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मोदी का रिकॉर्ड कार्यकाल: 10 जून को नेहरू को पीछे छोड़ेंगे, शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने दी बधाई

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मोदी का रिकॉर्ड कार्यकाल: 10 जून को नेहरू को पीछे छोड़ेंगे, शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने दी बधाई

सारांश

10 जून को पीएम मोदी नेहरू का सबसे लंबे निर्वाचित कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ेंगे — एक ऐसा मील का पत्थर जिसे एनडीए गठबंधन राजनीतिक पूँजी में बदलने में जुटा है। शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने राम मंदिर और अनुच्छेद 370 को मोदी की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ बताया।

मुख्य बातें

पीएम नरेंद्र मोदी 10 जून 2025 को जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे निर्वाचित कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ेंगे।
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने मोदी को बधाई देते हुए राष्ट्रसेवा को उनकी सबसे बड़ी पहचान बताया।
कायंदे ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 हटाने को मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धियाँ बताया।
एकनाथ शिंदे की शिवसेना एनडीए का हिस्सा है; कायंदे ने इंडिया गठबंधन की राजनीति को स्वार्थ-आधारित बताया।
कायंदे ने भारत-रूस संबंधों को दशकों पुराना और मजबूत बताते हुए भविष्य में भी सहयोग जारी रहने की बात कही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2025 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे निर्वाचित कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे — यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक उल्लेखनीय मील का पत्थर है। इस अवसर पर शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और देशहित में लिए गए निर्णयों की सराहना की।

मनीषा कायंदे की बधाई और प्रतिक्रिया

मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए कायंदे ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व और खुशी का क्षण है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कभी व्यक्तिगत हितों के बारे में नहीं सोचा, बल्कि उनका पूरा ध्यान देश और जनता की सेवा पर केंद्रित रहा।' कायंदे के अनुसार, जनता के साथ सीधा संवाद और समस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्धता ही मोदी की व्यापक लोकप्रियता का मूल आधार है।

मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धियाँ

शिवसेना नेता ने कहा कि बीते वर्षों में मोदी सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शामिल बताया। कायंदे ने कहा कि ये ऐसे मुद्दे थे जिनकी लंबे समय से चर्चा होती रही थी और इन निर्णयों ने करोड़ों लोगों की भावनाओं को सम्मान दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की भी यही इच्छा थी कि ऐसे मुद्दों का समाधान हो।

एनडीए और शिवसेना का रुख

कायंदे ने स्पष्ट किया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है और इस पर उन्हें गर्व है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी इंडिया गठबंधन के भीतर आंतरिक मतभेद चर्चा में हैं। इंडिया गठबंधन की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन का एजेंडा लगातार बदलता रहता है और उसकी राजनीति स्वार्थ-आधारित प्रतीत होती है, जिसके कारण सहयोगी दलों के बीच समय-समय पर मतभेद उभरते रहते हैं।

भारत-रूस संबंधों पर कायंदे का बयान

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा भारत-रूस संबंधों की सराहना और पश्चिमी दबावों को विफल बताने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कायंदे ने कहा कि भारत और रूस के संबंध दशकों पुराने और बेहद मजबूत हैं। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच मित्रता, विश्वास और सहयोग की लंबी परंपरा रही है जो भविष्य में भी कायम रहेगी। कायंदे ने कहा कि यह मजबूत द्विपक्षीय संबंध आर्थिक, रणनीतिक और वैश्विक स्तर पर सहयोग को नई ऊँचाई देंगे।

आगे क्या

10 जून 2025 को मोदी के इस ऐतिहासिक पड़ाव पर एनडीए घटक दलों की ओर से बधाई संदेशों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। यह मील का पत्थर भारतीय राजनीति में मोदी की स्थायी छाप को रेखांकित करता है और 2029 के आम चुनावों से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कथा भी तैयार करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कार्यकाल की लंबाई और शासन की गुणवत्ता को एक ही तराजू पर तौलना भ्रामक हो सकता है। एनडीए घटक दलों की बधाई-राजनीति यह भी दर्शाती है कि 2029 के चुनावों से पहले मोदी की छवि को 'ऐतिहासिक नेता' के रूप में स्थापित करने का प्रयास जोरों पर है। इंडिया गठबंधन पर कायंदे की टिप्पणी उस समय आई है जब तेलंगाना मुद्दे पर डीएमके की नाराज़गी सार्वजनिक है — यानी विपक्षी दरारें सत्तारूढ़ खेमे के लिए राजनीतिक अवसर बन रही हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि रिकॉर्ड कार्यकाल की चर्चा में नीतिगत निरंतरता और जवाबदेही के सवाल पीछे रह जाते हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी कब नेहरू का सबसे लंबे निर्वाचित कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ेंगे?
पीएम नरेंद्र मोदी 10 जून 2025 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे निर्वाचित कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे। यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक उल्लेखनीय मील का पत्थर माना जा रहा है।
मनीषा कायंदे कौन हैं और उन्होंने मोदी को बधाई क्यों दी?
मनीषा कायंदे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की नेता हैं, जो एनडीए गठबंधन का हिस्सा है। उन्होंने मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल की उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और ऐतिहासिक निर्णयों की सराहना की।
कायंदे ने मोदी सरकार की कौन-सी उपलब्धियाँ गिनाईं?
कायंदे ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियाँ बताया। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों ने करोड़ों लोगों की भावनाओं को सम्मान दिया और ये शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की भी इच्छा थी।
कायंदे ने इंडिया गठबंधन पर क्या कहा?
कायंदे ने कहा कि इंडिया गठबंधन का एजेंडा लगातार बदलता रहता है और उसकी राजनीति स्वार्थ-आधारित प्रतीत होती है। उनके अनुसार इसी कारण सहयोगी दलों के बीच समय-समय पर मतभेद सामने आते रहते हैं।
भारत-रूस संबंधों पर कायंदे का क्या रुख है?
कायंदे ने कहा कि भारत और रूस के संबंध दशकों पुराने और बेहद मजबूत हैं। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग की यह परंपरा भविष्य में भी कायम रहेगी और आर्थिक व रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती देगी।
राष्ट्र प्रेस
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