पुणे में जनगणना कर्मचारी पर हमला: महिला के कपड़े फाड़े, बेटे को 4 टांके; 5 आरोपियों पर FIR
सारांश
मुख्य बातें
पुणे नगर निगम की महिला कर्मचारी वनीता गोरखनाथ पाटोले (48) पर जनगणना-2027 के सर्वे के दौरान 28 मई 2026 को पुणे के स्वारगेट इलाके में कथित तौर पर बर्बर हमला किया गया। पीड़िता का आरोप है कि 10 से 12 लोगों के समूह ने उन्हें और उनके बेटे को घेरकर लात-घूंसों और पत्थरों से पीटा, उनके कपड़े फाड़े और जान से मारने की धमकी दी। स्वारगेट पुलिस स्टेशन में 5 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
वनीता पाटोले पुणे नगर निगम के बिबवेवाड़ी क्षेत्रीय कार्यालय में अटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें जनगणना-2027 के तहत स्वारगेट क्षेत्र की मीनाताई ठाकरे वसाहत का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
27 मई को दोपहर करीब 3 से 4:30 बजे के बीच जब वे गली नंबर-14 में काम कर रही थीं, तब विकास नवन्नाथ मोरे, उनकी पत्नी क्रांति मोरे, बहन मुक्ता कसबे, माँ लीलावती मोरे और भतीजे अभिजीत मोरे ने कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और सरकारी काम में बाधा डाली। पीड़िता के अनुसार, उसी दिन उन्हें धमकी भी दी गई थी।
28 मई को वनीता अपने बेटे और अन्य कर्मचारियों के साथ अधूरा काम पूरा करने दोबारा उसी इलाके में पहुँचीं। जब हालात बिगड़ते देख वे वहाँ से निकलने लगीं, तो आरोपियों ने और लोगों को बुलाकर हमला किया।
हमले का विवरण
पीड़िता के अनुसार, 10 से 12 लोगों के समूह ने उन्हें और उनके बेटे को घेर लिया और लात-घूंसों, पत्थरों तथा हाथों से हमला किया। उन्हें जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा गया। हमले के दौरान उनके बेटे को गंभीर चोट आई और उसे 4 टांके लगाने पड़े।
वनीता पाटोले ने बताया, 'मैं सिर्फ अपना कर्तव्य निभा रही थी। मेरा किसी से कोई निजी विवाद नहीं था। इसके बावजूद मुझे और मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा गया। मेरे कपड़े फाड़ दिए गए, साड़ी खींची गई और मुझे अपमानित किया गया। साथ ही मोबाइल फोन, घड़ी और गले की चेन छीनने की भी कोशिश की गई।'
उन्होंने यह भी कहा, 'मेरे साथ आए कर्मचारियों को भी पीटा गया। मुझे न्याय चाहिए।'
पुलिस की प्रतिक्रिया
शिकायत के बाद स्वारगेट पुलिस ने विकास नवन्नाथ मोरे, क्रांति विकास मोरे, मुक्ता राजाभाऊ कसबे, लीलावती नवन्नाथ मोरे और अभिजीत श्रीधर मोरे समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
स्वारगेट पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक यशवंत निकम ने कहा, 'जनगणना कार्य के दौरान महिला कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना हुई है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। झुग्गी बस्तियों में जनगणना को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। जहाँ भी कर्मचारियों को पुलिस सहायता की आवश्यकता होगी, वहाँ पूरा सहयोग दिया जाएगा।' फिलहाल पुलिस मामले की आगे जाँच कर रही है।
आम जनता और सरकारी कर्मचारियों पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जनगणना-2027 के लिए देशभर में घर-घर सर्वे का काम जोर-शोर से चल रहा है। गौरतलब है कि सरकारी कर्मचारियों, विशेष रूप से महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का सवाल पहले भी उठता रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या जनगणना दलों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक निकम का बयान संकेत देता है कि घनी बस्तियों और झुग्गी क्षेत्रों में जनगणना कार्य को लेकर जागरूकता और पुलिस समन्वय दोनों की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में इस मामले में गिरफ्तारियाँ और अदालती कार्रवाई अपेक्षित है।