंगे।
यह बदलाव देशभर में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में हुआ।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों से विरोध समाप्त कर घर लौटने का आग्रह किया।
शिक्षा मंत्रालय के दीर्घकालिक पुनर्गठन की घोषणा उचित समय पर अपेक्षित है।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को 25 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। यह बदलाव देशभर में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में उठे जन-आंदोलनों की पृष्ठभूमि में हुआ, जिसने शिक्षा मंत्रालय को गहन राजनीतिक और सार्वजनिक जाँच के दायरे में ला दिया था।

नियुक्ति का आधिकारिक आधार

राष्ट्रपति कार्यालय ने शनिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में इस नियुक्ति की पुष्टि की। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत स्वीकार किया गया। विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया कि यह परिवर्तन तत्काल प्रभाव से लागू है।

प्रल्हाद जोशी की दोहरी जिम्मेदारी

प्रल्हाद जोशी अब खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का भी कार्यभार संभालेंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह दोहरी प्रभार व्यवस्था शिक्षा मंत्रालय के कामकाज में निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि

देश के कई हिस्सों में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक को लेकर उठे विरोध प्रदर्शनों ने शिक्षा मंत्रालय पर दबाव बढ़ा दिया था। शनिवार को आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने छात्रों से विरोध प्रदर्शन समाप्त कर घर लौटने का आग्रह किया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक की घटनाओं ने राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

आगे क्या होगा

शिक्षा मंत्रालय के किसी भी दीर्घकालिक पुनर्गठन के संबंध में आगे की जानकारी उचित समय पर घोषित किए जाने की उम्मीद है। प्रल्हाद जोशी के नेतृत्व में अंतरिम व्यवस्था को औपचारिक रूप मिल जाने के बाद, मंत्रालय के भीतर नीतिगत दिशा और परीक्षा सुधारों पर ध्यान केंद्रित होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्हें केवल मंत्री बदलने से नहीं सुलझाया जा सकता। असली परीक्षा यह होगी कि नई व्यवस्था में मंत्रालय परीक्षा सुधारों पर कितनी जल्दी और कितनी ठोस कार्रवाई करता है — वरना यह फेरबदल महज़ एक प्रशासनिक खानापूर्ति बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार क्यों दिया गया?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय में रिक्तता आई, जिसे भरने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री मोदी की सलाह पर प्रल्हाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा। यह व्यवस्था मंत्रालय के कामकाज में निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किस कारण हुआ?
परीक्षा प्रश्नपत्र लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया। राष्ट्रपति ने यह इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत 25 जुलाई 2026 को तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया।
प्रल्हाद जोशी अब कौन-कौन से मंत्रालय संभालेंगे?
प्रल्हाद जोशी अब खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का भी कार्यभार संभालेंगे। यह दोहरी प्रभार व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
शिक्षा मंत्रालय में दीर्घकालिक बदलाव कब होगा?
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय के किसी भी दीर्घकालिक पुनर्गठन की घोषणा उचित समय पर की जाएगी। फिलहाल प्रल्हाद जोशी की अंतरिम व्यवस्था को औपचारिक रूप दे दिया गया है।
पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों पर सरकार का क्या रुख है?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों से विरोध प्रदर्शन समाप्त कर घर लौटने का आग्रह किया। सरकार ने अभी तक परीक्षा सुधारों पर कोई ठोस रोडमैप सार्वजनिक नहीं किया है।
राष्ट्र प्रेस
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