3 अगस्त 2026
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मोदी सरकार के 12 साल: प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं — 'जनता को गुमराह करके पूरा हुआ कार्यकाल'

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मोदी सरकार के 12 साल: प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं — 'जनता को गुमराह करके पूरा हुआ कार्यकाल'

सारांश

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर शिवसेना (UBT) की प्रियंका चतुर्वेदी ने 'जनता को गुमराह' करने का आरोप लगाया। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और योगी के 'धर्मशाला' बयान पर विकास-रोज़गार की जवाबदेही माँगी।

मुख्य बातें

प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना UBT) ने 10 जून 2026 को मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर आरोप लगाया कि जनता को गुमराह करके कार्यकाल पूरा हुआ।
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन रद्द होने को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया और राजनीतिक प्रभाव की आशंका जताई।
उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) से गंभीर जाँच की उम्मीद जताई; कांग्रेस के अदालत जाने की संभावना।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ में दिए 'धर्मशाला' बयान पर कहा — सरकार को विकास और रोज़गार पर ध्यान देना चाहिए।
TMC-कांग्रेस विलय की चर्चाओं को अपुष्ट बताया; इंडिया अलायंस में सभी विकल्पों पर विचार जारी रहेगा।

शिवसेना (यूबीटी) की वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने 10 जून 2026 को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार ने देश की जनता को गुमराह करके अपना कार्यकाल पूरा किया है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन रद्द होने और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयानों पर भी अपनी राय रखी।

मोदी सरकार के 12 साल पर प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने पर चतुर्वेदी ने उन्हें बधाई दी। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोदी ने अपने पहले दो कार्यकाल में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार चलाई, जबकि वर्तमान में वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के समर्थन से तीसरे कार्यकाल में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। उनका आरोप था कि इन वर्षों में जनता से किए गए वादों पर खरा उतरने की बजाय केवल भ्रम फैलाया गया।

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने पर सवाल

कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मामले में चतुर्वेदी ने इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनके अनुसार, रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा दिए गए कारणों से यह प्रतीत होता है कि यह निर्णय राजनीतिक कारणों से प्रभावित हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतनी अनुभवी नेता होने के बावजूद नामांकन प्रक्रिया में तकनीकी त्रुटियों पर पर्याप्त ध्यान क्यों नहीं दिया गया।

चतुर्वेदी ने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग (ECI) इस मामले की गंभीरता से जाँच करेगा और कांग्रेस इस फैसले को अदालत में चुनौती देगी।

योगी आदित्यनाथ के बयान पर आपत्ति

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि जिन लोगों की भारत के प्रति आस्था या निष्ठा नहीं है और जो यहाँ की संस्कृति का सम्मान नहीं करते, उनके लिए भारत की धरती 'धर्मशाला' नहीं हो सकती। इस पर चतुर्वेदी ने कहा कि योगी अपने दूसरे कार्यकाल में हैं और राज्य की जनता विकास तथा रोज़गार जैसे मुद्दों पर जवाब चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दों को उठाने के बजाय सरकार को जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।

TMC-कांग्रेस विलय की चर्चाओं पर रुख

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कांग्रेस में संभावित विलय की अटकलों पर चतुर्वेदी ने कहा कि इस तरह की खबरें अपुष्ट सूत्रों के आधार पर सामने आती हैं, और इनमें से अनेक स्रोत भारतीय जनता पार्टी (BJP) या सरकार से जुड़े बताए जाते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बीच भविष्य की रणनीति और सहयोग को लेकर चर्चा जारी रहेगी और इंडिया अलायंस के भीतर सभी विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

आगे क्या

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के मामले में कांग्रेस के कानूनी कदम उठाने की संभावना है, जबकि विपक्षी एकता की दिशा में इंडिया अलायंस की आगामी बैठकें इन राजनीतिक समीकरणों को और स्पष्ट करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर कांग्रेस की प्रक्रियागत चूक पर सवाल — दिखाती है कि वे केवल दलीय पंक्ति नहीं दोहरा रहीं। योगी के 'धर्मशाला' बयान को विकास-रोज़गार के सवाल से जोड़ना एक चतुर फ्रेमिंग है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस बात को अक्सर अनदेखा करती है कि उत्तर प्रदेश में रोज़गार के आँकड़ों पर विपक्ष का अपना रिकॉर्ड भी बहस का विषय रहा है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका चतुर्वेदी ने मोदी सरकार के 12 साल पर क्या कहा?
प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने देश की जनता को गुमराह करके अपना कार्यकाल पूरा किया है। उन्होंने मोदी को सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई देते हुए यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान तीसरा कार्यकाल NDA के समर्थन पर निर्भर है।
मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन क्यों रद्द हुआ और विपक्ष की क्या प्रतिक्रिया है?
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा रद्द किया गया। प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राजनीतिक प्रभाव की आशंका जताई और चुनाव आयोग से गंभीर जाँच की माँग की; कांग्रेस के इसे अदालत में चुनौती देने की संभावना है।
योगी आदित्यनाथ के 'धर्मशाला' बयान पर विपक्ष ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में कहा था कि भारत की धरती उनके लिए 'धर्मशाला' नहीं हो सकती जो यहाँ की संस्कृति का सम्मान नहीं करते। प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को धार्मिक-सांप्रदायिक मुद्दों की बजाय विकास और रोज़गार पर ध्यान देना चाहिए।
TMC और कांग्रेस के विलय की चर्चाओं पर प्रियंका चतुर्वेदी का क्या रुख है?
चतुर्वेदी ने कहा कि TMC-कांग्रेस विलय की खबरें अपुष्ट सूत्रों पर आधारित हैं और इनमें से कई स्रोत BJP या सरकार से जुड़े बताए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया अलायंस के भीतर भविष्य की रणनीति पर चर्चा जारी रहेगी।
शिवसेना (UBT) की मोदी सरकार के प्रति आलोचना का आधार क्या है?
शिवसेना (UBT) का आरोप है कि मोदी सरकार ने 12 वर्षों में जनता से किए गए वादों — विशेषकर रोज़गार और विकास के वादों — को पूरा नहीं किया। पार्टी यह भी मानती है कि विपक्षी नेताओं और संस्थाओं पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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