मोदी ने नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड तोड़ा: शिवसेना के संजय निरुपम बोले — जनकल्याण से बदली देश की तस्वीर
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 10 जून 2026 को मुंबई में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिनों तक देश का नेतृत्व कर स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। निरुपम ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार देते हुए कहा कि यह उपलब्धि मोदी के कार्यों और जनता के बीच उनकी व्यापक स्वीकार्यता का प्रमाण है।
जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी असर
निरुपम ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों, महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के कमजोर वर्गों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ लागू कीं, जिनका असर जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उनके अनुसार, इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है।
बुनियादी ढाँचे के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों, रेल, हवाई अड्डों और अन्य परियोजनाओं के माध्यम से भारत तेजी से आधुनिक अवसंरचना की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों ने देश की कार्यप्रणाली को बदला है।
रक्षा आत्मनिर्भरता और रोजगार
निरुपम ने कहा कि एक समय भारत रक्षा उपकरणों का बड़ा आयातक देश था, लेकिन आज रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की जा रही हैं। उनके अनुसार, इससे न केवल देश की सामरिक क्षमता मजबूत हुई है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और उद्योग के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
एनडीए बनाम इंडिया गठबंधन
निरुपम ने कहा कि यदि किसी नेता को जनता लगातार तीसरी बार सत्ता सौंपती है, तो यह उसके कार्यों और जनविश्वास का प्रमाण होता है। उन्होंने दावा किया कि जहाँ एक ओर विपक्षी इंडिया गठबंधन कमजोर होता जा रहा है, वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का विस्तार और प्रभाव बढ़ रहा है। उनके अनुसार, विपक्षी दलों के बीच मतभेद और नेतृत्व को लेकर असहमति है, जबकि एनडीए के घटक दल 'विकसित भारत 2047' के साझा एजेंडे पर एकजुट हैं।
मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद
निरुपम ने मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने पर भी कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उम्मीदवार को शपथपत्र में आय, संपत्ति और लंबित आपराधिक मामलों का पूरा विवरण देना होता है। उनके अनुसार, आवश्यक जानकारी न देना चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है और ऐसे में नामांकन रद्द किया जाना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।
योगी के बयान का समर्थन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का समर्थन करते हुए — जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश कोई धर्मशाला नहीं है — निरुपम ने कहा कि यह केवल उत्तर प्रदेश का नहीं बल्कि पूरे देश का विषय है। उन्होंने कहा कि जबरन धर्मांतरण और जनसंख्या संतुलन को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास पर रोक लगनी चाहिए तथा ऐसे मामलों की जाँच और कार्रवाई आवश्यक है।