मोदी का रिकॉर्ड कार्यकाल: 10 जून को नेहरू को पीछे छोड़ेंगे, शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2025 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे निर्वाचित कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे — यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक उल्लेखनीय मील का पत्थर है। इस अवसर पर शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और देशहित में लिए गए निर्णयों की सराहना की।
मनीषा कायंदे की बधाई और प्रतिक्रिया
मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए कायंदे ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व और खुशी का क्षण है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कभी व्यक्तिगत हितों के बारे में नहीं सोचा, बल्कि उनका पूरा ध्यान देश और जनता की सेवा पर केंद्रित रहा।' कायंदे के अनुसार, जनता के साथ सीधा संवाद और समस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्धता ही मोदी की व्यापक लोकप्रियता का मूल आधार है।
मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धियाँ
शिवसेना नेता ने कहा कि बीते वर्षों में मोदी सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शामिल बताया। कायंदे ने कहा कि ये ऐसे मुद्दे थे जिनकी लंबे समय से चर्चा होती रही थी और इन निर्णयों ने करोड़ों लोगों की भावनाओं को सम्मान दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की भी यही इच्छा थी कि ऐसे मुद्दों का समाधान हो।
एनडीए और शिवसेना का रुख
कायंदे ने स्पष्ट किया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है और इस पर उन्हें गर्व है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी इंडिया गठबंधन के भीतर आंतरिक मतभेद चर्चा में हैं। इंडिया गठबंधन की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन का एजेंडा लगातार बदलता रहता है और उसकी राजनीति स्वार्थ-आधारित प्रतीत होती है, जिसके कारण सहयोगी दलों के बीच समय-समय पर मतभेद उभरते रहते हैं।
भारत-रूस संबंधों पर कायंदे का बयान
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा भारत-रूस संबंधों की सराहना और पश्चिमी दबावों को विफल बताने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कायंदे ने कहा कि भारत और रूस के संबंध दशकों पुराने और बेहद मजबूत हैं। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच मित्रता, विश्वास और सहयोग की लंबी परंपरा रही है जो भविष्य में भी कायम रहेगी। कायंदे ने कहा कि यह मजबूत द्विपक्षीय संबंध आर्थिक, रणनीतिक और वैश्विक स्तर पर सहयोग को नई ऊँचाई देंगे।
आगे क्या
10 जून 2025 को मोदी के इस ऐतिहासिक पड़ाव पर एनडीए घटक दलों की ओर से बधाई संदेशों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। यह मील का पत्थर भारतीय राजनीति में मोदी की स्थायी छाप को रेखांकित करता है और 2029 के आम चुनावों से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कथा भी तैयार करता है।